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▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

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एलडीसीपी विभाग के कर्मचारी शिरोमणि पुरुस्कार से हुए सम्मानित : मुख्य अतिथि महाप्रबंधक [एलडीसीपी, आरएमपी-2 एंड 3] वीके ओगले थे

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एलडीसीपी विभाग में 31 जुलाई 2025 को कर्म शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन महाप्रबंधक (एलडीसीपी, आरएमपी-2 एवं 3) श्री वी के ओगले के मुख्य आतिथ्य में किया गया।
कार्यक्रम में एल.डी.सी.पी. विभाग के श्री कृष्ण बलराम यादव, जुनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट (आर.एम.पी-3, प्रचालन) को माह अप्रैल 2025 के लिए, श्री रणजीत सिंग, जुनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट (आर.एम.पी.-3, यांत्रिकी) को मई 2025 के लिए तथा श्री जगमोहन सिंग ठाकुर (आर.एम.पी.-2, विद्युत) को जून 2025 के लिए कर्म शिरोमणी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिरोमणि पुरस्कार विजेताओं को स्मृति चिन्ह के रूप में प्रशस्ति पत्र, जीवनसाथी हेतु प्रशंसा पत्र तथा मिठाई का कूपन प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि श्री वी के ओगले ने अपने उदबोधन में श्रमवीरों को बधाई देते हुए कहा कि हमें सुरक्षित कार्यप्रणाली पर ध्यान देते हुए ही उत्पादन को जारी रखना है। सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। आप लोगों ने अपनी उत्कृष्ट कार्य संस्कृति से चुनौतियों को अवसर में बदलकर कठिन कार्यो को अंजाम दिया हैं और आगे भी हमें सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर उत्पादन कार्य में संलग्न रहना है।
इस समारोह में एलडीसीपी विभाग के महाप्रबंधकगण श्री संजय नायक, श्री डी.के.वर्मा, श्री शत्रुघन श्रीवास्तव तथा सहायक प्रबंधक श्री विलास कुमार झा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित विशेष अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।
कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त श्रम कल्याण अधिकारी (एचआर, स्टील जोन-2) श्री के डी बघेल एवं श्री आर के ठाकुर ने किया। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य अपने कार्यस्थल/पाली में नवीनता, बेहतर संसाधनों का उपयोग एवं संगठनात्मक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सुरक्षा के मानक मापदण्डों के साथ विभाग में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मठ एवं सृजनशील कार्मिकों को एक विशेष पहचान प्रदान कर सम्मानित करना है.
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एमडब्ल्यूआरएम विभाग में ‘नई चेतना’ कार्यक्रम का आयोजन : मुख्य अतिथि मर्चेंट एवं वॉयर रॉड मिल में मुख्य महाप्रबंधक [एमडब्ल्यूआरएम] एम के गोयल थे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मिल जोन-1 के अंतर्गत मर्चेन्ट एवं वायर रॉड मिल विभाग में मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री एम के गोयल के मुख्य आतिथ्य में ‘नई चेतना’ कार्यक्रम का आयोजन 01 अगस्त 2025 को किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एम एंड एचएस) श्रीमती शुभश्री प्रषांत, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती जया रॉय, सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन-सेवाएं) श्री उपेन्द्र कुमार शर्मा सहित विभागीय कर्मचारी एवं ठेका श्रमिक महिलाएं उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला ठेका श्रमिकों को वैधानिक अधिकारों, कल्याणकारी सुविधाओं, वेतन, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं महिला उत्पीड़न के बारे में जागरूक कराना था।
मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री एम के गोयल ने ‘नई चेतना’ कार्यक्रम के आयोजन के उद्देष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि संयंत्र द्वारा महिला कर्मियों के हितार्थ चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं से अवगत कराने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत प्रत्येक महिला ठेका श्रमिक को अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों, अधिकारों, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित समुचित जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित महिला श्रमिकों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर दी जा रही जानकारियों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें। श्री गोयल ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को महिला ठेका श्रमिकों के हित में जन-जागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए एच.आर. विभाग द्वारा किए गए इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एम एंड एचएस) श्रीमती शुभश्री प्रषांत ने महिला ठेका श्रमिकांे को संतुलित भोजन, उचित खानपान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती जया रॉय ने ठेका श्रमिक महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित जानकारी प्रदान की।
सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन-सेवाएं) श्री उपेन्द्र कुमार शर्मा ने महिला श्रमिकों को मिलने वाले न्यूनतम वेतन, बोनस, पीएफ, ईएसआईसी एवं भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए चलाये जा रहे छात्रवृति योजना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व (एस ए-8000) पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का समन्वय एवं संयोजन उप प्रबंधक (एच.आर.-मिल्स जोन-1) श्रीमति समायला अंसारी द्वारा किया गया.
