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- क्रांतिवीर सुखदेव राज स्मृति समारोह समिति [पुनर्गठन] की पहली बैठक : सुखदेव राज स्मारक पर विचार-विमर्श : स्मारक नवीनीकरण कार्य को संपादित करने के लिए 6 समितियों का गठन : देश के महान क्रांतिकारी सुखदेवराज की स्मृति को आने वाली पीढ़ी के लिए संजोकर रखना समाज और हम सबका दायित्व- कनक तिवारी, अध्यक्ष
क्रांतिवीर सुखदेव राज स्मृति समारोह समिति [पुनर्गठन] की पहली बैठक : सुखदेव राज स्मारक पर विचार-विमर्श : स्मारक नवीनीकरण कार्य को संपादित करने के लिए 6 समितियों का गठन : देश के महान क्रांतिकारी सुखदेवराज की स्मृति को आने वाली पीढ़ी के लिए संजोकर रखना समाज और हम सबका दायित्व- कनक तिवारी, अध्यक्ष

👉 • क्रांतिकारी सुखदेव राज स्मृति समारोह समिति [पुनर्गठन] के सर्वसम्मति से मनोनीत पदाधिकारी
• भिलाई-दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास]:
‘क्रांतिवीर सुखदेव राज स्मृति समारोह समिति’ [पुनर्गठन] की पहली बैठक विगत दिनों भिलाई निवास में समिति के अध्यक्ष कनक तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. पुनर्गठन समिति की बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलबीर सिंह भाटिया, उपाध्यक्ष प्रो. डी एन शर्मा, महासचिव बीके वर्मा, सचिव पीआर साहू, कोषाध्यक्ष जगमोहन सिन्हा,कार्यकारिणी सदस्य- रवि श्रीवास्तव, शरद कोकास, मुमताज, प्रदीप भट्टाचार्य, पुनीत कौशिक, महेरबान सिंह, सोनल कुमार गुप्ता, बीके शर्मा, बसंत कश्यप, हरमीत सिंह भाटिया, सुरिंदर पाल सिंह दुलाई, बी के शर्मा, डॉ. सुधीर हिसीकर, बी एल गजपाल और दिनेश वर्मा उपस्थित थे.

कनक तिवारी ने क्रांतिकारी सुखदेव राज का जीवन परिचय दिया तथा दुर्ग में उनके कार्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. उनके साथ बिताए पलों को याद किया. उनकी स्मृति में उनके सम्मान को संरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने की जरूरत है. इसलिए आज की इस बैठक में मूर्ति की उचित स्थापना तथा रखरखाव उठाए जाने का निर्णय लिया जाता है. महान क्रांतिकारी के सम्मान की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है.
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला में ‘अंडा’ गाँव में 08 दिसम्बर 1976 को मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल और शहीदे आजम भगतसिंह के भाई कुलतार सिंह के करकमलों से हुआ था. इस मौके पर क्रांतिकारी रामकृष्ण खत्री, मन्मथनाथ गुप्त, डॉ. भगवान दास माहौर, राजेंद्र पाल सिंह वारियर, गंगाधर गुप्त और हजारों ग्राम वासी मौजूद थे.
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‘अंडा’ गाँव में क्रांतिकारी सुखदेव राज की मूर्ति इस समय छतविहीन है. प्रशासन भी इस ओर समुचित कदम नहीं उठा रही है. मूर्ति स्थापित करने वाली संस्था ‘क्रांतिकारी सुखदेवराज स्मृति समारोह समिति’ का जनहित में पुनर्गठन किया गया है. स्मारक को नवीनीकरण और देख-रेख के लिए 6 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है. सितम्बर में सरदार भगतसिंह की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजन पर भी विचार किया गया. बैठक में 6 प्रस्ताव पारितकर गठित उप समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई.
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कनक तिवारी ने कहा कि- छत्तीसगढ़ के गौरव क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और शहीदे आजम भगतसिंह के करीबी साथी रहे. क्रांतिकारी सुखदेव राज दुर्ग नगर में करीब 8 साल रहे. दुर्ग के निकट ग्राम-अंडा में विनोबा भावे की प्रेरणा से खोले गए ‘आनंद आश्रम’ का संचालन करते हुए कुष्ठ रोगियों की सेवा करते रहे. वे दुर्ग में इंदिरा मार्केट के निकट शिशु कल्याण केंद्र में अपने मित्र की बेटी सरोजिनी नायकर, जो लेडी हेल्थ विजिटर थीं. उनके निवास में रहे और यहीं उनका निधन 05 जुलाई, 1973 को हुआ.


👉 • बैठक में {बाएँ से} मुमताज, शरद कोकास और प्रदीप भट्टाचार्य


👉 • ग्राम-‘अंडा’ में स्थापित क्रांतिकारी सुखदेव राज की मूर्ति

👉 • क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा
• बैठक के पूर्व सदस्यों का परिचय दिया गया. संचालन एवं आभार व्यक्त बीके वर्मा ने किया.
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