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राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह पर नेहरू आर्ट गैलरी में वन्यजीवों पर केंद्रित समूह प्रदर्शनी उद्घाटित : फोटोग्राफर्स अनूप कुमार नायक, डॉ. हिमांशु गुप्ता और दानेश कुमार सिन्हा द्वारा खींचे गए छायाचित्रों की समूह प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक [परियोजनाएं] मानस कुमार गुप्ता ने किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जन संपर्क विभाग द्वारा संचालित, इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर स्थित नेहरू आर्ट गैलरी में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2025 के उपलक्ष्य में फोटोग्राफर्स श्री अनूप कुमार नायक, डॉ हिमांशु गुप्ता और श्री दानेश कुमार सिन्हा द्वारा खींचे गए वन्यजीवों के छायाचित्रों की समूह प्रदर्शनी का उद्घाटन 06 अक्टूबर 2025 को मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) श्री मानस कुमार गुप्ता द्वारा संध्याकाल दीप प्रज्वलित कर किया गया।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि श्री मानस कुमार गुप्ता ने प्रदर्शनी के आयोजन की सराहना की। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि यह वन्यजीव छायाचित्र प्रदर्शनी न केवल फोटोग्राफी की उत्कृष्ट कला का परिचायक है, बल्कि प्रकृति एवं जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम है। अपने छायाचित्रों के माध्यम से फोटोग्राफरों ने प्रकृति, पशु-पक्षी एवं उनके प्राकृतिक परिवेश को बखूबी दर्शाया है। इस प्रकार के आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होने के साथ ही आम जनमानस को प्रकृति के संरक्षण हेतु प्रेरित भी करेंगे।
इस समूह प्रदर्शनी में प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर श्री अनूप कुमार नायक, डॉ हिमांशु गुप्ता और श्री दानेश कुमार सिन्हा द्वारा खींचे गए दुर्लभ और आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो प्रकृति की सुंदरता, जैव विविधता का मनोरम चित्रण प्रस्तुत करते हैं।
इस प्रदर्शनी के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा एक अभिनव पहल की गई। श्री शंकरा विद्यालय की कक्षा 7वीं के बाल कलाकार, मास्टर स्पंदन सेन गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान अपनी सिंथेसाइज़र (की-बोर्ड) पर मनमोहक एकल प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रकार का संगीतमय प्रयोग पहली बार किया गया, जिससे नवोदित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला और प्रदर्शनी का वातावरण जीवंत एवं आनंदमय बन गया।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाप्रबंधक (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी, सहायक महाप्रबंधक (जनसम्पर्क) श्री जवाहर बाजपेयी, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया तथा संयंत्र के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण सहित आर्ट्स क्लब के सदस्य, इस्पात नगरी के अन्य वरिष्ठ कलाकार एवं फोटोग्राफी प्रेमी तथा आम नागरिक उपस्थित थे।
भिलाई निवासी श्री अनूप कुमार नायक का बचपन से ही प्रकृति, पक्षी एवं वन्यजीव फोटोग्राफी के प्रति गहरा रुझान रहा। वर्तमान में वे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, चरोदा में लोको पायलट (शंटर) के पद पर कार्यरत हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय रहते हुए उन्होंने पक्षियों के व्यवहार और प्राकृतिक संतुलन को अपने कैमरे में कैद किया है।
डॉ. हिमांशु गुप्ता, वर्तमान में दीर्घायु वार्ड, शहरी सीएचसी, नवापारा अंबिकापुर में कीमोथेरेपी इंचार्ज के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और वर्ष 2017 से पक्षी अवलोकन और फोटोग्राफी से जुड़े हैं। इनकी तस्वीरें शांत वातावरण और जीव-जगत के सह-अस्तित्व की गहराई को दर्शाते हैं।
डोंगरगढ़ निवासी श्री दानेश कुमार सिन्हा, जो छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में सहायक चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, ने बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी से ऑर्निथोलॉजी में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में पक्षियों के अध्ययन और संरक्षण कार्यों में सक्रिय रहे श्री सिन्हा, प्रकृति शोध संस्था के साथ फेलोशिप के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण और अनुसंधान से जुड़े हैं।

यह तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 06 से 08 अक्टूबर, 2025 तक प्रतिदिन संध्या 5.30 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक आम जनता के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में रणनीति 2025-निदेशक [कार्मिक] कप का उद्घाटन : उद्घाटन कार्यपालक निदेशक [खदान] बीके गिरी के मुख्य अतिथि में हुआ


