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अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही : इस्पात नगर, रिसाली क्षेत्र में बीएसपी भूमि को सेवाएं विभाग कराया कब्जामुक्त


भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के प्रवर्तन अनुभाग ने आज 19 जुलाई, 2025 को इस्पात नगरी, रिसाली में अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही की और जेसीबी मशीनों के माध्यम से स्थाई कब्जे को तोड़ा गया। माननीय संपदा न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 867/2025 में आदेश दिनांक 04/07/2025 के आधार पर यह कार्यवाही की गई।
संदर्भित आदेशानुसार वार्ड नम्बर 29, इस्पात नगर, रिसाली, भिलाई स्थित बी.एस.पी. की भूमि से अवैध कब्जाधारियों के विरूध्द माननीय संपदा न्यायालय द्वारा डिक्री आदेश जारी कर अवैध कब्जाधारियो की बेदखली हेतु निर्देश जारी किया गया था। उक्त आदेश के क्रियान्वयन करते यह बेदखली कार्यवाही की गई।
माननीय संपदा न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रवर्तन अनुभाग की टीम द्वारा दिनाक 19 जुलाई 2025 को प्रातः 11.30 बजे उक्त भूमि से बेदखली कार्यवाही में पर्याप्त संख्या में पुलिश बल व सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग प्रदान किया, जिनमें नेवई, थाना प्रभारी श्री कमल सिंह सेंगर सहित महिला पुलिस व पुलिस बल की उपस्थिति तथा कार्यपालक मजिस्टेट श्री दिलेश्वर साहू के निर्देश एव उपस्थिति भी रही। कार्यवाही में महाप्रबंधक (प्रवर्तन और पीएचडी), नगर सेवाएं के के यादव भी उपस्तिथ थेl बेदखली कार्यवाही के दौरान कब्जाधारियों द्वारा बनाए पक्के स्ट्रक्चर को 02 जेसीबी मशीन की सहायता से ढ़हाया गया। स्थल से किसी भी प्रकार के सामानो की जप्ती नही की गयी। कार्यवाही के दौरान अवैध कब्जेधारी द्वारा कार्यवाही का विरोध किया गया तथा इनफ़ोर्समेंट टीम के साथ बहस और हुज्जत की गयी।
उक्त बीएसपी भूमि से अवैध कब्जा/ निर्माण को हटाने की कार्यवाही में भूमि अनुभाग के सर्वेक्षक श्री डाकेश्वर परगनिहा, श्री त्रिभुवन कौशिक के भूमि चिन्हांकन पश्चात कार्यवाही की गयी।



उपरोक्त बेदखली कार्यवाही में प्रवर्तन अनुभाग के अधिकारियों, कर्मचाारियों, निजी सुरक्षा गार्ड (महिला सुरक्षागार्ड) सहित जन. स्वा. विभाग के अधिकारियों कर्मचाारियों, भूमि अनुभाग के कार्मिकों के साथ कब्जा तोड़ने हेतु उपयोगी सभी उपकरण जिनमें 02 जे.सी.बी मशीन, टे्रक्टर ट्राली, मालवाहको आदि वाहनो इत्यादि के साथ लगभग 150 लोगो की टीम कार्यवाही मे शामिल रही।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 ने रचा उत्पादन इतिहास : दर्ज किए कई कीर्तिमान


