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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के 14 अधिकारियों को भावभीनी विदाई : इस अवसर पर निदेशक प्रभारी चितरंजन महापात्र उपस्थित थे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में कार्यरत 14 अधिकारी 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त हो कर अपनी लंबी और समर्पित सेवा का सफलतापूर्वक समापन किया। इन अधिकारियों के सम्मान में 01 अगस्त 2025 को इस्पात भवन स्थित डीआईसी सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री चितरंजन महापात्र के साथ कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (एचआर) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. रविन्द्रनाथ एम. तथा कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार उपस्थित थे। इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों को सेवा प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
जुलाई माह में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (आरएसएम) श्री सुधीर सोर्टे, महाप्रबंधक (इंस्ट्रूमेंटेशन) श्री एस.आर. जत्रेले, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. नोहर सिंह ठाकुर, महाप्रबंधक (पी एंड बीएस) श्री एस.एन. सिंह यादव, उप महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री सुनील कुमार, सहायक महाप्रबंधक (एलडीसीपी) श्री दीपंकर कुमार मजूमदार, सहायक महाप्रबंधक (आईईडी) श्री मोह. आरिफ खान, सहायक महाप्रबंधक (एसईडी) श्री मृदुल कुमार श्रीवास्तव, सहायक महाप्रबंधक (एसपी-3) श्री आर.के. रणदीवे, सहायक महाप्रबंधक (पीपी एंड सी) श्री आर.के. शुक्ला, सहायक महाप्रबंधक (एचआर) श्रीमती जी.एम.वी. पद्मिनी कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (बीआरएम) श्री बिरेंद्र कुमार सिंह तथा उप प्रबंधक (टीपीएल) श्री ए.के. फुले शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव का विदाई समारोह पृथक रुप से निदेशक प्रभारी श्री चितरंजन महापात्र के मुख्य आतिथ्य एवं कार्यपालक निदेशकों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
अपने संबोधन में निदेशक प्रभारी श्री चितरंजन महापात्र ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संयंत्र के विकास में इन अधिकारियों की भूमिका सदैव याद रखी जाएगी। श्री महापात्र ने उन्हें अवकाशोपरांत जीवन में शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने, वित्तीय योजनाओं का विवेकपूर्ण प्रबंधन करने का आग्रह किया। विदाई समारोह के दौरान, श्री महापात्र ने सेवानिवृत्त अधिकारियों से आग्रह किया कि वे संयंत्र की निरंतर प्रगति हेतु अपने मूल्यवान अनुभव और सुझाव साझा करें।
सेवा निवृत्त अधिकारीगणों ने भी भिलाई इस्पात संयंत्र में बिताए अपने यादगार अनुभवों को साझा किया, संयंत्र संचालन में सुधार के लिए सुझाव दिए और अपने अवकाशोपरांत जीवन की योजनाओं के बारे में अवगत कराया।
इस अवसर पर उपस्थित कार्यपालक निदेशकों ने भी इन अधिकारियों की उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना की और उनके स्वस्थ, सुखी एवं संतोषपूर्ण जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
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कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 में आपदा प्रबंधन माक ड्रिल का सफल आयोजन

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 में 28 जुलाई 2025 को वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश पर परिकल्पित आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारियों का परीक्षण करना था। प्रत्येक विभाग में आकस्मिक आपदा से निपटने हेतु प्रोटोकाल बनाये गए हैं। वैधानिक नियमों के अनुसार आपदा प्रबंधन के लिए समय-समय इस प्रोटोकाल के जांच हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है।
28 जुलाई 2025 को लगभग 11ः05 बजे, “प्रिपरेटरी मॉक ड्रिल गतिविधि” के अंतर्गत वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश हुआ, जिससे एक कर्मचारी प्रभावित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही साइट इंचार्ज श्री प्रमोद वंजारी द्वारा शिफ्ट इंचार्ज श्री लाल बाबु वर्मा को सूचित किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्क्षण मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) श्री जे. पी. सिंह को स्थिति की जानकारी दी। इसके पश्चात कंट्रोल रूम से आपातकालीन सायरन बजाकर सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।
इस मॉक ड्रिल अभ्यास में अग्निषमन विभाग, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग, सिविल डिफेंस, मानव संसाधन विभाग, पर्यावरण प्रबंधन विभाग तथा एमएमपी-1 के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। इस अभ्यास के दौरान उप महाप्रबंधक श्री अमित जैन, सहायक महाप्रबंधक श्री पी.सी. तिवारी, सहायक महाप्रबंधक श्री सुनील पटने, उप प्रबंधक श्री एम.एम. पाण्डेय तथा कनिष्ठ प्रबंधक श्री आशीष श्रीवास्तव ने घटनास्थल कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 का अवलोकन किया। स्थिति पर नियंत्रण पाते ही “ऑल क्लियर” सायरन 11ः25 बजे बजाया गया।
मॉक ड्रिल के उपरांत मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) श्री जे. पी. सिंह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी एजेंसियों की तत्परता, समन्वय एवं प्रभावशीलता की सराहना की गई और उनका आभार व्यक्त किया गया।
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जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र में विश्व स्तनपान सप्ताह-2025 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित : मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक [चिकित्सा] डॉ. एम. रविंद्रनाथ थे : विशिष्ट अतिथि थे- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरभ मुखर्जी और डॉ. उदय कुमार


