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लाड़ो की मुस्कान भाग-2 : ऐसी ही एक दिव्य मुस्कान है- मेरी लाड़ो दिविषा की… कैलाश जैन बरमेचा
कुछ मुस्कानें सिर्फ मुस्कान नहीं होतीं
वे आत्मा की दीवारों पर टंगी हुई छोटी-सी दीपावली होती हैं,
जो देखते ही दिल के भीतर
एक शांत, पवित्र, निर्मल उजाला जगा देती हैं।
ऐसी ही एक दिव्य मुस्कान है—
मेरी लाड़ो दिविषा की…
जब लाड़ो मुस्कुराती है…
मानो सुबह की पहली किरण
नींद में डूबे कमल पर हौले से हाथ रख दे।
उसकी हँसी में एक ऐसी संगीतमय चंचलता है,
जिसे सुनकर लगता है जैसे
अंजलि में भरे फूल अचानक खिल उठे हों।
उसकी मासूम आँखों की चमक
युद्धभूमि में थक चुके योद्धा को भी
नया उत्साह दे सकती है—
एक छोटी-सी बच्ची की मुस्कान में
जीवन जीत लेने की ताकत छिपी होती है।
उसकी खनकती हँसी में करुणा का आकाश
जब दिविषा हल्के से दाँत दिखाकर हँसती है,
तो लगता है मानो
जहाँ-जहाँ दिलों में घाव हैं,
वहाँ-वहाँ उसके हँसने से मरहम लग जाता है।
कितने ही दर्द हों, कितनी ही थकान हो,
उसकी एक मुस्कान कहती है—
“कुछ नहीं हुआ… सब ठीक हो जाएगा।”
दिविषा की मुस्कान में
वह कोमलता है,
जो फूलों के झुकने में भी नहीं मिलती
और वह चमक है,
जो चाँद की श्वेत रोशनी में भी कम पड़ जाए।
उसके गुलाबी होठों की वह बिखरती चंचलता
मानो प्रकृति ने खुद बैठकर
एक छोटी-सी चित्रकला बनाई हो—
जहाँ हर रेखा सौंदर्य का गीत गाती है,
और हर लकीर प्रेम का वचन।
यह तस्वीर बोलती नहीं…
फिर भी इसके हजारों शब्द हैं।
यह कह रही है कि—
“देखिए, दुनिया अभी भी खूबसूरत है।”
यह मासूम मुस्कान बता रही है कि—
खुश होने के लिए बड़े-बड़े कारण नहीं चाहिए,
बस एक सच्ची, निर्मल मुस्कान काफी है।
दिविषा की आँखों में चमकती शरारत,
गालों में खिलता कोमल गुलाबीपन,
और होंठों पर तैरती मधुर खनक…
सब मिलकर यह संदेश देते हैं कि
जीवन जितना दिखता है,
उससे कहीं अधिक प्यारा है।
दिनभर का तनाव, भागदौड़, चिंताएँ
सब कुछ एक पल के लिए थम जाता है,
जब दिविषा मुस्कुराती है।
उसकी मुस्कान
दुनिया का सबसे सरल
और सबसे गहरा ध्यान (मेडिटेशन) है।
उसे देखकर लगता है कि
मन की सारी धूल झड़ गई,
दिल फिर से हल्का हो गया,
और भीतर कोई नया दीप जल उठा।
दिविषा सिर्फ एक बच्ची नहीं—
वह वह उषा है
जो हमारे जीवन के आकाश में
हर दिन नया प्रकाश भरती है।
उसकी मुस्कान
मेरा गर्व भी है,
मेरा सुख भी,
मेरी थकान की दवा भी,
और मेरे जीवन की सबसे सुंदर कविता भी।
ईश्वर उसे हमेशा मुस्कुराता रखे—
क्योंकि उसकी मुस्कान
सिर्फ उसके लिए नहीं,
हम सब के लिए वरदान है।
लाड़ो की मुस्कान—
एक ऐसा फूल, जो दिल में खिलता है।
• संपर्क-
• 90398 79080
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chhattisgarhaaspaas
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