• Chhattisgarh
  • उन्वान : ‘निकाह’ – साजिद अली सतरंगी

उन्वान : ‘निकाह’ – साजिद अली सतरंगी

2 months ago
391

▪️
‘मरयम’ – माँ की दुआओं में लिपटी, अब्बा की उम्मीदों से बँधी और अपने भाई-बहनों की दुनिया थी…
– साजिद अली सतरंगी
[ मेरठ-उत्तरप्रदेश ]

घर की पुरानी दीवारों पर वक़्त ने अपने निशान छोड़ दिए। छत के एक कोने से टपकता पानी, दीवारों पर सीलन और आँगन में उगा नीम का पेड़—दोनों जैसे एक ही कहानी कहते हो: सब्र की कहानी। उसी आँगन में “मरयम” की ज़िंदगी पली-बढ़ी थी।
“मरयम”– माँ की दुआओं में लिपटी, अब्बा की उम्मीदों से बँधी, और अपने भाई-बहनों की दुनिया थी।
“मरयम” अपने छ: भाई बहनों में मंझली थी। जब छोटी थी, तो बहुत ज़्यादा नटखट थी, उसे गुड़ियों से खेलना बहुत पसंद था। वह अपनी गुड़ियों का भी “निकाह” कराती, किसी को दुल्हन बनाती, तो किसी को दुल्हा, तो किसी को ससुराल भेजती। माँ हँसते हुए कहती, “देखना, इस घर में “मरयम” सबसे पहले दुल्हन बनेगी।”
मगर वक़्त ने “मरयम” के लिए कोई और क़िरदार लिख रक्खा था।
अब्बा की लोहा, वैल्डिंग की छोटी सी दुकान थी, जिससे घर का गुज़ारा चलता था। एक दिन अब्बा,ओर छोटे चाचा किसी जरूरी काम से बाहर गए । शहर के रास्ते में अचानक किसी ट्रक की चपेट में आकर बेहद गम्भीर चोट लग ग‌ई।ज़ेरे इलाज, दोनों इस दुनिया ए फ़ानी को अलविदा कह गए। घर पे मानों दुखों का पहाड़ टूट गया हो। दुकान बंद हो गई। घर की आमदनी घट गई। घर का खर्च बामुश्किल चल रहा था, भाई, बहन, सब छोटे थे। एक दिन “मरयम” ने पहली बार माँ की आँखों में डर देखा–वही डर, जो धीरे-धीरे उसकी अपनी आँखों में उतर आया।
“मरयम” पढ़ने में होशियार थी, कॉलेज के दिनों में उसने ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया। शाम को बच्चों को पढ़ाती, रात को घर के काम निपटाती। माँ कहती,
“बेटी, अपने बारे में भी सोचा कर।”
“मरयम” मुस्कुरा देती,
“ अम्मी पहले घर संभल जाए फिर मैं।”
छोटी बहन की पढ़ाई, छोटे भाई की फीस, अम्मी की दवाइयाँ — सब “मरयम” की डायरी में दर्ज हो गए। “उस डायरी में सपनों के लिए कोई पन्ना नहीं था।
वक़्त बीतता गया। रिश्ते आने लगे। कभी उम्र का बहाना, कभी हालात का। माँ हर रिश्ते के बाद चुप हो जाती। “मरयम” सब समझती थी, मगर कुछ कहती नहीं थी। वह जानती थी कि निकाह सिर्फ़ दो लोगों का नहीं होता–पूरा घर उसमें शामिल होता है।
और इस घर की ज़िम्मेदारी अभी उसके कंधों पर थी।
एक दिन पड़ोस की सहेली का निकाह हुआ। “मरयम” ने खुद अपने हाथों से उसको मेंहदी लगाई। दुल्हन के हाथों की खुशबू “मरयम” की उँगलियों में बस गई, मगर आँखों में नमी उतर आई।
रात को उसने डायरी खोली और लिखा–
“ शायद मेरे नसीब में मेंहदी से ज़्यादा सब्र लिक्खा है।”

