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25वीं छत्तीसगढ़ सीनियर बॉल बैडमिंटन प्रतियोगिता का समापन : पुरुष वर्ग में दुर्ग निगम और महिला वर्ग में कबीरधाम बना चैंपियन


4-6 अगस्त, 2025 तक सेक्टर-4 स्थित बीएसपी बॉल बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ सीनियर बॉल बैडमिंटन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 2025-26 का समापन रोमांचक सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ। पुरुष वर्ग में जहां दुर्ग निगम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप जीता, वहीं महिला वर्ग में कबीरधाम की टीम ने विजेता के ख़िताब पर कब्ज़ा जमाया।
पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान दुर्ग निगम, द्वितीय स्थान भिलाई इस्पात संयंत्र और तृतीय स्थान महासमुंद को प्राप्त हुआ, जबकि महिला वर्ग में प्रथम स्थान कबीरधाम, द्वितीय स्थान भिलाई इस्पात संयंत्र और तृतीय स्थान महासमुंद ने हासिल किया।
पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में बीएसपी ने दुर्ग जिले को 35-23 और 35-15 से पराजित किया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दुर्ग निगम ने महासमुंद को 35-33 और 35-21 से मात दी। बीएसपी और दुर्ग निगम के बीच हुए फाइनल मुकाबले में दुर्ग निगम ने मैच को 28-35, 35-31 और 36-34 से जीत लिया।
महिला वर्ग में पहले सेमीफाइनल मैच में कबीरधाम ने धमतरी को 35-24 और 35-21 से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में बीएसपी ने महासमुंद पर 35-28 और 35-24 से जीत दर्ज की। खिताबी मुकाबले में कबीरधाम और बीएसपी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसमें कबीरधाम ने 35-31 और 35-28 से जीत हासिल करते हुए खिताब अपने नाम किया।
समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ बॉल बैडमिंटन संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री इसरार अहमद खान, भिलाई इस्पात संयंत्र बॉल बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष व उप महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस-बीएसपी) श्री राजी उननोनी, भिलाई इस्पात संयंत्र बॉल बैडमिंटन क्लब के सचिव श्री डी.वी.एस. रेड्डी, छत्तीसगढ़ बॉल बैडमिंटन संघ के कोषाध्यक्ष श्री श्यामल बनर्जी, रेफरी श्री अंकित लुनिया, श्री गोपाल साहू, श्री सेवन दास, श्री चिंतामणि, श्री केशव, श्री रितु ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उपस्थित पदाधिकारियों व प्रशिक्षकों ने विजेता टीमों को बधाई दी और आगे भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में टारपीडो लेडल ने रचा इतिहास – 2000 हीटस का नया कीर्तिमान : मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार रहे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने एक बड़ी उपलब्धि के रूप में संयंत्र के एक टॉरपीडो लैडल ने सफलतापूर्वक 2000 हीट पूरी कीं। यह टॉरपीडो लेडल, ब्लास्ट फर्नेस से एसएमएस- 3 तक हॉट मेटल के सुरक्षित व कुशल परिवहन में अहम भूमिका निभाने वाली आधुनिक इकाई है।
इस कीर्तिमान के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें मुख्य महाप्रबंधक (लौह) श्री तापस दासगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (एमएंडयू) श्री बिजय बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) श्री मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री प्रोसेन्जीत दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा, “यह संख्या केवल एक रिकॉर्ड है, हमारा वास्तविक लक्ष्य निरंतर प्रगति और सुधार होना चाहिए। केंद्रित टीमवर्क के साथ हम निश्चित ही और ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।” उन्होंने आरईडी, बीएफ और एसएमएस-3 टीमों की योजनाबद्ध कार्यशैली, समर्पण और योगदान की प्रशंसा की, जिसने परिचालन प्रदर्शन और रिफ्रैक्ट्री जीवन में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की।
वहीँ अपने संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री प्रोसेन्जीत दास ने टॉरपीडो लेडल रिपेयर शॉप (टीएलआरएस) टीम और रिफ्रैक्ट्री पार्टनर आरएचआई मैग्नीसीटा के अथक प्रयासों की प्रशंसा की और आने वाले वर्षों में भी इस प्रगति को जारी रखने का आह्वान किया। इस उपलब्धि को हासिल करने में आरईडी (टीएलआरएस इंचार्ज) श्री मोहम्मद साबिर, बीएफ (टॉरपीडो इंचार्ज) श्री पी. आर. अजयन, श्री जे. आर. मारकंडे, श्री हर्षवर्धन सिंह, श्री शुभम कार्तिकेयन एवं आरईडी टीएलआरएस टीम की सतत निगरानी, रखरखाव चक्रों के प्रबंधन और प्रदर्शन मूल्यांकन में की गई मेहनत ने अहम भूमिका निभाई।


कार्यक्रम का समापन केक काटकर किया गया.