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) ने उत्पादन, गुणवत्ता और प्रक्रिया अनुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज करते हुए भारतीय इस्पात निर्माण के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। 4 जून 2025 को एसएमएस-3 ने कच्चे इस्पात के संचयी उत्पादन में 17 मिलियन टन का महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया, जो इसकी निरंतर परिचालन उत्कृष्टता और रणनीतिक प्रक्रिया दक्षता का प्रमाण है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 बना रिकॉर्डों का वर्ष
वित्तीय वर्ष 2024-25 एसएमएस-3 के लिए अभूतपूर्व सिद्ध हुआ। इस अवधि में शॉप ने अब तक का सर्वोच्च वार्षिक क्रूड स्टील उत्पादन करते हुए 3.57 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.8% की वृद्धि है। मई 2025 में एसएमएस-3 ने 3.39 लाख टन मासिक क्रूड स्टील उत्पादन कर सेल के इतिहास में मासिक उत्पादन का सर्वोच्च कीर्तिमान स्थापित किया।
सेमी-फिनिश्ड स्टील में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
सेमी-फिनिश्ड स्टील के क्षेत्र में भी एसएमएस-3 ने नई ऊँचाइयाँ छुईं। वर्ष 2024-25 में 2.36 मिलियन टन बिलेट उत्पादन कर इसने अपने ही पूर्ववर्ती रिकॉर्ड 2.2 मिलियन टन (2023-24) को पीछे छोड़ दिया। ब्लूम उत्पादन भी बढ़कर 1.21 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष के 1.11 मिलियन टन से अधिक है।
दिसंबर 2024 में 2.35 लाख टन का सर्वश्रेष्ठ मासिक बिलेट उत्पादन दर्ज किया गया, वहीं जनवरी 2025 में 150 मिमी सेक्शन में 1.43 लाख टन का अब तक का सर्वोच्च उत्पादन हुआ। मई 2025 में ब्लूम उत्पादन का नया शिखर 1.35 लाख टन रहा।
कन्वर्टर और लैडल लाइफ में नया कीर्तिमान
परिचालन दक्षता के मानकों को बनाए रखते हुए एसएमएस-3 ने कन्वर्टर और लैडल लाइफ में भी उल्लेखनीय प्रगति की। कन्वर्टर-ए ने 12,718 हीट्स का असाधारण कनवर्टर लाइफ प्राप्त किया है। इसी तरह, लैडल नंबर 21 ने 28 मार्च 2025 को 114 हीट्स का सर्वश्रेष्ठ लैडल लाइफ दर्ज कर उत्कृष्ट रिफ्रैक्ट्री प्रबंधन और प्रोसेस स्टेबिलिटी को दर्शाया।
कास्टिंग मशीनों द्वारा कंटीन्यूअस कास्टिंग में रिकॉर्ड
कंटीन्यूअस कास्टिंग में परिचालन अनुशासन को कायम रखते हुए एसएमएस-3 ने अपनी कास्टिंग मशीनों पर कंटीन्यूअस कास्टिंग के नए कीर्तिमान बनाए। जनवरी 2024 में कास्टर सीके1 (105 मिमी सेक्शन) पर 145 हीट्स का सिक्वेंस दर्ज हुआ। सीके2 (150 मिमी सेक्शन) पर इसी माह 221 हीट्स का रिकॉर्ड बना। वहीं कास्टर सीवी1 (300 मिमी ब्लूम) ने मार्च 2024 में 213 हीट्स और सीवी2 ने जुलाई 2024 में 138 हीट्स का सिक्वेंस प्राप्त किया, जो प्रक्रिया अनुकूलन और निरंतर उत्पादन की मिसाल हैं।
वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स में भी अग्रणी योगदान
एसएमएस-3 सेल के वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स के पोर्टफोलियो में भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इनमें सबमर्ज्ड आर्क वेल्डिंग में प्रयुक्त कोर वायर ईएम12के और एसए-12 तथा मैनुअल मेटल आर्क वेल्डिंग इलेक्ट्रोड्स के लिए ईडब्लूएनआर शामिल हैं।
इंजीनियरिंग ग्रेड स्टील जैसे ईएन-8 (सी45 के समकक्ष), जिसका 150 मिमी सेक्शन में निर्माण सीवी1 पर होता है, तथा ईएन-19 जिसे दुर्गापुर के एएसपी में प्रोसेस कर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उपयोग किया जाता है, एसएमएस-3 की विविधता को दर्शाते हैं।
ईक्यूआर 550डी और सेल एसईक्यूआर 550डी जैसे उच्च शक्ति वाले रिबार निर्माण और रिटेल सेक्टर की मांगों की पूर्ति कर रहे हैं। इसके अलावा, डीगैस्ड 45सी8 सीआर ब्लूम्स का निर्माण भी किया जा रहा है, जो आगे चलकर वीआईएसएल में गियर शाफ्ट जैसे टेंपर्ड स्टील कंपोनेंट्स में रूपांतरित होते हैं।
संतुलित योजना, नवाचार और निष्पादन की मिसाल
एसएमएस-3 का यह समग्र प्रदर्शन एक सुव्यवस्थित, योजनाबद्ध और नवाचार-आधारित कार्य संस्कृति का परिणाम है। कन्वर्टर और लैडल जीवन, कास्टिंग सिक्वेंस, उत्पाद विविधता और गुणवत्ता—हर पक्ष सेल की “गुणवत्ता के साथ निरंतरता” की दृष्टि के अनुरूप है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन हेतु ‘ए आई रेडिनेस’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ : इस अवसर पर [सी एंड आईटी] के मुख्य महा प्रबंधक समीर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा डिजिटल युग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 18 जुलाई 2025 को बीएमडीसी सेक्टर-7 में “स्मेल्टिंग चेंज: एआई रेडीनेस फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन” नामक एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यपालकों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और बेसिक डेटा एनालिटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना है, ताकि कार्यस्थल पर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) श्री समीर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन में डिजिटल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता एवं उससे होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।
महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन – ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री एस. के. श्रीवास्तव इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम को स्वीकृति प्रदान करने एवं इसके मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने वक्तव्य में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को दीर्घकालिक रूप से लाभान्वित करेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाप्रबंधक (एचआर–एलएंडडी) श्री सौरभ वार्ष्णेय, के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। उन्होंने इस अवसर पर जेन-एआई-बीएसपी गुगल स्पेस से भी प्रतिभागियों को अवगत करवाया, जो उन्हें निरंतर डिजिटल सहयोग और सीखने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का समन्वय और प्रशिक्षण का दायित्व सहायक प्रबंधक (एचआर–एलएंडडी) श्री जोजन जोस ने निभाया। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ प्रशिक्षण की विषयवस्तु साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम में जागरूकता सत्रों के साथ-साथ एआई स्टूडियो, गामा.एआई, नोटबुक एलएम, तथा पाईथन आधारित पीवाई चार्म एवं गुगल कोलैब जैसे टूल्स पर व्यावहारिक अभ्यास शामिल किया गया है।
इस पहले संस्करण में बीएसपी के विभिन्न विभागों से कुल 19 कार्यपालकों ने सक्रिय प्रतिभागिता की। कार्यक्रम का लक्ष्य प्रतिभागियों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के चैंपियन के रूप में तैयार करना है, जो आगे चलकर अपने सहकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे तथा विभागीय टीमों में तकनीकी नवाचार और डिजिटल अपनाने को प्रोत्साहित करेंगे। कार्यक्रम का समापन श्री जोजन जोस द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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