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‘साहित्य सृजन संस्थान’ के तत्वावधान में “एक शाम पत्रकारों के नाम” का आयोजन : कवियों ने पत्रकारों पर सुनाई कविताएं : इस अवसर पर ‘नई दुनिया’ से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी को पत्रकारिता और साहित्य के लिए सम्मानित किया गया

👉 • ‘साहित्य सृजन संस्थान’ द्वारा राजकुमार धर द्विवेदी को सम्मान करते हुए मुख्य अतिथि संजय अलंग एवं संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा
• छत्तीसगढ़ आसपास
• रिपोर्ट : डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
रायपुर [20 जुलाई, 2025, वृंदावन हॉल] : ‘साहित्य सृजन संस्थान’ के तत्वावधान में “एक शाम पत्रकारों के नाम” समर्पित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया. यह आयोजन ‘नई दुनिया’ अखबार से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ पत्रकार कवि राजकुमार धर द्विवेदी के सम्मान में आयोजित किया गया था. देखा गया है पत्रकार, साहित्यकारों पर लिखा-पढ़ा करते हैं, लेकिन आज का यह आयोजन में साहित्यकार कवियों ने पत्रकारों को समर्पित रचनाओं का पाठ कर एक अनूठा आयाम दिया, जिसे कवियों के साथ पत्रकारों ने खूब लुल्फ उठाया.
आयोजन के मुख्य अतिथि रहे- पूर्व आईएएस अधिकारी संजय अलंग. अध्यक्षता ‘साहित्य सृजन संस्थान’ के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रियंका खत्री, पत्रकार प्रदीप जोशी, आशिफ इकबाल, राजकुमार धर द्विवेदी और संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष कवयित्री ममता खरे ‘ मधु’ मंचासीन थे.
इस अवसर पर पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी को ‘पत्रकारिता एवं साहित्य’ में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘साहित्य सृजन सम्मान’ से सम्मानित किया गया. साथ में पत्रकार प्रदीप जोशी, आशिफ इकबाल, ‘एशियन न्यूज़’ की एंकर आहना पुंज और ‘द लेंस’ की जर्नलिस्ट पूनम ऋतु सेन को भी पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया.
‘साहित्य सृजन संस्थान’ ने जून माह में ‘पिता’ पर केंद्रित काव्य पाठ का आयोजन किया था, जिसमें सर्वश्रेष्ठ काव्य पाठ एवं रचना के लिए सुरेंद्र रावल, पूर्वा श्रीवास्तव, डॉ. रामेश्वरी दास, कु. अदिति वर्मा और बालिका आराध्य शर्मा को ‘साहित्य सृजन सम्मान’ से सम्मानित किया गया.



‘एक शाम पत्रकारों के नाम’ काव्य पाठ में बड़ी संख्या में रचनाकारों ने पत्रकारों को केंद्रित करते हुए अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया. कुछ कवियों की प्रस्तुति प्रस्तुत है-

👉 • वृंदावन हॉल में उपस्थित रचनाकार
बढ़ता है सबका ज्ञान समाचार पत्र से/होती है ऊँची शान समाचार पत्र से/करते हैं लोग नाश्ता/पीते हैं खूब चाय/चलती हैं कुछ दुकान समाचार पत्र से.
– आर डी अहिरवार
सुनो-सुनो एक एैसी कहानी/कलम से कहती अपनी जुबानी/व्यथा सुनाकर अंतर्मन में/मैं खोई कुछ तुम खोए थे/कलम मुझे सच-सच बतलाना/मैं रोई या तुम रोए थे?
– डॉ. रामेश्वरी दास
खबरों के दाता और विधाता/पत्रकार ही होते हैं/जब तक पेपर छप न जाता/तब तक यह नहीं सोते हैं.
– शिवशंकर गुप्ता

👉 • चर्चित कवि ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल काव्य पाठ करते हुए…
करे इकठ्ठा सूचना, खोजबीन दिन-रात/सबको संपादित करे, सटिक बनाने बात/जीवन जोखिम डाल के, करे राज़ में छेद/रखते सत्य निकाल के, अंदर का ले भेद.
– ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल
👉 • पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी काव्य पाठ करते हुए…
जा सकती है जान राह में/इसका भी कोई गम नहीं/पत्रकार इस हिंद देश के/सैनिक से कुछ कम नहीं.
– जुगेश चंद्र दास
नींदें गिरवी रख दी जिन्होंने/सच की राह चुनी है/हर तूफ़ाँ से लड़ कर भी/आवाज़ बुलंद रखी है.
– सुषमा बग्गा
मेरे हाथ में इस वक्त ये जो अखबार है/शब्दों की कतार नहीं/ये दोधारी तलवार है.
– उमेश कुमार सोनी ‘नयन’
कशिश दिल में हो तो निखरते हैं रिश्ते/बिना कोशिशों के बिखरते हैं रिश्ते/समर्पण सरलता सदा साथ रखकर/सजते संवरते सुधरते हैं रिश्ते.
– ममता खरे ‘मधु’
ना तीर से तलवार से/कटारी की न धार से/लड़ते सदा ही जंग वो/ सिर्फ कलम के वार से.
– पुर्वा श्रीवास्तव
इन्होंने भी काव्य पाठ किया-
राजेंद्र रायपुरी, डॉ. सिधार्थ श्रीवास्तव, सीमा पाण्डेय ‘सीमा’, अनामिका शर्मा, मंजूषा अग्रवाल, पंखुरी मिश्रा, अंजू मिश्रा ‘अश्रु’, सुषमा पटेल, वंदना ठाकुर, किशोर लालवानी, सोनिया सोनी, आशा झा, हबीब खान ‘समर’, अंजू पाण्डेय, कल्याणी तिवारी, मन्नूलाल यदु, सुप्रिया शर्मा, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, राममूरत शुक्ला, राजकुमार शुक्ला, अशोक खरियाल, अजय सोनी, रमेश ओझा, विक्रम शारदा, सुनील शर्मा, विजया ठाकुर, रतन जैन, अमित कुमार सिन्हा, डॉ. एच एन गौतम, डॉ. चंद जैन, वीरेंद्र शर्मा ‘अनुज’, प्रमदा ठाकुर, संजय देवांगन, आयशा अहमद और योगेश बक्शी.


👉 • कविता पाठ करती हुई कवयित्री…
[ • रिपोर्ट एवं प्रस्तुति : डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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