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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष के अवसर पर स्मरणार्थ : हज़ारों की संख्या में आम जनमानस ने वंदे मातरम् गीत का सामूहिक वाचन किया : वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, आजादी की आवाज

👉 • वंदे मातरम् का इतनी बड़ी संख्या में सामूहिक वाचन सौभाग्य का पल- रामविचार नेताम, कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास, 07 नवम्बर, 2025]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष संपूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्सव मनाने का निर्णय लिया है जिसे लेकर 150 वे वर्ष के स्मरणार्थ राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं इन्हीं कार्यक्रमों के में से एक संभाग स्तरीय वंदे मातरम गीत का सामूहिक वाचन का कार्यक्रम दुर्ग शहर के पुराना बस स्टैंड में आयोजित किया गया.

आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम रहे मुख्य अतिथि रंजना साहू प्रदेश सहसंयोजक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रहे विशिष्ट अतिथि गण गजेंद्र यादव कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, विजय बघेल सांसद दुर्ग लोकसभा, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, विधायक डोमन लाल कौर्सेवाडा उपाध्यक्ष अजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण ईश्वर साहू विधायक साजा राकेश पांडेय अध्यक्ष खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड छत्तीसगढ़ , पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू, जागेश्वर साहू,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उषा टावरी, चंद्रिका चंद्राकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन शर्मा, सभापति श्याम शर्मा, पूर्व विधायक सांवला राम डहरे,बाल मुकुंद देवांगन, रवि शंकर सिंह, उपस्थित रहे |आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं के द्वारा वंदे मातरम गीत की का विस्तार पूर्वक वर्णन कर आम जनमानस के साथ सामूहिक रूप से वाचन किया साथ ही स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया गया.
रामविचार नेताम ने कहा कि भारत माता की आज हम सबके लिए प्राण प्रिय है जब देश के दीवानों ने वंदे मातरम गीत गाते गाते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया ऐसे देशभक्तों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर किया उन सबको याद करने के लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दिनों जब हम सब मन की बात सुन रहे थे तो पहली बार मन की बात में जिक्र किया वंदे मातरम के बारे में हम सब देश भर में अलख जगाएं मन की बात में हमारे देश के प्रधानमंत्री जी ने आगामी कार्यक्रम का संकेत दे दिया हमारे कैबिनेट की बैठक केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा पूरी स्वीकृति मिलने के बाद आज हम सब उपस्थित हुए हैं प्रधानमंत्री जी ने जो संदेश दिया पूरे देश को और विभिन्न कलाकारों के माध्यम से गाया गया आज हम 150 वर्षगांठ मना रहे हैं हम सभी वंदे मातरम के गायन के लिए यहां उपस्थित हुए
श्री नेताम ने आगे कहा कि इस गीत को गाकर के लोगों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ गए और यह मातृभूमि के वंदना इससे अच्छा और नहीं हो सकता इसकी रचना के बारे में भी काफी चर्चा हो चुकी है बंगाल में वहां साधु संतों के खिलाफ अत्याचार अन्याय होने लगा और उस समय देशकाल स्थिति को समझते हुए आगे चलकर के संविधान लागू हुआ 1950 में राष्ट्रीय गीत के रूप में भी इसे शामिल किया गया और इतना प्रचलित हुआ किसी भी कार्यक्रम में हम देखते हैं की वंदे मातरम अगर नहीं हुआ तो पूरा नहीं होता है वह कार्यक्रम पूर्ण नहीं होता युद्ध के क्षेत्र में जब निकलने लगते हैं हमारे योद्धा सिपाही को समय भी वंदे मातरम गीत गाते है इससे अच्छा कोई और कविता नहीं हो सकता और निश्चित ही हम सबके लिए के सौभाग्य का अवसर मिला है हमारी राष्ट्रीय भावना इतनी प्रबल होगी जितनी मजबूत होगी उतनी हमारा देश का लोकतंत्र मजबूत होगा आज उसकी जरूरत है और इस बात को देखते हुए समझते हुए आज हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने इस तरह का हमें एक अवसर प्रदान किया है आज वंदे मातरम एक-एक बच्चे बच्चे तक जुबान तक पहुंच सकता है हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करना है परम श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने बहुत अच्छी बात कही है यह जमीन जमीन का टुकड़ा नहीं इसलिए हम इससे प्रेरणा लेते हुए हमेशा और आगे बढ़ने का काम करेंगे वंदे मातरम गीत के सामूहिक गायन के साथ-साथ आज हम सब स्वदेशी वस्तु अपने का संकल्प लेंगे और स्वदेशी अपनाकर देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के मार्ग पर लेकर जाएंगे.
आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यक्रम के सहसंयोजीका एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि यह गीत 1875 में श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था ” वंदे मातरम ” का अर्थ है मां मैं तुम्हें नमन करता हूं वंदे मातरम का प्रसिद्ध वाचन वर्ष 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर के द्वारा किया गया था देश भर में विभाजन के विरोध में आंदोलन के दौरान यह गीत राष्ट्रवाद, एकता और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का सशक्त प्रबंध गया इसकी प्रबल राष्ट्रीय भावना और प्रेरक प्रभाव के कारण ब्रिटिश सरकार ने इस नारे के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा बना और बाल गंगाधर तिलक लाला लाजपत राय और भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों का प्रेरणा स्रोत रहा|
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गाना नहीं है बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इस वर्ष 7 नवंबर 2025 को भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह एक ऐसी रचना है जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की अनगिनत पीढ़ियों को प्रेरित किया है। यह भारत की राष्ट्रीय पहचान और का स्थायी प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गीत कब रचा गया? कैसे इसने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी? और कैसे यह स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बना था। आइए यहां वंदे मातरम के इतिहास के उन पन्नों को देखें जो आज तक हमारे दिल में हैं।
आयोजित कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री दिलीप साहू आभार जिला महामंत्री विनोद अरोरा ने किया.