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई के शिशु रोग एवं नवजात शिशु विभाग द्वारा 01 अगस्त से 07 अगस्त 2025 तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ) द्वारा निर्देशित इस वर्ष की थीम “स्तनपान को प्राथमिकता दें: टिकाऊ समर्थन प्रणाली बनाएं” के अंतर्गत किया जा रहा है। सप्ताह भर चलने वाले इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य माताओं और समाज को स्तनपान के लाभों से अवगत कराना है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए बहुआयामी लाभकारी होता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा) डॉ. एम. रविंद्रनाथ रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरभ मुखर्जी और डॉ. उदय कुमार की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।
अपने उद्घाटन उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. एम. रविंद्रनाथ ने इस अभियान को सामुदायिक भागीदारी से सशक्त करने और इसे दीर्घकालीन रूप से प्रभावशाली बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार साहा ने स्तनपान को शिशु पोषण का सर्वोत्तम स्रोत बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग कॉलेज के छात्रों एवं डीएनबी डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक डॉ. एम. रविंद्रनाथ द्वारा किया गया। डीएनबी डॉक्टरों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने उपस्थितजन को स्तनपान के प्रति सोचने और जुड़ने का अवसर दिया। इसके उपरांत कुछ माताओं द्वारा अपने स्तनपान अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती लता मिश्रा ने किया व धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीता सचदेवा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
चिकित्सालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ओपीडी परिसर में पोस्टर प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक, शिशु वार्ड, नवजात इकाई, बाल रोग ओपीडी और नवजात ओपीडी में जागरूकता सत्र एवं स्तनपान परामर्श शामिल हैं। मिशन लक्ष्मी के माध्यम से समुदाय स्तर पर भी जानकारी प्रसारित की जा रही है। साथ ही नर्सिंग स्टाफ हेतु “स्तनपान प्रबंधन और समाधान” विषय पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया है।
इस कार्यक्रम के आयोजन में शिशु रोग विभाग की पूरी टीम — विभागाध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संबिता पांडा, नवजात इकाई प्रभारी एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार साहा, तथा डॉ. मीता सचदेवा, डॉ. नूतन वर्मा, डॉ. कौशिक किशोर, डॉ. माला चौधरी, डॉ. सुभास्मिता पट्टनायक और डॉ. रुचिका ताम्रकार — ने समर्पित रूप से भागीदारी निभाई और मार्गदर्शन में श्रीमती शायला अब्राहम एवं श्रीमती बीना जोस का सराहनीय सहयोग रहा।
शिशु रोग विभाग के सभी डीएनबी रेज़िडेंट — डॉ. सुभाष, डॉ. अक्षय, डॉ. राजकुमार, डॉ. मारोती, डॉ. पंकज, डॉ. सचिन, डॉ. अमृता, डॉ. पूजा, डॉ. आनंद, डॉ. उमेश, डॉ. प्रियदर्शिनी, डॉ. शशिकला, डॉ. मेघना, डॉ. मोइन और डॉ. रोमी — ने कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) देश के अग्रणी संस्थानों में से एक बनकर उभरी है। बेब़ी-फ्रेंडली हॉस्पिटल के रूप में मान्यता प्राप्त इस इकाई ने नवजात मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत 20 प्रति हजार से कम किया है। नवजात पोषण को प्राथमिकता देते हुए मातृ – दुग्ध बैंक की स्थापना की गई है — जो कि समस्त सेल अस्पतालों में पहला है। एनआईसीयू में प्रतिदिन माता-पिता के लिए आवश्यक नवजात देखभाल (ईएनबीसी) विषय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन सत्रों का संचालन डीएनबी प्रशिक्षुओं एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जाता है।


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