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- ‘साहित्य सृजन संस्थान’ के चौथे वार्षिक समारोह में विविध साहित्यिक आयोजन : काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह : इस अवसर पर ममता खरे ‘मधु’ की ग़ज़ल संग्रह, वंदना ठाकुर के संस्मरण और धनेश्वरी गुल की भजन संग्रह का विमोचन हुआ
‘साहित्य सृजन संस्थान’ के चौथे वार्षिक समारोह में विविध साहित्यिक आयोजन : काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह : इस अवसर पर ममता खरे ‘मधु’ की ग़ज़ल संग्रह, वंदना ठाकुर के संस्मरण और धनेश्वरी गुल की भजन संग्रह का विमोचन हुआ

• छत्तीसगढ़ आसपास रायपुर से डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को साहित्य सृजन संस्थान का चौथा वार्षिक समारोह सिविल लाइंस स्थित वृंदावन हॉल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में साहित्यिक विधाओं का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह जैसे कई चरण शामिल थे। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर शाम 5 बजे तक चला, जिसमें प्रदेश भर के साहित्यकारों और कला प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण नवोदित और स्थापित साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन रहा। इस दौरान ममता खरे ‘मधु’ के गजल संग्रह, वंदना ठाकुर के संस्मरण और भजन संग्रह और धनेश्वरी गुल की पुस्तक का विमोचन हुआ। सुप्रसिद्ध गजलकार सुदेश मेहर ने ममता खरे ‘मधु’ की गजलों की गहराई और राजकुमार धर द्विवेदी ने वंदना ठाकुर की कृतियों की मार्मिकता पर विस्तार से समीक्षा की।
कार्यक्रम में काव्य-पाठ ने विशेष रूप से श्रोताओं का मन मोहा। देश की सुप्रसिद्ध कवयित्री और भिलाई निवासी संतोष झांझी ने अपने गीतों से श्रोताओं के दिलों को छू लिया, जिससे पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके अलावा शशि सुरेंद्र दुबे, डॉ. अभिलाषा बेहार, ममता खरे ‘मधु’, पंखुरी मिश्रा, सीमा पांडेय ‘सीमा’, डॉ. रामेश्वरी दास, शुभा शुक्ला, डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा और कोरबा की मशहूर शायरा फिरोजा खान, प्रमदा ठाकुर, विजया ठाकुर ,ममता खरे मधु, डॉ रेणुधर रौतिया,मंजूषा अग्रवाल सुषमा प्रेम पटेल, रूनाली चक्रवर्ती प्रमदा ठाकुर,फरीदा शाहीन,अनामिका शर्मा अशोक शर्मा महासमुंद, कु .आराध्य शर्मा,सहित कई कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया और खूब वाहवाही बटोरी। संचालन सुप्रसिद्ध साहित्यकार उमेश कुमार सोनी ‘नयन’ और सीमा पांडेय ‘सीमा’ ने किया।


इस समारोह में उन विभूतियों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने साहित्य और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। भाषाविद डॉ. चित्तरंजन कर,बलदाऊ राम साहू, डॉ अभिलाषा बेहार माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग,शशि सुरेन्द्र दुबे,’ सहित पंजाबी ब्राह्मण समाज,वक्ता मंच,युवा संस्था भावना फाउंडेशन,वेंकटेश साहित्य मंच एवं प्रतिष्ठित हस्तियों को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान न सिर्फ उनके प्रयासों की सराहना थी, बल्कि युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रोत्साहित करने का भी एक जरिया था।


साहित्य सृजन संस्थान का यह वार्षिक समारोह न सिर्फ साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बना, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को भी मजबूती प्रदान की। यह आयोजन लेखकों, कवियों और पाठकों को एक मंच पर लाने में सफल रहा, जिससे आपसी संवाद और साहित्यिक विमर्श को बढ़ावा मिला। यह समारोह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में साहित्य और कला की जड़ें गहरी और जीवंत हैं। इस सफल आयोजन का पूरा श्रेय संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा और पूरी टीम को जाता है।
[ • रपट : डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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