- Home
- Chhattisgarh
- ▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…
▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

▪️
भिलाई इस्पात संयंत्र के सिटरिंग प्लांट-3 में ‘नवोत्थान’ का उद्घाटन एवं सुरक्षा रैली का आयोजन : ‘नवोत्थान’ पहल का नेतृत्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी अनूप कुमार दत्त ने किया. इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी राहुल बिजुर्कर, ‘बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बन्छोर और महाप्रबंधक आलोक माथुर उपस्थित हुए


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सिटरिंग प्लांट-3 में कार्यस्थल के सतत विकास और सुरक्षा जागरूकता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में “नवोत्थान” (स्क्रैप सामग्री भंडारण क्षेत्र) का उद्घाटन तथा रोड एवं रेल सुरक्षा साइकिल रैली का आयोजन 10 अक्टूबर, 2025 किया गया। इस पहल का नेतृत्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिटरिंग प्लांट्स) श्री अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 150 कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अनुप कुमार दत्त द्वारा “नवोत्थान” क्षेत्र के औपचारिक उद्घाटन से हुआ। इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी-3) श्री राहुल बिजुर्कर, महाप्रबंधक एवं अध्यक्ष (ऑफिसर्स एसोसिएशन) श्री नरेंद्र कुमार बंछोर तथा महाप्रबंधक (मटेरियल रिकवरी विभाग) श्री आलोक माथुर की उपस्थिति रही।
‘नवोत्थान’ जो पूर्व में अनुपयोगी स्थान था उस क्षेत्र को अब साफ़ व सुव्यवस्थित कर स्पेयर्स एवं स्क्रैप सामग्री के सुरक्षित भंडारण हेतु एक संगठित और उपयोगी स्थान में परिवर्तित किया गया है।
उद्घाटन के पश्चात श्री अनुप कुमार दत्त ने दो किलोमीटर लंबी रोड एवं रेल सुरक्षा साइकिल रैली का नेतृत्व किया, जिसका शुभारंभ श्री नरेंद्र कुमार बंछोर द्वारा “नवोत्थान” से किया गया। इस रैली में तीन विभिन्न स्थानों से प्रतिभागी शामिल हुए और अंजनाद्री गार्डन में संगम के साथ संपन्न हुई।


कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सड़क सुरक्षा और दृश्यता को बढ़ावा देने हेतु संविदा श्रमिकों की साइकिलों पर रिफ्लेक्टिव रेडियम टेप लगाए गए।
कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ अधिकारियों के उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सड़क एवं रेल सुरक्षा नियमों के पालन पर बल देते हुए, सभी कर्मचारियों से सामूहिक उत्तरदायित्व एवं सुरक्षा-प्रथम संस्कृति को आत्मसात करने का आह्वान किया।
▪️
रावघाट परियोजना के अंतर्गत आयोजित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन : बीएसएफ 86 बटालियन के सहयोग से महिलाओं को मिला कौशल विकास का अवसर : समापन समारोह में बीएसएफ 86 बटालियन के सीईओ अनिल रावत और भिलाई इस्पात संयंत्र के सहायक महाप्रबंधक [रावघाट परियोजना] के उपेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे


