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राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 149वीं तिमाही समीक्षा [ई] बैठक सम्पन्न : बैठक की अध्यक्षता कार्यपालक निदेशक [मानव संसाधन] एवं कार्यकारी अध्यक्ष [राजभाषा कार्यान्वयन समिति] पवन कुमार ने की


भिलाई इस्पात संयंत्र : राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 148वीं तिमाही समीक्षा (ई) बैठक 25 जुलाई 2025 को कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई इस्पात संयंत्र, श्री पवन कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समस्त कार्यपालक निदेशकगण, मुख्य महाप्रबंधकगण, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन एवं जनसंपर्क), श्री अमूल्य प्रियदर्शी, उप महाप्रबंधक, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) सचिवालय, श्री राजीव कुमार तथा संयंत्र के सभी विभाग प्रमुखगण माननीय सदस्य के रूप में ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), श्री पवन कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी में पत्राचार के लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। हमें शत-प्रतिशत कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। इस दिशा में छोटे-छोटे प्रयासों से ही सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि, सितंबर माह में हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित करें और हिंदी पखवाड़ा को सफल बनाएँ।
बैठक के आरंभ में महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने पुस्तक भेंट कर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर का स्वागत किया।
महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) श्री सौमिक डे ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगामी सितंबर माह में हिंदी दिवस, हिंदी पखवाड़ा तथा संयंत्र स्तरीय वार्षिक हिंदी पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाना है। उन्होंने विभाग प्रमुखगण का आह्वान करते हुए कहा कि विगत वर्षों की भाँति सभी विभाग प्रमुखगण के श्रेष्ठ प्रयासों से इस वर्ष भी ये आयोजन अवश्य ही सफल होंगे, हमें पूर्ण विश्वास है।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन – राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने विगत बैठक की कार्यसूची का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, तत्पश्चात आगामी तिमाही की कार्यसूची का वाचन कर शत-प्रतिशत हिंदी में पत्राचार करने वाले विभागों का उल्लेख कर आगामी तिमाही की कार्यसूची का वाचन किया तथा आभार प्रदर्शन किया।
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आरसीएल में शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन : मुख्य अतिथि थे- मुख्य महाप्रबंधक [आरसीएल] राहुल श्रीवास्तव

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के आरसीएल विभाग में कार्यरत कर्मचारियों हेतु एम एंड यू-मानव संसाधन द्वारा कर्म शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में एम एंड यू सभागार में किया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन करने वाले 06 कर्मचारियों को कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में माह अक्टूबर 2024, नवम्बर 2024, दिसम्बर 2024, जनवरी 2025, फरवरी 2025 एवं मार्च 2025 के लिए क्रमशः श्रीमती निर्मला बाई, श्री मो. हनीफ, श्रीमती प्रीती रावत, श्री संतोष कुमार पटनायक, श्री राजरत्नम देवांगन एवं श्री राकेश कुमार पुष्पकर को को कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने पुरस्कार विजेताओं को प्रवीणता प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह, कार्मिक के जीवनसाथी हेतु प्रशंसा पत्र और मिठाई का कुपन प्रदान कर सम्मानित किया एवं पुरस्कार विजेताओं के कार्यस्थल में योगदान एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों को सराहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राहुल श्रीवास्तव ने उत्तम कार्य प्रदर्षन हेतु सभी पुरस्कृत कर्मियों को बधाई दी और आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते हुए अपने सहकर्मियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा “भिलाई इस्पात संयंत्र को ऊँचाइयों तक पहुंचाने में हमारे कार्मिकों का अमूल्य योगदान है। यदि वे अपने कार्यस्थल पर खुशहाल व सुरक्षित माहौल में पूर्ण लगन एवं समर्पण के साथ कार्य करें, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव संयंत्र की उत्पादकता और गुणवत्ता पर पड़ता है।” उन्होंने अनुभाग प्रमुखों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने अधीनस्थ कार्मिकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना कर उन्हें प्रोत्साहित करें।
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुरस्कार विजेताओं को बधाईयां दी और उन्हें आगे भी इसी प्रकार लगन से कार्य करते हुए सहकर्मियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने हेतु प्रोत्साहित किया। समारोह में मानव संसाधन – एम. एंड यू. कार्यालय के स्टाफ सदस्य भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन-एम एंड यू) श्री बी गोपाल राव द्वारा किया गया। शिरोमणि पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य अपने कार्यस्थल में सुरक्षा मानदंडों के साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग द्वारा संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मठ एवं सृजनशील कर्मचारियों को सम्मानित करना है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के यूआरएम ने 5 मिलियन टन प्राइम रेल उत्पादन का एतिहासिक मुकाम हासिल किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की अत्याधुनिक इकाई यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) ने 22 मई 2025 को 5 मिलियन टन प्राइम रेल उत्पादन का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया। वर्ष 2016 के दिसंबर माह में वाणिज्यिक उत्पादन आरंभ करने वाली इस इकाई ने मात्र आठ वर्षों में यह उपलब्धि प्राप्त कर भारतीय रेल निर्माण के क्षेत्र में नया अध्याय जोड़ा है।
इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित करने हेतु संयंत्र में एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं प्रशासन) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, तथा कार्यपालक निदेशक (माइन्स) श्री बी.के. गिरि की उपस्थिति रही। महाप्रबंधक प्रभारी (यूआरएम) श्री विशाल गुप्ता, संबद्ध विभागों एवं संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस आयोजन में सहभागिता की और यूआरएम टीम को भविष्य में भी उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने हेतु अपनी शुभकामनाएँ दीं।
उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सल रेल मिल की स्थापना देश में उच्च गुणवत्ता की रेलों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विशेषतः भारतीय रेलवे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए की गई थी। अपनी स्थापना से ही यूआरएम ने नवाचार, तकनीकी उन्नयन और दक्ष संचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। तकनीकी जटिलताओं और रखरखाव की चुनौतियों के बीच यूआरएम की टीम ने विचार-विमर्श, निष्पादन और समस्या समाधान की दिशा में निरंतर कार्य किया है।
यूआरएम ने भारतीय रेलवे की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप समय-समय पर अपने उत्पादों को विकसित किया है। ग्रेड 880 रेलों से लेकर उन्नत ग्रेड R260 और R350HT रेलों का उत्पादन, UIC-60 से 60E1 प्रोफाइल में बदलाव, तथा RDCIS के साथ मिलकर R350NC ग्रेड और NCC वेल्ड जॉइंट्स के ऑफलाइन हीट ट्रीटमेंट जैसी प्रगतिशील पहलें इसे भविष्य के लिए तैयार इकाई के रूप में प्रतिष्ठित करती हैं।
गुणवत्ता के क्षेत्र में भी यूआरएम ने उत्कृष्टता का परिचय दिया है। वित्त वर्ष 2017-18 में जहाँ गुणवत्ता स्वीकृति दर 82% थी, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 96% हो गई है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है। यह उपलब्धि निरंतर प्रक्रिया सुधार, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण एवं संवादात्मक मंचों के माध्यम से प्राप्त की गई है, जिसने वास्तविक समय में सीखने और त्वरित सुधार की संस्कृति को बढ़ावा दिया है।
यूआरएम द्वारा गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में किए गए विविध प्रयासों ने न केवल उत्पादकता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है, अपितु कार्यस्थल को भी अधिक सुरक्षित एवं सौंदर्यपरक बनाया है। यूनिट के परिधीय क्षेत्र का सौंदर्यीकरण इसे एक विश्वस्तरीय कार्यस्थल का स्वरूप प्रदान करता है।


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