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सेल ने मेडिक्लेम योजना 2025-26 के लिए नवीनीकरण प्रारंभ किया: पूर्व कर्मचारियों को मिलेगा विस्तारित लाभ : नवीनीकरण प्रारंभ होगा 11 जुलाई से अंतिम तिथि 10 अगस्त, 2025

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने पूर्व कर्मचारियों एवं उनके जीवनसाथियों को समर्पित मेडिक्लेम योजना का नवीनीकरण 11 जुलाई 2025 से 10 जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए कर दिया है। यह योजना मेसर्स न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआइनए) के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इस बार योजना में कई लाभकारी संशोधन और सदस्य हितैषी प्रावधान जोड़े गए हैं, जबकि योजना के मूल स्वरूप, इनपेशेंट (आइपीडी) तथा आउटपेशेंट (ओपीडी) कवरेज, को पूर्ववत रखा गया है।
नवीन योजना के अंतर्गत, अस्पताल में भर्ती (आइपीडी) उपचार के लिए प्रत्येक सदस्य के लिए रू. 4 लाख की बीमा सीमा यथावत रखी गई है, जिसमें सदस्य और उनके जीवनसाथी के बीच क्लबिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं बाह्य रोगी (ओपीडी) उपचार के लिए गैर-क्लब योग्य कवरेज को आयु-आधारित श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनमें 70 वर्ष से कम आयु वाले सदस्यों को रू. 4,000, 70 से 79 वर्ष के बीच के सदस्यों को रू. 8,000 तथा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सदस्यों को रू. 16,000 की राशि प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को जिस आयु वर्ग में सदस्य आते हैं, उसी आधार पर कवरेज तय होगी।
नए मेडिक्लेम में प्रीमियम दरों को भी सदस्य की आयु के अनुसार पुनर्गठित किया गया है। 70 वर्ष से कम आयु वालों के लिए वार्षिक प्रीमियम रू. 10,011 व 70 से कम परंतु 80 से अधिक नहीं आयु वालों के लिए रू. 6,861 तथा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले सदस्यों के लिए केवल रू. 100 की प्रतीकात्मक राशि निर्धारित की गई है। जो पूर्व कर्मचारी पूर्ववर्ती वर्ष में नामांकन से वंचित रहे या जिन्होंने योजना का नवीनीकरण नहीं कराया, उन्हें ‘गैप केस’ श्रेणी में सम्मिलित किया गया है और उनके लिए प्रीमियम दर सामान्य से दोगुनी रहेगी, हालांकि 80 वर्ष से ऊपर वालों के लिए रू. 100 का टोकन शुल्क ही लागू होगा। संयुक्त नामांकन की स्थिति में (सदस्य और जीवनसाथी दोनों), यह प्रीमियम रू. 20,022 से रू. 40,044 के बीच रहेगा, जो दोनों की आयु पर निर्भर करता है।
नीति अवधि के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी इस योजना में नए नामांकन के पात्र होंगे, जिनका प्रीमियम प्रो-राटा आधार पर लिया जाएगा। 2024–25 के दौरान पहले से नामांकित सदस्य आगामी अवधि के लिए योजना का नवीनीकरण कर सकते हैं। जिन सदस्यों ने योजना अवधि के दौरान अपने जीवनसाथी को खोया है, उन्हें अपने प्लांट या यूनिट के आईआरपी को सूचित कर श्रेणी परिवर्तन कराना होगा और नवीनीकरण के समय प्रीमियम पोर्टल पर जीवनसाथी का नाम हटाना होगा।
योजना के अंतर्गत थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के रूप में मेसर्स एमडी इंडिया हेल्थ इंश्योरेंस टीपीए प्राइवेट लिमिटेड की सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी। अस्पताल में भर्ती की कैशलेस अथवा रिएम्बर्समेंट दोनों प्रकार की चिकित्सा दावों की सूचना नियमानुसार देनी आवश्यक होगी, नियोजित भर्ती के लिए 48 घंटे पूर्व और आपात स्थितियों में 24 घंटे के भीतर। रिएम्बर्समेंट दावे डिस्चार्ज की तिथि से 30 दिन के भीतर तथा ओपीडी दावे रू. 2,000 की सीमा पार करने पर अथवा उपचार समाप्ति के 90 दिनों के भीतर, जो भी पहले हो, प्रस्तुत किए जाने होंगे।
प्रीमियम भुगतान एवं नामांकन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। योजना की सभी शर्तें, सीमाएं, बहिष्करण और दावा प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण विवरण मेडिक्लेम पुस्तिका में समाहित हैं, जिसे ईमेल के माध्यम से साझा किया गया है तथा यह सेल की वेबसाइट (https://www.sail.co.in) और मेडिक्लेम पोर्टल (http://sail.mdindia.com) पर भी उपलब्ध है। पूर्व कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर लें, जिससे आगामी योजना अवधि के दौरान उनकी चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित रह सके।
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भिलाई में जल भराव की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नगर सेवाएं द्वारा त्वरित कार्यवाही


