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कल्पतरू सेवा समिति : बाल दिवस के अवसर पर ‘कल्पतरु सेवा समिति’ ने बच्चों के चेहरे में बिखरी मुस्कान

👉 • ‘कल्पतरु सेवा समिति’ की चेयरमैन डॉ. मोनिषा शर्मा एवं अध्यक्षा डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि ‘समिति समय-समय पर समाज में जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है, जिससे समाज के सभी वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके’
भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास]
14 नवम्बर को पूरे भारतवर्ष में पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के जन्मदिन पर बाल दिवस के रूप में जाना जाता है, इस विशेष दिवस को यादगार मनाने के लिए कल्पतरु सेवा समिति द्वारा सार्थक कदम विद्यालय, सेक्टर दस के विशेष योग्यता बच्चों से मिलने के लिए और उनसे रूबरू होने के लिए समय निकाला.
इस अवसर पर उन्हें उनकी कौशल को विकसित करने के लिए समिति द्वारा रचनात्मक सामग्री के रूप में लेखन सामग्री एवं चित्रकला किताब वितरित की गई, सामग्री को वितरित करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि वे बच्चे रंगों के माध्यम से अपनी भावनाओं को प्रदर्शित कर सके.


‘कल्पतरु सेवा समिति’ की चेयरमैन डाक्टर मोनिषा शर्मा एवं अध्यक्ष डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि समिति समय समय पर समाज में ज़रूरतमन्द लोगों की सहायता करती है जिससे समाज के सभी वर्ग विकास की मुख्य धारा से जुड़ सके.


‘कल्पतरु सेवा समिति’ की सचिव खुशबू पाठक ने बताया कि-
दिव्यांग बच्चे भी समाज का अहम हिस्सा है उनके चेहरे पर मुस्कान लाकर समिति द्वारा अपने सामाजिक दायित्व के निर्वहन का प्रयास किया गया। कल्पतरू सेवा समिति, स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय भिलाई के प्राध्यापकों द्वारा चलायी जाने वाली रजिस्टर्ड इकाई है.
‘सार्थक विद्यालय’ की उप प्राचार्या वी. अनुराधा ने बताया कि-
उनकी संस्था को चलाने की लिए धैर्य और संयम की आवश्यकता होती है, और उनकी इस संस्था से प्रशिक्षित छात्र जो कि मानसिक एवं शारीरिक रूप से दुर्बल होते हुए भी सामान्य विद्यालयों में अपनी योग्यताओं को प्रदर्शन करने में सामान्य बच्चों की तरह सफल हो रहे है , एक उदाहरण भूमिका जो कि मानसिक एवं शारीरिक रूप से अश्क्षम होते हुए सार्थक कदम ने अपने प्रयासों के द्वारा उसे सामान्य बनाने का प्रयास किया। इसी श्रेणी में अन्य और भी बच्चे सम्मिलित हुए है जो अन्य विद्यालयों में प्रवेश लिए और वर्तमान में सामान्य बच्चों की तरह जीवन यापन कर रहे हैं.
इस अवसर पर कल्पतरु सेवा समिति के जया तिवारी, डॉ. शर्मिला सामल, श्रीमती ज्योति मिश्रा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
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