आयोजित कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, श्रीमती हर्षा चंद्राकर, सुश्री सरिता मिश्रा, अशोक राठी, राजीव पांडेय,मंत्री श्रीमती गायत्री वर्मा,गिरेश साहू,श्रीमती हिमा साहू,शैलेंद्र शैंडे,श्रीमती शैलेंद्री मांडवी,कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश सेन,सह कोषाध्यक्ष ध्रुव सचदेव,कार्यालय मंत्री सैयद आसिफ अली,सह कार्यालय मंत्री राहुल पंडित, प्रवक्ता दिनेश देवांगन, मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, सोशल मीडिया जिला संयोजक रजनीश श्रीवास्तव,आईटी सेल जिला संयोजक जितेंद्र सिंह राजपूत, मंडल भाजपा अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा कमलेश फेकर कौशल साहू हरीश चौहान मनमोहन शर्मा शीतला ठाकुर हेमंत सिन्हा लिकेश्वर देशमुख अनुपम साहू राजू जंघेल श्रीमती रानी बंछोर कमलेश चंद्राकर कमलेश साहू डॉ ज्योति प्रकाश साहू धर्मेंद्र सिन्हा, जनपद पंचायत अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन वरिष्ठ भाजपा नेता शिव चंद्राकर प्रितपाल बेल चंदन राजेंद्र पाध्ये अजय तिवारी रजा खोखर ,कांतिलाल जैन, तुलसी साहू रवि शंकर , किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष विनायक ताम्रकार अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष साजन जोसेफ मंडल महामंत्री अमित पटेल नवीन साहू भूपेंद्र साहू तेखन सिन्हा, रितेश शर्मा गौरव शर्मा नितेश साहू शुभम शर्मा नीलेश अग्रवाल काशीराम कोसरे नरेंद्र बंजारे जय श्री राजपूत मीना सिंह कंचन सिंह मौसमी ताम्रकार तनुजा बघेल प्रीति राजपूत कल्पना यादव सानिध्य चंद्राकर उमंग ताम्रकार हिमांशु सिंह निरंजन दुबे अनिकेत यादव सहित बड़ी संख्या में आम जनमानस एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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