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- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘साहित्य सभा- 354’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, समरेंद्र विश्वास, मीता दास, प्रदीप भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा, सुजॉशा सेन, वीरेंद्रनाथ सरकार,विपुल सेन, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, सुबीर रॉय, मनोरंजन दास, गौतम शील, गोपाल शर्मा, प्रभात मंडल,शेफाली भट्टाचार्य, लीना चंदा और शर्मिला दत्त : इतु पूजा, गीत-संगीत ओ सुर, काव्यपाठ, साहित्यिक विचार-विमर्श, पुस्तक भेंट और भोग प्रसाद
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘साहित्य सभा- 354’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, समरेंद्र विश्वास, मीता दास, प्रदीप भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा, सुजॉशा सेन, वीरेंद्रनाथ सरकार,विपुल सेन, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, सुबीर रॉय, मनोरंजन दास, गौतम शील, गोपाल शर्मा, प्रभात मंडल,शेफाली भट्टाचार्य, लीना चंदा और शर्मिला दत्त : इतु पूजा, गीत-संगीत ओ सुर, काव्यपाठ, साहित्यिक विचार-विमर्श, पुस्तक भेंट और भोग प्रसाद

👉 [बाएँ से] • सुबीर रॉय, प्रदीप भट्टाचार्य, जीबोन हालदार, विपुल सेन और स्मृति दत्त
छत्तीसगढ़ आसपास
भिलाई
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में अनेक साहित्यिक आयोजन के साथ-साथ प्रति माह ‘साहित्य सभा’ एक महत्वपूर्ण साहित्यिक बैठक है. विगत 65 वर्षों से संचालित यह संस्था बांग्ला भाषा के उन्नयन, संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को छत्तीसगढ़ राज्य में बनाई हुई है. इस संस्था का गठन भाषाविद् व बांग्ला लेखक स्व. शिबव्रत देवानजी और डॉ. भवानी प्रसाद मुखर्जी ने किया था. वर्तमान में संस्था की सभापति देश की लब्ध प्रतिष्ठित कवयित्री लेखिका बानी चक्रवर्ती एवं उप सभापति बांग्ला की सुपरिचित वयोवृद्ध लेखिका श्रीमती स्मृति दत्त हैं. संस्था की बांग्ला में प्रकाशित मुखपत्र ‘मध्यबलय’ है. ‘मध्यबलय’ लिटिल मेंगजिंन के संपादक बांग्ला के प्रगतिवादी कवि दुलाल समाद्दार हैं. साहित्य सभा-354 स्मृति दत्त के निवास [नेहरू नगर] में 16 दिसम्बर, 2025 को सम्पन्न हुआ. इतु पूजा,साहित्यिक विचार-विमर्श, बांग्ला-हिंदी में काव्य पाठ और गीत-संगीत-ओ-सुर में शिरकत हुए- स्मृति दत्त [उप सभा पति], संस्था के संस्थापक सदस्य व बांग्ला कवि समरेंद्र विश्वास, बांग्ला- हिंदी की कवयित्री व अनुवादक मीता दास, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, कवयित्री सोमाली शर्मा,बांग्ला कवि वीरेंद्रनाथ सरकार, विपुल सेन, जीबोन हालदार, गोपाल शर्मा, हिंदुत्ववादी बांग्ला कवि पं.बासुदेब भट्टाचार्य, सामाजिक व साहित्यिक चिंतक आलोक कुमार चंदा, सुबीर रॉय, गायक मनोरंजन दास, गौतम शील, प्रभात मंडल, सुजॉशा सेन, शर्मिला चंदा और साहित्य अनुरागी शेफाली भट्टाचार्य, लीना चंदा.

👉 [बाएँ से] • जीबोन हालदार, विपुल सेन, स्मृति दत्त, गौतम शील और श्रीमती शेफाली प्रदीप भट्टाचार्य

👉 • साहित्य सभा-354 में उपस्थित ‘बंगीय’ सक्रिय सदस्य
साहित्य सभा- 354 की अध्यक्षता समरेंद्र विश्वास और संचालन व आभार व्यक्त स्मृति दत्त द्वारा किया गया.
सभा के प्रारंभ में पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर, विधिविधान से सरस्वती पूजन किया. कार्यक्रम के सभापति समरेंद्र विश्वास, ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति स्मृति दत्त एवं सभी सदस्यों ने माँ सरस्वती के तैल चित्र में माल्यार्पण किया. पुष्प अर्पित किए.

