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▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

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कार्यपालक निदेशक [संकार्य] ने कॉन्ट्रैक्ट निर्माण और प्रबंधन पर बीएसपी के वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ किया संवाद सत्र

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केंद्र में 25 व 26 सितंबर, 2025 तथा 9 व 10 अक्टूबर 2025 को कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार द्वारा बीएसपी के 600 वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ एक रणनीतिक संवाद सत्र आयोजित किया गया। इन सत्रों का उद्देश्य स्थापित क्रय कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया (पीसीपी) के सख्त अनुपालन के तहत कॉन्ट्रैक्ट निर्माण और पर्चेस योजना के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा करते हुए उन्हें संगठनात्मक उद्देश्यों के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाना था।
विस्तृत चर्चाओं के दौरान श्री राकेश कुमार ने परिचालन उत्कृष्टता के तीन प्रमुख स्तंभो कॉन्ट्रैक्ट ऑप्टिमाइजेशन, मैनपॉवर रिडक्शन तथा संसाधन उपयोग की अधिकतम दक्षता पर विशेष बल दिया। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में “हम सर्वश्रेष्ठ हैं” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र की शक्ति उसकी टीम की प्रतिबद्धता, अनुशासन और निरंतर सुधार की भावना में निहित है। उन्होंने पीसीपी के अनुपालन के साथ-साथ समग्र उत्पादकता को बढ़ाने हेतु सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और लागत-प्रभावी कार्यप्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संवाद सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि बेहतर कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा मैनपॉवर व संसाधनों के रणनीतिक उपयोग से संगठनात्मक मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कार्यपालक निदेशक (संकार्य) ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल लागत नियंत्रण का उपाय नहीं, बल्कि दक्षता, जवाबदेही और दीर्घकालिक सतत प्रदर्शन की दिशा में उठाया गया एक दूरदर्शी कदम है।
भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्कृष्टता के लिये प्रतिबद्धता को जोर देते हुए श्री राकेश कुमार ने कहा कि ऑप्टिमाइजेशन और नवाचार पर केंद्रित यह दृष्टिकोण न केवल कार्य निष्पादन की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट प्रबंधन के क्षेत्र में बीएसपी को नए मानक स्थापित करने में भी सक्षम बनाएगा।
सत्रों का समापन सामूहिक स्वामित्व, निरंतर निगरानी और सक्रिय सहभागिता के आह्वान के साथ हुआ ताकि उच्च परिचालन मानकों की प्राप्ति, पीसीपी दिशानिर्देशों का पूर्ण पालन और इस्पात उद्योग में बीएसपी की अग्रणी स्थिति को बनाए रखा जा सके।
कार्यक्रम का समन्वयन महाप्रबंधक (मानव संसाधन–एल एंड डी) श्री मुकुल सहारिया ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन–एल एंड डी) श्री यशवंत सिंह जौहरी ने प्रस्तुत किया।
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 पर बीएसपी के जेएलएन चिकित्सालय में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित : उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. उदय कुमार ने किया


भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 में विश्व मानसिक दिवस-2025 के उपलक्ष्य पर मनोरोग विभाग द्वारा ओपीडी कॉम्प्लेक्स में 10 अक्टूबर 2025 को एक पोस्टर प्रदर्शनी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना तथा सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ कौशलेंद्र ठाकुर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ उदय कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सकों, अधिकारियों व कर्मचारियों तथा नर्सिंग स्टाफ, नर्सिंग छात्र-छात्राओं सहित मरीजों एवं आगंतुकों ने भाग लिया।
इस वर्ष के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “सेवाओं तक पहुंच:आपदाओं एवं आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य” पर चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ अमित नायक ने प्रकाश डाला। उन्होंने आपदाओं और संकट की परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को रेखांकित किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ विनीता द्विवेदी ने किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य एवं स्क्रीन एडिक्शन जैसे समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने योग,ध्यान तथा रचनात्मक गतिविधियों को मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के प्रभावी उपाय बताया।
कार्यक्रम में कई आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संदेश प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किए गए। बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने आपदाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को दर्शाने वाला एक विचारोत्तेजक नाटक प्रस्तुत किया,वहीं एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने मादक द्रव्यों के सेवन एवं उसके दुष्परिणामों पर एक प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर प्रदर्शनी एवं संवाद सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य की विभिन्न अवस्थाओं, इसके कारण,लक्षण,रोकथाम,उपचार एवं पुनर्वास के पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने में संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका पर भी बल दिया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं)श्रीमती लता मिश्रा ने किया तथा मनोचिकित्सक डॉ राहुल राजीव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।


उल्लेखनीय है कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस पहली बार 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ (वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ) की पहल पर मनाया गया था। इस दिवस को मनाये जाने का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के महत्व एवं इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है, ताकि लोग मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील बनें और उनकी सहायता के लिए प्रेरित हों।
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संयंत्र के कोक-ओवन एवं कोल केमिकल विभाग में सुरक्षा पदयात्रा का आयोजन : इस पहल का नेतृत्व कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक [कोक-ओवन एवं कोल केमिकल विभाग] तुलाराम बेहरा ने किया : राकेश कुमार ने कहा कि “असुरक्षित गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता” ही भिलाई की सुरक्षा नीति का मूल तत्व है


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक-ओवन एवं कोल केमिकल विभाग में 09 अक्टूबर, 2025 को कार्यस्थल सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त करते हुए एक सुरक्षा पदयात्रा का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का नेतृत्व कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग) श्री तुलाराम बेहरा ने किया। इस अवसर पर विभाग के नियमित कर्मचारी एवं ठेका कर्मियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
सुरक्षा पदयात्रा की शुरुआत वर्क्स बिल्डिंग-4 से हुई, जो कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग के विभिन्न प्रमुख परिचालन क्षेत्रों से होकर गुज़री। प्रतिभागियों ने शॉप्स एवं परिचालन स्थलों का निरीक्षण किया तथा सुरक्षित कार्यप्रणालियों, वर्तमान सुरक्षा ढाँचे और संभावित सुधार के क्षेत्रों का गहन अवलोकन किया। इस पदयात्रा का उद्देश्य संयंत्र परिसर में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाना, सजगता को प्रोत्साहित करना तथा प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व और पारदर्शिता की भावना को सशक्त करना था।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि “असुरक्षित गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता” ही भिलाई की सुरक्षा नीति का मूल तत्व है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और सभी कर्मियों से चाहे वे स्थायी हों या संविदा पर उन्हें अपने प्रत्येक कार्य में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में अपनाना चाहिए।

उन्होंने व्यक्तिगत उत्तरदायित्व, सावधानी और असुरक्षित परिस्थितियों की सक्रिय रिपोर्टिंग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा के प्रति जागरूकता का दूत बनना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से “सुरक्षा शपथ” ली और सुरक्षित, स्वस्थ तथा दुर्घटनामुक्त कार्यस्थल बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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