विगत कई वर्षों के बारिष का रिकार्ड तोड़ते हुए वर्ष 2025 जुलाई माह में पिछले 3 दिनों के लगातार बारिष से भिलाई टाउनशिप के कई क्षेत्री में जल भराव ने आज 09 जुलाई 2025 को नगर को आपातकालीन स्थिति में ला दिया था। संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग द्वारा संयुक्त रूप से दिनभर प्रयास करके अवरूद्ध जल को निकालने में कामयाबी पायी और जनजीवन को सामान्य बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
भिलाई टाउनशिप के कई सेंक्टरों और सड़कों में, कई घरों में काफी पानी भर गया था। नाले के किनारे के आवासों में लगभग 1 फीट की ऊंचाई तक पानी भर गया था। जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग की संयुक्त टीम ने स्थिति को जांचने के लिए पूरे टाउनशिप का प्रातः 8ः30 बजे से निरीक्षण किया एवं अत्यधिक जल भराव के क्षेत्र विशेषकर सेक्टर 2 एवं सेक्टर-4 में, 3 जेसीबी के माध्यम से पानी के ठहराव को दूर करने में कामयाबी पायी और लोगों का जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि जलभराव का मुख्य कारण लोगों द्वारा बैकलेन में इन्क्रोचमेंट एवं ओपन नाली में शेड निर्माण की वजह से पानी का अवरूद्ध होना पाया गया। इसके साथ-साथ सड़क किनारे पेवर ब्लॉक लगाये जाने की वजह से पानी बहाव की गति अधिक हो गयी थी और पानी धरती में जाने के बजाय बहकर घरों के परिसरों में जाने लगा। इस स्थिति को देखते हुए जरूरत के अनुसार कार्यवाही की गई और नाली खोलने और पानी के निकासी की व्यवस्था की गई। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की समस्या से निपटने के लिए लोगों को समझाइष भी दिया गया कि ओपन नाली के ऊपर निर्माण कार्य न करें। भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के संयुक्त टीम द्वारा किया गया इस प्रयास को भिलाई वासियों ने काफी सराहा।
लगातार तीन दिनों की बारिश से सेक्टर के सभी नाले और नहर उफान पर आ गये है। विशेष रूप से सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-10 तक के कुछ हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था के अभाव या जाम नालियों के कारण घरों के सामने और आस-पास के क्षेत्रों में पानी भर जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में तो यह जलभराव घरों के भीतर तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हो रहा था।
भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवांए विभाग द्वारा मानसून पूर्व बैकलेन और सीवरेज नालियों की साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के कई प्रयास किए गए थे परन्तु नागरिकों द्वारा नालियों में फेंका गया प्लास्टिक और अन्य कचरा जल निकासी को अवरुद्ध कर देता है, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। इस अभियान में नगर सेवा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक पूरे दिन लगे रहे। देर शाम तक भी कुछ क्षेत्रों में कार्य जारी रहा।
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हिरीमाइंस् खदान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण : विभिन्न प्रजातियों के 500 पौधे रोपित किये गये

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के अंतर्गत हिरीं डोलोमाईट खदान में “एक पेड़ माँ के नाम” छत्तीसगढ़ शासन के आव्हान पर वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत खदान परिक्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 500 पौधे रोपित किये गये।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिला बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, उप महाप्रबंधक (हिर्री) श्री सोमनाथ कुमार सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और भिलाई इस्पात संयंत्र के हिर्री खदान के अधिकारियों ने वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और पौधे लगाये।


वृक्षारोपण कार्यक्रम के पश्चात कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा हिर्री खदान का विस्तृत भ्रमण किया गया। उन्होंने खदान की कार्यशैली को समीप से देखते हुये उसमें काफी उत्सुकता दिखाई और भिलाई इस्पात संयंत्र के हिर्री खदान समूह की कार्यप्रणाली पर खुशी जाहिर की।
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