👉 [बाएँ से] • पं. बासुदेब भट्टाचार्य, शेफाली भट्टाचार्य और स्मृति दत्त

👉 [बाएँ से] • स्मृति दत्त, श्रीमती लीना आलोक चंदा और श्रीमती शेफाली भट्टाचार्य
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काव्य पाठ और गीत संगीत-

प्रारंभ में स्मृति दत्त एवं पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने ‘इतु’ पूजन के बारे में विस्तार से परिभाषित किया. ततःश्चात् स्मृति दत्त ने सिंथेसाइजर पर एक भावपूर्ण गीत और गौतम शील द्वारा माउथऑरगन में ‘आमी देखी सारा दिन…’ गीत की प्रस्तुति से समा बांधा. मनोरंजन दास ने ‘सेई दिन बोछोर दू बेला…’/ ‘ऐतो सुर कोतो दिनों पोरे ऐलो…’ सुजॉशा सेन ने ‘ऐई कोथा टा मोने रेखो…’ प्रभात मंडल ने ‘आज ऐई दिन टा मोने रेखो…’०
• वीरेंद्रनाथ सरकार ने ‘आमाके मोने’ [अनुवाद कविता] और ‘भालोबाशा’ • विपुल सेन ने ‘बस स्टैंड’ • मीता दास ने ‘शीत पोड़े उल्लघंन छेले टा…’ • सोमाली शर्मा ने ‘शीतेर शीतेर बिंदु’ • पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने लघुकथा ‘मनुहारी’ • जीबोन हालदार ने व्यंग्य कविता ‘जोमलॉय की बंदो होबे…’ • आलोक कुमार चंदा ने दुलाल समाद्दार लिखित कविता ‘भूल’ का पाठ किया. • गोपाल शर्मा ने अंग्रेजी में एक कविता का पाठ किया.

👉 • समरेंद्र विश्वास के नव प्रकाशित कृति [कथा संग्रह] “कास्टसुंदरी” स्मृति दत्त को भेंट किया और इसी पुस्तक से 2 छोटी-छोटी लघुकथा का पाठ किया. 1. कास्टसुंदरी ओ बाजारेर दुनिया और 2. हाथ घड़ी. [कृति की प्रति स्मृति दत्त को भेंट करते हुए समरेंद्र विश्वास]

👉 • ख्यातिप्राप्त बांग्ला साहित्यकार समरेंद्र विश्वास अपनी कृति ‘कास्टसुंदरी’ से दो रचनाओं का पाठ किया.

👉 • ‘कास्टसुंदरी’ का मुख पृष्ठ

👉 • कृति ‘कास्टसुंदरी’ के साथ [बाएँ से] श्रीमती सोमाली गोपाल शर्मा और श्रीमती सुजॉशा विपुल सेन

👉 • प्रदीप भट्टाचार्य लिखित हिंदी कविता ‘गुलाब फूल का सौंदर्य’ का बांग्ला में अनुवाद कवि तारकनाथ चौधुरी ने किया. यह कविता बांग्ला पत्रिका ‘मध्यबलय’ अंक-59 में प्रकाशित हुई है.

👉 • गौतम शील माउथऑरगन में गीत प्रस्तुत करते हुए

👉 • विचारवान कवि वीरेंद्रनाथ सरकार कविता पाठ करते हुए

👉 • मीता दास कविता पाठ करती हुई

👉 • बांग्ला की सुप्रसिद्ध कवयित्री सोमाली शर्मा कविता पाठ करती हुई

👉 • पं. बासुदेब भट्टाचार्य, प्रदीप भट्टाचार्य लिखित अनुवाद कविता को पढ़कर सुनाया

👉 • साहित्य सभा-354 की संयोजिका स्मृति दत्त ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थित सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और सदस्यों के लिए भोग प्रसाद, खजूर के गुड़ की खीर एवं बेगुनी से सबका मेहमांन नवाजी भी की.
[ • प्रस्तुति व रिपोर्ट प्रदीप भट्टाचार्य ]
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chhattisgarhaaspaas
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