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राजहरा माइंस अस्पताल में 14 वां एक दिवसीय व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के राजहरा माइंस हॉस्पिटल में 01 अगस्त 2025 को 14वां एक दिवसीय निःशुल्क व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने स्थानीय समुदाय को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सकीय परामर्श के साथ, स्थानीय समुदाय की चिकित्सा संबंधी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु विशेषज्ञों की एक विस्तृत श्रृंखला को सुनिश्चित करना है। एक दिवसीय शिविर में 660 से अधिक परामर्श प्रदान किए गए, विभिन्न नैदानिक जांच, उपचार के साथ 10 इंट्राआर्टिकुलर इंजेक्शन और 08 प्लास्टर लगाए गए, जिससे स्थानीय समुदाय को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ।
इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर हेतु संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें विभाग और जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र की टीम का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें) डॉ कौशलेन्द्र ठाकुर ने किया। शिविर में पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद बिनायके (मेडिसिन), डॉ. चंदन दास (हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ. जीवन लाल (गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी), डॉ. नीना गुहा (प्रसूति एवं स्त्री रोग), डॉ. कुमुदिनी तिग्गा (पेन मैनेजमेंट), डॉ. इमैनुएल मैसी (अस्थि रोग), डॉ. मनीष देवांगन (सर्जरी), डॉ. कौशिक किशोर (बाल रोग), डॉ. अश्विन जायसवाल (ईएनटी), डॉ. आरती जैन (नेत्र रोग), डॉ. राहुल राजीव (मनोरोग), डॉ. शशांक अग्रवाल (त्वचा रोग विशेषज्ञ), सुश्री देवकी साहू (कनिष्ठ प्रबंधक), श्रीमती सुरजा जयप्रसाद (आहार विशेषज्ञ), श्री विकास पांडेय (फिजियोथेरेपिस्ट), डीएनबी डॉ. अभिषेक (ऑर्थो), डीएनबी डॉ. अग्नि (ईएनटी), डीएनबी डॉ. पारुल (प्रसूति एवं स्त्री रोग), डीएनबी डॉ. कल्याणी (नेत्र रोग), डीएनबी डॉ. सुभाष (बाल रोग), डीएनबी डॉ. आदित्य (मेडिसिन), सुश्री रुखसार (फिजियोथेरेपी अप्रेंटिस) तथा श्री नितीश (रेडियोलॉजी टेक्निशियन) सहित जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र, भिलाई के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। इसके अतिरिक्त राजहरा मेडिकल हॉस्पिटल से डॉ अमित पाण्डेय तथा उनके समस्त मेडिकल स्टाफ ने शिविर के सफल आयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मरीजों को विभिन्न बीमारियों और चिकित्सा-स्वास्थ्य समस्याओं के लिए परामर्श, नैदानिक परीक्षण और उपचार प्रदान किए गए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पुरे दिन स्थानीय समुदाय को आवश्यक चिकित्सकीय सेवा प्रदान करने का समग्र प्रयास किया। शिविर में स्थानियों को 10 इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन (जोड़ों में लगने वाले इंजेक्शन) लगाए गए और 08 प्लास्टर चढ़ाए गए। साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी सत्र भी आयोजित किए गए, जहां मरीजों को विभिन्न निवारक उपायों और जीवन शैली अपनाने के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
राजहरा माइंस अस्पताल में आयोजित मेगा मेडिकल कैम्प के दौरान विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत डॉ. कौशिक, डॉ. नीना गुहा एवं डीएनबी डॉ. सुभाष ने शिविर में उपस्थित माताओं एवं परिजनों को स्तनपान के महत्व, पोषण संबंधी सही जानकारी देने के साथ शिशु के समग्र विकास में इसकी भूमिका और उससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के राजहरा माइंस हॉस्पिटल में एक दिवसीय निःशुल्क व्यापक स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें) डॉ एम रविन्द्रनाथ के मार्गदर्शन में और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें) डॉ विनीता द्विवेदी, डॉ कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ सौरव मुखर्जी, डॉ उदय कुमार तथा राजहरा माइंस के मुख्य महाप्रबंधक श्री आर बी गहरवार, कार्मिक अधिकारी श्री तुषार राय चौधरी सहित राजहरा माइंस अस्पताल के कर्मचारियों ने भी स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया.