भिलाई इस्पात संयंत्र की रावघाट परियोजना के तत्वावधान में तथा बीएसएफ 86 बटालियन के सहयोग से संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह 11 अक्टूबर 2025 को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 09 सितंबर 2025 से 08 अक्टूबर 2025 (एक माह) तक 20 बालिकाओं एवं महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को कपड़े सिलाई, स्टिचिंग, बुनाई तकनीक और बुनियादी डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में बीएसएफ 86 बटालियन के सीईओ श्री अनिल रावत तथा रावघाट परियोजना, भिलाई इस्पात संयंत्र के सहायक महाप्रबंधक श्री उपेंद्र कुमार सिंह तथा खदान क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारीगण सहित खड़कागांव एवं खोड़गांव के सरपंच व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कौशल विकास के अवसर प्रदान करना था, ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने रावघाट परियोजना और निगमित सामाजिक गतिविधियों के तहत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए और उन्हें आजीविका सृजन, हुनर विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक अवसर प्रदान करने हेतु इसी प्रकार के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है।
▪️
भिलाई इस्पात संयंत्र में मासिक आईआर क्लियरेंस हेतु लाइव ट्रैकिंग प्रणाली का शुभारंभ : डिजिटलीकरण एवं पारदर्शिता की दिशा में अभिनव कदम : परियोजना का सफल कार्यान्वयन कार्यपालक निदेशक पवन कुमार और मुख्य महाप्रबंधक संदीप माथुर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के औद्योगिक संबंध एवं ठेका श्रमिक विभाग ने प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, तीव्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मासिक आईआर क्लियरेंस (एसडीसी) के लिए लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का प्रायोगिक शुभारंभ किया है। यह पहल संयंत्र के डिजिटलीकरण अभियान में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की स्थिति की वास्तविक समय (रियल टाइम) में जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे कार्य में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। नई व्यवस्था से दस्तावेज़ प्रक्रिया की हर अवस्था की निगरानी अब लाइव रूप में की जा सकेगी।
सिंगल विंडो काउंटर (एसडब्ल्यूसी) – एकीकृत संपर्क बिंदु
इसके तहत आईआर-सीएलसी कार्यालय में सिंगल विंडो काउंटर (एसडब्ल्यूसी) स्थापित किया गया है। यह काउंटर दस्तावेजों की प्राप्ति एवं वापसी के लिए एकमात्र संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करेगा। ठेकेदारों को अब विभिन्न कार्यालयों में दौड़-धूप करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय की बचत के साथ दक्षता में वृद्धि होगी। दस्तावेज प्रस्तुत करते समय कवरिंग लेटर के साथ एक टोकन नंबर एसडब्ल्यूसी द्वारा जारी किया जाएगा। यह टोकन नंबर आगे की पूरी प्रक्रिया में यूनिक रेफरेंस आईडी के रूप में प्रयुक्त होगा, जिसके माध्यम से ट्रैकिंग की सुविधा सुनिश्चित होगी।
लाइव ट्रैकिंग की डिजिटल सुविधा
नई प्रणाली के माध्यम से ठेकेदार निर्धारित लिंक पर जाकर अपने दस्तावेज़ों की वास्तविक स्थिति देख सकेंगे, जहाँ उनकी फ़ाइल की प्रगति तीन श्रेणियों क्लियर (Clear), प्रक्रिया में (In Process) और लौटाए/अस्वीकृत (Returned/Rejected) में प्रदर्शित होगी। इसके साथ ही प्रत्येक मामले की कुल प्रसंस्करण अवधि (Total Processing Time) भी दिखाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही सुनिश्चित होगी और संपूर्ण कार्यप्रवाह की दक्षता का आकलन सरल हो सकेगा।
परीक्षण अवधि एवं भावी क्रियान्वयन
वर्तमान में यह प्रणाली प्रारंभिक रूप से एक माह की परीक्षण अवधि पर संचालित की जा रही है। इस दौरान उपयोगकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सुधार किए जाएंगे। परीक्षण की सफलता उपरांत इसे पूर्णत: लागू करने की योजना है। यह प्रयास संयंत्र की प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को डिजिटल स्वरूप देने के साथ-साथ उन्हें अधिक पारदर्शी और समय-उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नेतृत्व एवं तकनीकी योगदान
इस परियोजना का सफल कार्यान्वयन कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। प्रणाली के तकनीकी विकास में महाप्रबंधक (मानव संसाधन- आईआर एवं सीएलसी) श्री विकास चंद्रा, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन- आईआर एवं सीएलसी) श्री निवेश विजयन, सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन- आईआर एवं सीएलसी) श्री के. शशांक राव तथा जूनियर मैनेजर श्री हरीश बैतुले का विशेष योगदान रहा।
प्रणाली पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
भिलाई इस्पात संयंत्र में मासिक आईआर क्लियरेंस के लिए प्रारंभ की गयी लाइव ट्रैकिंग प्रणाली की ठेकेदारों ने प्रशंसा की और कहा कि इस व्यवस्था से कार्यप्रवाह में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब तथा भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
भिलाई इस्पात संयंत्र की यह पहल प्रशासनिक डिजिटलीकरण की दिशा में एक सुदृढ़ कदम है, जो भविष्य में अन्य प्रक्रियाओं के डिजिटल रूपांतरण के लिए मिसाल स्थापित करेगी।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)