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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन [आईएमए] द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. उदय कुमार को ‘प्रख्यात व्यक्तित्व चिकित्सक’ पुरुस्कार से सम्मानित किया गया : यह सम्मान केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह,केंद्रीय कैबिनेट मंत्री परवेश वर्मा और दिल्ली विधानसभा के सदस्य डॉ. अनिल गोयल की उपस्थिति में प्रदान किया गया

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन [आईएमए] मुख्यालय द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर 13 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (आईटीपीआई) में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन माननीय राज्य मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (भारत सरकार) डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में किया गया, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. उदय कुमार को “प्रख्यात व्यक्तित्व चिकित्सक पुरस्कार” प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री, लोक निर्माण विभाग, विधायी कार्य और सिंचाई मंत्रालय (एनसीटी, दिल्ली) श्री परवेश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा दिल्ली विधानसभा के सदस्य डॉ. अनिल गोयल विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उपस्थित अतिथियों ने चिकित्सा क्षेत्र में डाक्टरों के असाधारण योगदान, निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
डॉ. उदय कुमार को यह सम्मान उनकी चिकित्सकीय सेवा, सामाजिक प्रतिबद्धता, और उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए प्रदान किया गया, जो उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ के अंतर्गत संचालित जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र, भिलाई में अपने सेवाकाल के दौरान दी है।
इस पुरस्कार से सम्मानित होने पर डॉ. उदय कुमार ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान न केवल मेरे लिए, बल्कि पुरे जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र, भिलाई की पूरी टीम के लिए गर्व का विषय है। डॉ कुमार ने अपने सभी सहयोगियों, वरिष्ठ चिकित्सकों और मरीजों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस चिकिसकीय यात्रा में उनका सहयोग दिया।”
कार्यक्रम की आईएमए के विभिन्न पदाधिकारियों डॉ. दिलीप भानुशाली (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. आर. वी. असोकन (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. अनिलकुमार जे. नायक (अध्यक्ष निर्वाचित), डॉ. सरबारी दत्ता (महासचिव), एवं डॉ. पियूष जैन (वित्त सचिव) की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर चिकित्सा जगत में डॉक्टरों के अतुलनीय योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। डॉक्टरों द्वारा मानव जीवन की रक्षा, महामारी और आपदा काल में निस्वार्थ सेवा, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाना, तथा चिकित्सा अनुसंधान में नवाचार जैसे बहुआयामी योगदानों के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करना इस कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा।
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प्रिवेंटिव प्रयास से भिलाई इस्पात संयंत्र ने अबतक डेंगू को नियंत्रित रखा

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के जन स्वास्थ्य अनुभाग और जिला मलेरिया विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे व्यापक डेंगू रोकथाम और नियंत्रण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक, भिलाई टाउनशिप में डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है, जो इस दिशा में सही समय पर किए गए सार्थक प्रयासों का सीधा परिणाम है। भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा 23 जून 2025 से इस्पात नगरी में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम हेतु सघन अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत घर-घर सर्वे, जलजमाव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण, टेमीफॉस का निशुल्क वितरण, छिड़काव एवं फॉगिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
यह उपलब्धि अभियान दल की अथक मेहनत और सुनियोजित कार्यप्रणाली को दर्शाती है। जिला मलेरिया विभाग द्वारा प्रदान की गई 120 ब्रीडर चेकर की समर्पित टीम प्रतिदिन टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में व्यापक गतिविधियाँ चला रही है, जिसके अंतर्गत नियमित घर-घर सर्वे कार्य के तहत अब तक टाउनशिप के 40,000 से अधिक घरों में डेंगू के लार्वा की उपस्थिति की जाँच की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त घरों में कूलरों, पानी की टंकियों तथा आसपास मौजूद अन्य सभी जल निकायों की बारीकी से जाँच की जा रही है, क्योंकि ये डेंगू मच्छरों के प्रजनन के प्रमुख स्थल होते हैं। साथ ही मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए चिह्नित स्थानों पर और जल निकायों में नियमित रूप से पेस्टिसाइड (कीटनाशक) और निशुल्क टेमिफोस घोल का छिड़काव, आवासीय क्षेत्रों की बैक लेन में भी विशेष रूप से छिड़काव और ऑइलिंग की जा रही है, जहाँ अक्सर पानी जमा होने और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक होती है। मच्छरों को खत्म करने के लिए नियमित रूप से फॉगिंग भी की जा रही है, जिससे मच्छरों के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके।
यह अभियान बीएसपी के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला मलेरिया विभाग, दुर्ग के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। विगत 8-9 वर्षों से यह अभियान प्रतिवर्ष चलाया जाता है। इसके साथ ही डेंगू के प्रति जागरूकता और डोर टू डोर सर्वे का काम भी किया जाता है। इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम यह है कि इस वर्ष अब तक एक भी डेंगू के मरीज की पुष्टि नहीं हुई हैं। इस वर्ष जिस भी घर में डेंगू या मच्छरों का लार्वा पाया जाएगा, ऐसे घरों के निवासियों पर पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है।
जन स्वास्थ विभाग, भिलाई की प्रबुद्ध जनता से यह अपील करता है कि मच्छर नियंत्रण हेतु व्यक्तिगत स्तर पर किये जा सकने वाले उपाय जैसे कूलर एवं पानी की टंकियों को प्रति सप्ताह एक बार पूरी तरह खाली करना, खाली पड़े बर्तनों, पुराने टायरों में पानी का जमाव ना होने देना, रुके हुए पानी जिसे खाली करना संभव ना हो उस पर किसी भी प्रकार के तेल की कुछ बुँदे डालने एवं मच्छरदानी का नियमित उपयोग कर डेंगू एवं मच्छरों से होने वाले बीमारियों के रोकथाम में सहयोग करें।
पूर्व में डेंगू के भयावह प्रकोप के परिणामों का आंकलन करते हुए सख्त रणनीति बनाकर नियमों का कार्यान्वयन किया गया, जिसके फलस्वरुप वर्तमान में टाउनशिप में शुन्य डेंगू केस दर्ज किये गये| समय पर की गई इन कार्रवाइयों से न केवल डेंगू के संभावित खतरे को टाला गया है, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित टाउनशिप सुनिश्चित करने में भी मदद मिली है। यह सम्पूर्ण अभियान महाप्रबंधक (टीएसडी) श्री के के यादव के मार्गदर्शन व नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसे सहायक महाप्रबंधक (टीएसडी) श्री आर के गुप्ता और उप प्रबंधक (टीएसडी) श्री मुकुंद दास मानिकपुरी द्वारा नियमित मानिटरिंग किया जा रहा है।
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