- Home
- Chhattisgarh
- ‘भिलाई वाणी’ सम्मान : द्वि-भाषी पत्रिका [तेलगु-हिंदी] के रजत जयंती समारोह में सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार गिरीश पंकज, बांग्ला-हिंदी कवि व नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल और तेलुगु कवि डब्बीरु प्रभाकर राव को इस वर्ष का ‘भिलाई वाणी’ सम्मान से नवाज़ा गया
‘भिलाई वाणी’ सम्मान : द्वि-भाषी पत्रिका [तेलगु-हिंदी] के रजत जयंती समारोह में सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार गिरीश पंकज, बांग्ला-हिंदी कवि व नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल और तेलुगु कवि डब्बीरु प्रभाकर राव को इस वर्ष का ‘भिलाई वाणी’ सम्मान से नवाज़ा गया

👉 रचनाकारों का सम्मान [बाएँ से] • गिरीश पंकज, डब्बीरु प्रभाकर राव और प्रकाशचंद्र मण्डल
छत्तीसगढ़ आसपास
भिलाई : तेलगु-हिंदी में प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘भिलाई वाणी’ के तत्वावधान में ‘भिलाई वाणी’ सम्मान समारोह बीते रविवार [23 नवम्बर, 2025] को प्रगति भवन [ऑफिसर्स एसोसिएशन सभागार] में सम्पन्न हुआ. ‘भिलाई वाणी’ का यह रजत जयंती समारोह था. सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि ‘सेफी’ के चेयरमैन व ‘भिलाई इस्पात संयंत्र ऑफिसर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर और अध्यक्षता ‘भिलाई वाणी’ के संपादक एवं सम्मान समारोह के संयोजक एल. रुद्रमूर्ति थे. अन्य विशिष्ट अतिथि थे-
व्यंग्यकार विनोद साव,अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त खिलाड़ी राजेंद्र प्रसाद, स्टेट मीडिया कंसल्टेंट डॉ. डी. श्याम कुमार, ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक व प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य और अंतर्राष्ट्रीय शायर एवं ‘जनवादी लेखक संघ’ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुमताज.

इस वर्ष का ‘भिलाई वाणी’ सम्मान देश के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार लेखक गिरीश पंकज, बांग्ला-हिंदी के कवि व नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल और तेलुगु कवि डी. प्रभाकर राव को दिया गया.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नरेंद्र कुमार बंछोर ने कहा कि-

👉 [बाएँ से] • संचालन करते हुए एम. बाबूराव, एस. नारायण स्वामी, एल. रुद्रमूर्ति, बीके राव दीवाना, विनोद साव, राजेंद्र प्रसाद, प्रदीप भट्टाचार्य, मुमताज, नरेंद्र कुमार बंछोर और डॉ.डी.श्याम कुमार {सम्मानित लेखक गिरीश पंकज}
“साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कार और समाज का दर्पण है. साहित्य हमें सोचने की शक्ति देता है. साहित्य मनुष्य को मनुष्य से जोड़ता है और हमारे भीतर छिपे अनुभवों को आवाज देता है. लेखक, कवि, कलाकार समाज की नब्ज़ को सबसे पहले पहचानते हैं. उनके शब्द समय के अंधकार में भी मार्गदर्शन देने वाली दीपशिखा बन जाते हैं. जब-जब समाज में संवाद कमजोर पड़ता है, साहित्य आगे आकर पुल बनाता है और हमें जोड़ता है. साहित्यकार केवल लेखक नहीं, वे समय के साक्षी और भविष्य के मार्गदर्शक होते हैं. इन्होंने इस सुंदर आयोजन के लिए ‘भिलाई वाणी’ की पूरी टीम को साधुवाद दिया एवं आने वाले समय में भी ऐसे साहित्यिक आयोजन हेतु हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया”
‘भिलाई वाणी’ सम्मान से सम्मानित होने के बाद गिरीश पंकज, प्रकाशचंद्र मण्डल और डी. प्रभाकर राव ने कहा कि-

