- Home
- Chhattisgarh
- संस्मरण : ‘आईना टूट गया’ – कैलाश बरमेचा जैन
संस्मरण : ‘आईना टूट गया’ – कैलाश बरमेचा जैन

राज और अर्जुन—दो दोस्त, एक ही कॉलेज से इंजीनियरिंग करके निकले। दोनों ने टॉप रैंक पाई, मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब मिली, पैकेज भी भारी।
बचपन से एक-दूसरे के सपनों को साथ देखा था, लेकिन सोच और मंज़िल अलग-अलग थी।
राज हर चीज़ में तेज था—डिबेट, कोडिंग, पब्लिक स्पीकिंग। दुनिया उसे “जीनियस” कहती थी।
अर्जुन थोड़ा शांत था, हर बात पर सोचता, प्रश्न करता। कोई कुछ कहे तो तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देता—पहले अपने आप से बात करता।
कुछ सालों बाद, राज सोशल मीडिया पर छा गया। उसने एक स्टार्टअप शुरू किया, तेज़ी से ग्रो किया, पैसा आया, शोहरत आई… और धीरे-धीरे, नशा भी।
राज को लगता, “मैं जो कर रहा हूँ, वही सही है। कोई मुझे रोक नहीं सकता।”
उसकी बुद्धि ने उसे ऊंचा उड़ाया, लेकिन ज्ञान नहीं था कि कब रुकना है, कब झुकना है, और किस बात पर खुद से सवाल करना है।
वो माता-पिता की सलाह को “पुराना सोच” कहकर नज़रअंदाज़ करने लगा। रिश्तों में छल आया, दोस्ती में स्वार्थ।
अर्जुन ने भी स्टार्टअप शुरू किया, लेकिन धीमे चला। वो हर कदम पर खुद से पूछता, “क्या मैं सही कर रहा हूँ?”
उसने ध्यान सीखा, किताबें पढ़ीं, वृद्धाश्रमों में वक्त बिताया।
लोग कहते, “बहुत सोचता है ये बंदा”, लेकिन वो ज्ञान में जड़ें डाल रहा था।
एक दिन राज का स्टार्टअप डूब गया। एक गलत फैसले ने उसे करोड़ों का घाटा करा दिया। मीडिया ने उसे “फ्रॉड” कहना शुरू कर दिया।
वो टूटा नहीं… बिखर गया।
क्योंकि उसके पास सब कुछ था—बुद्धि, लेकिन ज्ञान नहीं था खुद को समझने का, स्वीकारने का, संभालने का।
वो आईने में देखता… लेकिन अब खुद की नज़रें नहीं मिला पाता था।
अर्जुन ने जब सुना, तो बिना सोचे उसके पास गया। राज रो रहा था। उसने कहा:
“मुझे समझ नहीं आ रहा, मैंने सब कुछ सही किया… फिर भी मैं हार गया।”
अर्जुन मुस्कराया, और धीरे से बोला:
“तू दुनिया को जीतना चाहता था, पर खुद से एक बार भी नहीं लड़ा। बुद्धि तुझे ऊपर ले गई, लेकिन ज्ञान न होने से तू यह भूल गया कि ऊंचाई पर गिरना सबसे खतरनाक होता है।”
राज ने सिर झुका लिया।
आज के दौर में हम सब ‘राज’ बनने की होड़ में हैं। तेज़, होशियार, स्मार्ट बनने की दौड़ में हम भूल जाते हैं कि ज्ञान वह जड़ है, जो हमें गिरने से बचाती है।
बुद्धि हमें उड़ना सिखाती है, लेकिन ज्ञान हमें यह सिखाता है कि कब और कहां उतरना है।

👉 • कैलाश बरमेचा जैन
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)