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राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर बीएसपी के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम : निदेशक प्रभारी चितरंजन महापात्र ने चिकित्सालय ओपीडी ब्लॉक से झंडी दिखाकर रवाना किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र (जेएलएनएच एंड आरसी) में अंगदान महोत्सव–2025 के अंतर्गत अंगदान के प्रति जनजागरूकता वृद्धी एवं भ्रांतियों के निवारण के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे वैश्विक जागरूकता आंदोलन का हिस्सा है।
अभियान के तहत 8 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के बर्न यूनिट द्वारा अंगदान जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वॉकाथॉन को निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री. चित्त रंजन महापात्र ने चिकित्सालय के ओपीडी ब्लॉक से झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉक्टरों और कर्मचारियों की यह रैली बैनरों, पोस्टरों और स्लोगन बोर्ड के साथ आगे बढ़ी, जिसके अगवाई में ‘अंगदान संदेश वाहन’ भी चला, जिसमें अंगदान गीत का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री. एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री. ए. के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री. प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री. पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री. बिपिन कुमार गिरि, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री. राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. रवींद्रनाथ एम., मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. सौरव मुखर्जी, डॉ. उदय कुमार, वरिष्ठ चिकित्सक एवं चिकित्सालय कर्मी उपस्थित थे।
वॉकाथॉन के उपरांत कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. रवींद्रनाथ एम. ने अंगदान पर आधारित चयनित पोस्टरों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
अपने उद्बोधन में निदेशक प्रभारी श्री. चित्त रंजन महापात्र ने जेएलएन चिकित्सालय में स्थापित छत्तीसगढ़ के पहले स्किन बैंक की सराहना करते हुए कहा, “अंगदान सबसे बड़ा दान है। अनेक लोग जीवनरक्षक अंगों की प्रतीक्षा में हैं, परंतु उपलब्धता सीमित है। आशा है कि यह अभियान अधिक से अधिक लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करेगा।”
कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. रवींद्रनाथ एम. ने लोगों से अंगदाता के रूप में पंजीकृत होने और इस निर्णय की जानकारी परिवार को देने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह दिन अंगदाताओं और उनके परिवारों के नि:स्वार्थ योगदान को सम्मानित करने का दिन है। प्रायः अंगदान मरणोपरांत होता है, तो हमारे जाने के बाद हमारे शरीर का उपयोग किसी और को जीवन देने में हो, इससे बड़ा पुण्य और क्या हो सकता है?”