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सेल ने आईएनएस ‘अजय’ और आईएनएस निस्तार के लिए इस्पात आपूर्ति कर, रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत किया


भारत की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना के दो महत्वपूर्ण जहाजों, आईएनएस ‘अजय’ और आईएनएस ‘निस्तार’ के लिए विशेष इस्पात की आपूर्ति करके देश के रक्षा स्वदेशीकरण प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन दोनों जहाजों में से आईएनएस ‘अजय’ को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा पिछले जुलाई महीने के दौरान लांच किया गया जबकि आईएनएस निस्तार को भी पिछले जुलाई महीने के दौरान ही हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) द्वारा कमीशन किया गया।
आईएनएस ‘अजय’ के लिए सेल ने ज़रूरत की पूरी डीएमआर ग्रेड स्टील प्लेट्स की आपूर्ति की है, जो इस उच्च-गुणवत्ता वाले इस्पात पोत की संरचनात्मक मजबूती और स्टील्थ क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण है। आईएनएस ‘अजय’ गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आठवां और अंतिम स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) है।
इसी तरह से सेल ने हाल ही में कमीशन किए गए आईएनएस निस्तार के लिए विशेष ग्रेड प्लेट्स की जरूरत की पूरी मात्रा की सप्लाई की है। आईएनएस निस्तार भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा कमीशन की गई आईएनएस निस्तार, पनडुब्बी बचाव कार्यों, गहरे समुद्र में गोताखोरी और निरंतर गश्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
सेल, भारत की नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्रीय रक्षा लक्ष्यों के लिए कंपनी के रणनीतिक सहयोग को दिखाता है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में सेल की अभिन्न भूमिका को भी रेखांकित करता है। इस्पात के प्रत्येक टन के साथ, सेल भारत की समुद्री तत्परता और रक्षात्मक भरोसे की नींव को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है.
