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भिलाई इस्पात संयंत्र : बीएसपी के दो अधिकारी मुख्य महाप्रबंधक सुशांता कुमार घोषाल, शिफ्ट इंचार्ज धीरेंद्र कुमार कुशवाहा और मारुति कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अभय कुमार को ढाई साल पहले हुए ठेका श्रमिक रंजीत सिंह की दुर्घटना में हुई मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया
छत्तीसगढ़ आसपास
भिलाई
करीब ढाई साल पहले BSP में हुए हादसे में ने बीएसपी के दो अधिकारियों और एक ठेकेदार को भिलाई भट्टी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया कि यह कार्रवाई ढाई साल पहले हुए एक हादसे को लेकर जुड़ी है।
मुख्य प्रबंधक, शिफ्ट इंचार्ज गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एसएमएस-02 के चीफ जनरल मैनेजर, शिफ्ट इंचार्ज यांत्रिकी और मारूति कंस्ट्रक्शन कंपनी का ठेकेदार शामिल है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए और 285 के तहत अपराध दर्ज किया है।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार पाए गए बीएसपी SMS-02 के मुख्य महाप्रबंधक सुशांता कुमार घोषाल (56 वर्ष), निवासी क्वार्टर नंबर बीकेडी-21, सेक्टर-09। शिफ्ट इंचार्ज यांत्रिकी धीरेन्द्र कुमार कुशवाहा (30 वर्ष), निवासी क्वार्टर नंबर 06/ए, सड़क-51, सेक्टर-08 और मारूति कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अभय कुमार (57 वर्ष), निवासी प्लॉट नंबर-9, विद्या विहार, नेहरू नगर पश्चिम, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला को गिरफ्तार किया है।

भिलाई भट्ठी थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया कि 25 अप्रैल 2023 को बीएसपी के एसएमएस-02 कंटीन्यूअस कास्टिंग शॉप के कास्टर नंबर-06 में इक्यूपमेंट कूलिंग पाइप लाइन बदलने का कार्य चल रहा था। इस दौरान पाइप शिफ्टिंग के समय वहां मौजूद ज्वलनशील पदार्थ में अचानक आग लग गई। हादसे में मौके पर काम कर रहे चार ठेका श्रमिक राजू तांडी, रमेश मौर्य, अमित सिंह और रंजित सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी को उपचार के लिए सेक्टर-09 अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान रंजित सिंह की मौत हो गई थी।
प्रबंधन कीबड़ी लापरवाही सामने आई थी
घटना के बाद थाना भिलाई भट्ठी में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि यह दुर्घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण हुई। पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि बीएसपी के कारखाना प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी द्वारा आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे और उपेक्षापूर्ण तरीके से कार्य कराया जा रहा था, जिसके चलते यह प्राणांतक हादसा हुआ।
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