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- सैय्यदी सुन्नी जामा मस्जिद मजार कमेटी के तत्वावधान में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सम्मान समारोह : पत्रकारिता में डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ और मुहम्मद जाकिर हुसैन को सम्मानित किया गया, साथ में जमील खान, हरगोविंद सिंह, मोहम्मद फारुख, कदीर रजा, नात खां हाफिज, नसीम खान, डॉ. असलम एवं मनीष चंद्राकर भी सम्मानित किए गए
सैय्यदी सुन्नी जामा मस्जिद मजार कमेटी के तत्वावधान में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सम्मान समारोह : पत्रकारिता में डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ और मुहम्मद जाकिर हुसैन को सम्मानित किया गया, साथ में जमील खान, हरगोविंद सिंह, मोहम्मद फारुख, कदीर रजा, नात खां हाफिज, नसीम खान, डॉ. असलम एवं मनीष चंद्राकर भी सम्मानित किए गए

👉 • पत्रकार, शायर, समाजसेवी डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ सम्मान प्राप्त करते हुए…
छत्तीसगढ़ आसपास [रपट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’]
‘सैय्यदी सुन्नी जामा मस्जिद मजार कमेटी’ भिलाई-तीन में जश्ने ईद मिलाद-उन-नबी सिलसिले में रविवार 7 सितंबर की शाम विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्र से प्रमुख लोगों का सम्मान किया गया, वहीं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययनरत युवाओं की भी हौसला अफजाई की गई। इसके पहले कमेटी की ओर से स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर भी कमेटी की ओर से लगाया गया। दरगाह शरीफ परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में पैगंबर हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की दुनिया में आमद पर विभिन्न लोगों ने विचार व्यक्त किए। मस्जिद मजार कमेटी के सदर रुस्तम खान ने अपने स्वागत भाषण में आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि भिलाई-तीन थाना प्रभारी अंबर सिंह राजपूत ने कहा कि

ये हमारे भविष्य के नागरिक अपनी मेधा के दम पर एक बेहतर समाज का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां सम्मान समारोह के साथ-साथ सभी समाज और समुदायों को जोड़ने की कोशिश हो रही है, वह तारीफ के काबिल है। समाजसेवी सुजीत बघेल ने कहा कि उभरती हुई प्रतिभाओं को सम्मानित करना सराहनीय पहल है। वहीं दरगाह परिसर में कौमी एकता की जैसी उत्कृष्ट मिसाल देखने मिलती है, वह अनुकरणीय है।
इमाम हाफिज अकील ने बताया कि-



पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने दुनिया में इंसानियत को अल्लाह तक पहुंचने का सच्चा मार्ग है,जिससे लोग अल्लाह को पा सके। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बीईटीओ सैय्यद असलम ने कहा कि प्यारे नबी की पाकीजा जिंदगी अपनाने से दुनिया में बेहतरीन समाज बना, लोग अल्लाह की इबादत की तरफ रुजू हुए, आपस में इंसाफ क़ायम हुआ और औरतों को इज्जत मिली।
इस अवसर पर एमबीबीएस में चयनित जोया खान, नजब तब्बसुम और इंजीनियर पाठ्यक्रम में चयनित रूहमैशा अहमद एवं 10वीं में 90% अंक प्राप्त करने वाले अब्दुल रूहान को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.


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पत्रकारिता एवं समाजसेवा में इनको भी सम्मानित किया गया-
जमील खान, हरगोविंद सिंह, डा. नौशाद सिद्दीकी, मोहम्मद फारुक, कदीर रजा, नात खां हाफिज नसीम खान, डा. असलम, मनीष चंद्राकर और मुहम्मद जाकिर हुसैन.
आयोजन में महासचिव नसीम खान, रईस अहमद, तौहीद खान, मोहम्मद आरिफ, तौसीफ रजा, इमरान मोहम्मद, अबुल हसन, जफर अब्बास, मोहम्मद हाशमी और लतीफ सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
समारोह का संचालन हमीद अहमद शाह ने किया.
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इस अवसर पर उपस्थित थे-


सैय्यदी सुन्नी जामा मस्जिद मजार कमेटी के अध्यक्ष रुस्तम खान, सचिव रईस अहमद, अबुल हसन, नसीम खान, मौलाना सैफुल्लाह, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद हाशिम, मोहम्मद तौसीफ, अजहर खान, अब्दुल हुसैन, तौहीद खान, मोहम्मद फारुख, मोहम्मद रियाज, समाजसेवी मोहम्मद फारुख, मोहम्मद मेराज अहमद खान और बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग.
[ • रपट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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