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भिलाई महिला समाज ने सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया 68वां स्थापना दिवस : मुख्य अतिथि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की कुलपति प्रो. [डॉ] लवली शर्मा थीं


भिलाई की प्रमुख महिला संस्थाओं में अग्रणी भिलाई महिला समाज [बीएमएस] ने 04 अगस्त 2025 को महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर में हर्षोल्लास के साथ अपना 68 वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगठन की गौरवपूर्ण 68 वर्षीय यात्रा पर भावपूर्ण स्मरण के साथ समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक पहलों में इसके योगदान को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा की गरिमामय उपस्थिती रही। विशेष अतिथियों में भिलाई महिला समाज की उपाध्यक्ष श्रीमती प्रणोती मुखोपाध्याय, श्रीमती मोली चक्रवर्ती, श्रीमती छवि निगम, श्रीमती आशा रानी, श्रीमती स्मिता गिरि, श्रीमती पूनम कुमार एवं श्रीमती रेणुका रवींद्रनाथ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि एवं गणमान्यजनों द्वारा वार्षिक स्मारिका का विमोचन किया गया तथा भिलाई महिला समाज की 68 वर्ष की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर भिलाई महिला समाज की सभी पदाधिकारी, महासचिव श्रीमती सोनाली रथ, सह-सचिव श्रीमती दीपान्विता पॉल, कोषाध्यक्ष श्रीमती शिखा जैन, सह-कोषाध्यक्ष श्रीमती रीता तिवारी सहित विभिन्न क्लबों एवं इकाइयों की सदस्याएँ एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राजहरा माईन्स से भी महिला सदस्यगण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने अपने संबोधन में भिलाई महिला समाज को उसके 68 वें स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह उनके जीवन का पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को एक साथ देखा है। उन्होंने इसे अनूठा, सुंदर और विविध रूपों में शक्ति से परिपूर्ण बताया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि महिलाएँ, चाहे वे कार्यरत हों या गृहिणी, प्रायः अपनी जिम्मेदारियों में इतनी गहराई से संलग्न रहती हैं कि स्वयं के लिए समय ही नहीं निकाल पातीं। ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, क्योंकि ये न केवल जीवन को समृद्ध करते हैं बल्कि आत्मा को भी ऊर्जा और आनंद प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएँ स्वभावतः सशक्त और समर्थ होती हैं और यदि वे दृढ़संकल्पित हों तो वे न केवल अपने और अपने परिवार, बल्कि पूरे राष्ट्र के उत्थान में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। डॉ. शर्मा ने भिलाई महिला समाज की सभी सदस्याओं से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएँ और राष्ट्र के सर्वांगीण कल्याण में सक्रिय भागीदारी करें।
उपाध्यक्ष श्रीमती स्मिता गिरि ने अपने उद्बोधन में कहा कि भिलाई महिला समाज ने सदैव सेवा, निष्ठा और आत्मनिर्भरता को अपने कार्यों का केंद्र बनाया है। यह संस्था महिलाओं को नेतृत्व और सामाजिक संवेदनशीलता के अवसर प्रदान करती रही है। उन्होंने 1970 के दशक का स्मरण करते हुए बताया कि आचार्य विनोबा भावे और मदर टेरेसा ने भिलाई महिला समाज की गतिविधियों का अवलोकन किया था, और विनोबा भावे ने भावविभोर होकर कहा था कि बीएसपी वास्तव में ‘भलाई’ इस्पात संयंत्र है। श्रीमती गिरि ने संयंत्र प्रबंधन के सतत सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
स्थापना दिवस समारोह की विशेषता रही श्रीमती नलिनी श्रीवास्तव ट्रॉफी की घोषणा, जो संस्थापक अध्यक्ष की स्मृति में प्रतिवर्ष सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले क्लब को प्रदान की जाती है। ज्ञातव्य है कि 04 अगस्त 1957 को श्रीमती नलिनी श्रीवास्तव ने 50 समर्पित सदस्याओं के साथ भिलाई महिला समाज की स्थापना की थी। इस वर्ष यह ट्रॉफी दो क्लबों सेक्टर-5 क्लब तथा सेक्टर-10 ए क्लब ने संयुक्त रूप से जीतीं।
कार्यक्रम में सांकृतिक आकर्षण के रूप में शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, देशभक्ति नृत्य, समूहगान, नृत्य-नाटिका और संगीतमय प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों में भिलाई महिला समाज की विभिन्न इकाइयों एवं क्लबों की सदस्याओं ने भाग लिया, जिससे संस्था की गहरी सांस्कृतिक जड़ें परिलक्षित हुईं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती छवि निगम द्वारा कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के जीवन-वृत्त का परिचय दिया गया। वह एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक, संगीतशास्त्री, संगीत-चिकित्सक एवं शिक्षाविद हैं और डी. लिट. उपाधि प्राप्त करने वाली भारत की प्रथम महिला सितार वादक हैं।
महासचिव श्रीमती सोनाली रथ ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर पिछले वर्ष की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती उत्तरा मिश्रा एवं श्रीमती आशा राय ने किया तथा कोषाध्यक्ष श्रीमती शिखा जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.




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