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केंद्र में 07 अक्टूबर 2025 को “रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप (स्टेज-1)” का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) द्वारा अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के प्रबंधकीय एवं रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमताओं को विकसित करना है।
इस प्रतियोगिता में कुल 31 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें एसएसपी की तीन टीमें भी शामिल थीं। प्रारंभिक मूल्यांकन के पश्चात 27 टीमें क्रमशः 14 एवं 13 टीमों के दो समूहों में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बी. के. गिरी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के लिए संकाय सहयोग सहायक निदेशक (एआईएमए) श्री सी. एस. रस्तोगी, एवं प्रबंधक (एआईएमए) श्री प्रदीप कुमार, द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस आयोजन का समन्वयन कार्यकारी महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन – एल एंड डी) श्री मुकुल कुमार सहारिया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
अपने उद्घाटन संबोधन में श्री बी. के. गिरी ने वर्तमान के गतिशील व्यावसायिक परिवेश में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रणनीति जैसी पहल प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की प्रबंधन चुनौतियों का अनुकरण करते हुए विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता एवं नेतृत्व गुणों को विकसित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावसायिक सिमुलेशन आज के प्रतिस्पर्धी युग में भविष्य के प्रबंधकीय नेतृत्व को दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं।
‘रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप’ के उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (मानव संसाधन – एल एंड डी) सुश्री सुष्मिता पाटला ने किया, जबकि उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन – एल एंड डी) श्री यशवंत सिंह जौहरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।


उल्लेखनीय है “रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप” सेल के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों के अधिकारियों के लिए एक अनूठा अनुभवात्मक शिक्षण मंच प्रदान करती है। यह मंच प्रतिभागियों में नवीन सोच, व्यावहारिक समस्या समाधान की क्षमता तथा रणनीतिक प्रबंधन की दृष्टि विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे भविष्य की जटिल व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी रूप से सामना कर सकें।
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बीएसपी-जेएलएन चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में मनाया जा रहा ‘अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह-2025’ : आयोजन की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. विनीता द्विवेदी ने की : इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर तथा डॉ. उदय कुमार उपस्थित थे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र [जेएलएनएचआरसी] में 5-11 अक्टूबर, 2025 तक अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य संक्रमण निवारण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा रोगियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने में सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करना है।
चिकत्सालय संक्रमण नियंत्रण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में इस वर्ष के वैश्विक थीम “संक्रमण निवारण के लिए ‘स्टैंड यूपीपीपी – यूनाइट, प्रोटेक्ट, प्रिवेंट एंड प्रीवेल’ (यूपीपीपी का समर्थन करें – एकजुट हों, सुरक्षा करें, रोकथाम करें, प्रबल हों”) पर विशेष बल दिया गया। इस विषय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में एकता और सामूहिकता की उस भावना को उजागर किया गया जो समुदायों की रक्षा, संक्रमणों की रोकथाम और एक सुरक्षित, स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक है।
सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी द्वारा की गई। इस अवसर पर उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर तथा डॉ. उदय कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ एक जागरूकता पोस्टर के विमोचन से हुआ, जिसके पश्चात् ओपीडी परिसर में चिकित्सा विभाग की विभिन्न इकाइयों हेतु पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों तथा कर्मचारियों ने अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025 विषय पर जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक पोस्टर बनाकर भाग लिया, जिससे संक्रमण नियंत्रण के महत्व पर प्रभावी संदेश दिया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी (क्यूएमडी) डॉ. अनिरुद्ध मेने, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चेयरमैन (आईसीसी, जेएलएनएचआरसी) डॉ. संबिता पांडा के साथ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं क्यूएमडी के प्रतिनिधि सुश्री बीना जोस और जूनियर मैनेजर श्रीमति रेज्जी वेणुगोपाल सहित चिकित्सालय स्टाफ एवं छात्र उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) डॉ. विनीता द्विवेदी ने कहा कि हाथों की स्वच्छता और सफाई जैसे सरल उपाय संक्रमण नियंत्रण की दिशा में अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने महामारी के दौरान अपनाई गई सावधानियों को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया। डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर ने अस्पतालों में आगंतुक नियंत्रण को संक्रमण के प्रसार की रोकथाम में महत्त्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में सभी को सजग रहने का संदेश दिया। वहीं, डॉ. उदय कुमार ने अवसरवादी संक्रमणों की रोकथाम हेतु सतत जागरूकता और अनुशासित व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया।
जागरूकता अभियान को और अधिक सजीव बनाने हेतु अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने एक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें स्वास्थ्य सेवा व्यवस्थाओं में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण की भूमिका को रोचक तरीके से दर्शाया गया।
कार्यक्रम का संचालन चीफ़ कंसलटेन्ट (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं-कैजुअल्टी) डॉ. आकांक्षा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्रबंधक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) सुश्री अनुजा सक्सेना ने प्रस्तुत किया।


इस वर्ष 5 से 11 अक्टूबर तक विभिन्न जन-जागरूकता और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 9 अक्टूबर को “वयस्क टीकाकरण” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) व्याख्यान तथा 10 अक्टूबर को हाउसकीपिंग स्टाफ हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान का समापन 11 अक्टूबर 2025 को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा तथा संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु ‘सर्वश्रेष्ठ हाउसकीपर पुरस्कार’ भी प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि चिकित्सा विभाग, जेएलएनएचआरसी की चिकत्सालय संक्रमण नियंत्रण समिति के तत्वावधान में वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह का आयोजन कर रही है।
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