अभियान के अंतर्गत बर्न यूनिट के सदस्यों, स्किन बैंक के लाभार्थियों और अंगदाताओं द्वारा अंगदान विषयक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात अवेयरनेस रैम्प वॉक का आयोजन हुआ, जिसमें अंगदाता और अंग प्राप्तकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और अधिकाधिक लोगों से अंगदान में भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) एवं विभागाध्यक्ष बर्न यूनिट डॉ. अनिरुद्ध मेने ने प्रस्तुत किया। इस आयोजन की सफलता में बर्न यूनिट की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



अभियान के आगामी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय अंगदान दिवस 2025 की थीम – “आन्सरिंग द कॉल” विषय पर आधारित सतत् चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन भी शामिल है, जो चिकित्सा पेशेवरों की इस जीवनदायिनी मुहिम में सहभागिता बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में कोक ओवन बैटरी-7 का हीटिंग कार्य का शुभारम्भ : शुभारंभ निदेशक प्रभारी [सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र] चितरंजन महापात्र ने किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में “कोक ओवन बैटरी-7 और कोक ओवन बैटरी-8 के पुनर्निर्माण” परियोजना के अंतर्गत 08 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। इस दिन कोक ओवन बैटरी-7 के अस्थायी हीटिंग कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई।
कोक ओवन बैटरी के औपचारिक लाइट-अप का शुभारंभ निदेशक प्रभारी (सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री चित्त रंजन महापात्र ने किया, जिससे हीटिंग प्रक्रिया की शुरुआत हुई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार तथा कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. रवींद्रनाथ एम उपस्थित थे।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों में मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं–कमर्शियल) श्री अनुराग उपाध्याय, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री उन्मेष भारद्वाज, मुख्य महाप्रबंधक (सीओ एंड सीसीडी) एवं प्रोजेक्ट ओनर श्री तुलाराम बेहरा, तथा मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सीईटी-भिलाई उप-केंद्र) श्री प्रणय कुमार उपस्थित रहे। इनके साथ ही मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बिजय कुमार बेहरा, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री मानश गुप्ता एवं मुख्य महाप्रबंधक (ईएमडी) श्री पी. वी. वी. एस. मूर्ति भी उपस्थित रहे।
यह परियोजना, सीओबी-7 और सीओबी-8 के लगभग पांच दशक पूर्व कमीशनिंग के बाद पहली बार की जा रही है, जिसमें दोनों बैटरियों के डेक स्लैब को हटाकर पुनर्निर्माण किया गया। कार्य की जटिलता को देखते हुए इसके क्रियान्वयन में सूक्ष्म-स्तरीय योजना, महत्वपूर्ण गतिविधियों की पहचान, तथा सामग्री आपूर्ति की निरंतर वास्तविक-समय निगरानी आवश्यक रही, ताकि समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
सीओबी-7 की तैयारी और हीटिंग कार्य एम/एस सीयूआई, यूक्रेन की तकनीकी विशेषज्ञता के तहत संपन्न हुआ, जिसके प्रतिनिधियों में श्री एस. क्रावचेंको, सुश्री मातकोवा, सुश्री नतालिया, श्री बिलुसोव लूरी, श्री मिगोंको ओलेक्ज़ांद्र तथा अन्य विशेषज्ञ सम्मिलित थे। परियोजना का कार्यान्वयन मेसर्स भिलाई इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (बीईसी) द्वारा किया जा रहा है, जिसकी ओर से श्री राजीव जैन उपस्थित रहे।
परियोजना टीम का नेतृत्व महाप्रबंधक प्रभारी (परियोजनाएं : कोक, एसपीएस एवं ओएचपी) श्री अरविंद गुप्ता ने परियोजना प्रबंधक के रूप में किया, जबकि महाप्रबंधक (सीओ एंड सीसीडी) श्री ओ. पी. भट्ट परियोजना संयोजक रहे। निष्पादन दल में श्री सुमन मित्रा, श्री जेरी निनान, श्री रजनीश श्रीवास्तव, श्री अजीत कुमार गुप्ता, श्री अशोक लाकड़ा, श्री अशोक जसवानी, श्री अनिरुद्ध भगवत, श्री सुधेश चौरेसिया, श्री संदीप मुखर्जी, श्री नितिन देशलारे, श्री सागर साहू, श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव, श्री सुमित अग्ने, श्री उमेश कुमार साहू और श्री प्रशांत देशपांडे शामिल थे।


इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को सीओ एंड सीसीडी शॉप तथा ईएमडी विभाग के निरंतर सहयोग और समर्थन से संभव बनाया गया।
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