👉 ‘भिलाई वाणी’ सम्मान से सम्मानित प्रकाशचंद्र मण्डल पत्नी सुमीता मण्डल के साथ
“भिलाई वाणी’ का यह सम्मान ऐसे समय हमें मिल रहा है, जब छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ‘भिलाई वाणी’ भी अपना रजत जयंती मना रहा है. सम्मान को सम्मानित करना ‘भिलाई वाणी’ का उद्देश्य है. सृजन को सम्मान देना, रचनाकारों का उत्साह बढ़ाना और साहित्यिक विरासत को आगे ले जाना ही ‘भिलाई वाणी’ का संकल्प है. सरकार चुटकुले बाज रचनाकारों को सम्मानित करती है, ऐसे समय हमें यह सम्मान देना किसी सरकारी सम्मान से कम नहीं है. नरेंद्र कुमार बंछोर एवं सभी मंचीय अतिथियों द्वारा तीनों रचनाकारों का शॉल, श्रीफल, ममोंटो व सम्मान-पत्र देकर ‘भिलाई वाणी’ सम्मान दिया गया. सम्मान-पत्र का वाचन आयोजक संयोजक एल. रुद्रमूर्ति ने पढ़ा.
▪️
इस अवसर पर आमंत्रित कवियों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचना का पाठ किया. प्रमुख कवि एवं कवयित्री थे-

👉 कविता पाठ करते हुए डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

👉 • कविता पाठ करती हुई डॉ. बीना सिंह ‘रागी’

👉 [बाएँ से] • सोनिया सोनी, संध्या श्रीवास्तव, डॉ. बीना सिंह ‘रागी’, ब्रजेश मल्लिक और त्रयम्बक राव साटकर ‘अंबर’

👉 • त्रयम्बक राव साटकर ‘अंबर’ कविता पाठ करते हुए
त्रयम्बक राव साटकर ‘अंबर’, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, डॉ. बीना सिंह ‘रागी’, संध्या श्रीवास्तव, ब्रजेश मल्लिक, सोनिया सोनी, सुमित्रा कामडिया, शिल्पा यादव, बृजेश कुमार तिवारी, सुरेश कुमार बंछोर, इस्माइल आजाद, ए. विजयलक्ष्मी, भानुमति कौसर, सोनिया नायडू, संध्या जैन, डॉ. कल्याण सिंह. सहभागी कवियों को ‘भिलाई वाणी’ की तरफ से सम्मान-पत्र मोमंटो देकर सम्मानित किया गया.

👉 • आमंत्रित रचनाकारों का सम्मान
▪️
कार्यक्रम का संचालन एस. नारायण स्वामी एवं एम.बाबूराव ने किया. स्वागत वक्तव्य सीएच श्रीनिवास एवं आभार व्यक्त बीके राव दीवाना ने किया. विशेष सहयोग सीएच कृष्णमूर्ति व एल. चैतन्या का रहा.
▪️
‘भिलाई वाणी’ समारोह के साक्षी बनने सभागार में उपस्थित हुए अन्य अति महत्वपूर्ण प्रबुद्धजन-



समाजसेवी लेखक कैलाश जैन बरमेचा, ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ की प्रधान संपादक शेफाली भट्टाचार्य, सुमिता मण्डल, आलोक कुमार चंदा, बांग्ला कवि पल्लव चटर्जी, विपुल सेन, शायर नवेद रजा दुर्गवी, कवि शिवमंगल सिंह, के. उमाशंकर राव, के.जगदीश, एम. धर्माराव, के. वेंकटराव, एम. वेंकटराव, बीएस नारायण, पी. श्रीनिवास, डी. श्रीनिवास, बी. जोगा राव और ‘भिलाई वाणी’ संपादकीय टीम.
▪️
समारोह की कुछ प्रमुख सचित्र झलकियाँ-

👉 • कवयित्री ए. विजय लक्ष्मी का अभिवादन करते हुए समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा

👉 • कवयित्री ए. विजय लक्ष्मी का अभिनंदन करते हुए प्रदीप भट्टाचार्य और शेफाली भट्टाचार्य

👉 [बाएँ से] • आलोक कुमार चंदा, कैलाश जैन बरमेचा, सुमिता मण्डल,प्रकाशचंद्र मण्डल, शेफाली भट्टाचार्य और नवेद रजा दुर्गवी

👉 [प्रकाशचंद्र मण्डल का सम्मान] बाएँ से- • नरेंद्र कुमार बंछोर, राजेंद्र प्रसाद, एल.रुद्रमूर्ति, प्रदीप भट्टाचार्य और शायर मुमताज

👉 • मुख्य अतिथि नरेंद्र कुमार बंछोर का ‘भिलाई वाणी’ परिवार की तरफ से अभिनंदन किया गया

👉 • कैलाश जैन बरमेचा ने प्रकाशचंद्र मण्डल का अभिनंदन किया

👉 • गिरीश पंकज द्वारा आमंत्रित कवियों का सम्मान
[ • प्रस्तुति रिपोर्ट एवं फोटो सौजन्य डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
🟥🟥🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)