अम्मी की तबीयत और बिगड़ने लगी। एक रात “मरयम” ने उन्हें खाँसते हुए देखा, तो दिल काँप उठ्ठा। उसने अम्मी का हाथ थाम लिया।
अम्मी ने कमज़ोर आवाज़ में कहा,
“मरयम, मैंने तुम्हारे लिए कुछ नहीं किया।”
“मरयम” रो पड़ी,
“अम्मी, आपने मुझे अब्बा के जाने के बाद मजबूत बनाया है,, यही बहुत है।”
उसी रात “मरयम” ने फैसला किया–अब वह और भी ज़्यादा मेहनत करेगी। उसने छोटा सा कोचिंग सेंटर खोला ऑनलाइन,ऑफलाइन, दोनों तरह से पढ़ाना शुरू किया, हर वो रास्ता अपनाया जिससे घर चल सके।
लोग कहते, “लड़की होकर इतना क्यों करती हो?”
वह जवाब देती, “घर अपना हो, तो बोझ नहीं लगता।”
धीरे-धीरे भाई बड़ा हुआ, बहन की पढ़ाई पूरी हुई। घर के हालात संभलने लगे। माँ ने एक दिन हिम्मत करके कहा,
“मरयम,, बेटा अब तुम्हारे निकाह के बारे में सोचते हैं।”
“मरयम” ने शायद पहली बार आईने में खुद को देखा–आँखों के नीचे थकान, ओर चेहरे पर वक़्त की लकीरें एक कहानी बयां कर रही थी।
वह मुस्कुराई, मगर उस मुस्कान में अधूरापन था।
“ अम्मी, जो अल्लाह को मंज़ूर होगा।”
रिश्ते फिर से आने लगे। “मगर यह जहेज़ लोभी समाज, कभी उम्र का सवाल करता,तो कभी जहेज़ की मांग। कुछ लोग उनकी गरीबी पर तंज कसते। “मरयम” हर बार खामोश रह जाती। उसे शिकायत नहीं थी–बस एक सुकून की तलाश थी।
एक शाम माँ ने पुराने लकड़ी के संदूक से “मरयम” का बचपन का जोड़ा, निकाला–वही जोड़ा, जो किसी शादी के लिए सिलवाया गया था, मगर कभी पहना नहीं गया। उसे देखकर माँ की आँखों से आँसू बह निकले,
“ मैंने तुम्हारी खुशियाँ रोक ली “मरयम”
“मरयम” ने माँ को गले लगा लिया,
“अम्मी, आपने मुझे खुद्दारी दी है अल्लाह ने सब्र अता किया है। मुझे खुशी उससे ही मिलती है।”

निकाह अब “मरयम” के लिए एक सपना नहीं, एक दुआं बन चुका था–अगर मिला तो शुक्र, न मिला तो सब्र।
कई साल बाद, एक सादा-सा रिश्ता आया। लड़का पेशे से इंजीनियर, बल्कि बहुत नेकदिल,,न दहेज की माँग, न उम्र की शिकायत,न उसकी तंगदस्ती से गिला।

“अम्मी ने सवाल किया,,
“क्या आप “मरयम” की “जद्दोजहद,, को समझ पाएँगे?”

जवाब आया,
“ मैं उसका हाथ नहीं, उसकी ज़िंदगी थामना चाहता हूँ।”

निकाह की तारीख़ मुकर्रर की गई,निकाह बहुत सादगी से हुआ। न ढोल, न दिखावा,न किसी तरह का जहेज़। “मरयम” ने निकाह का जोड़ा पहना,मानो आसमान से कोई परी उतर आई हो। उसने आईने में खुद को देखा–थकी हुई नहीं, बल्कि अपने आप से “मुतम‌इन।
उसने दिल ही दिल में कहा,,
“यह निकाह मेरे सब्र की गवाही है।”
और उस दिन “मरयम” समझ गई–कुछ लड़कियाँ देर से दुल्हन बनती हैं, क्योंकि वे पहले पूरी उम्र जिम्मेदारी बनकर जीती हैं।
निकाह उनके लिए सिर्फ़ एक रिश्ता नहीं, बल्कि एक मुकम्मल इबादत होता है।,,

निकाह के बाद “मरयम” जब ससुराल पहुँची, तो वहाँ हर ओर खुशियों का माहौल था,घर को “मरयम,, की तरह दुल्हन बनाया गया था, घर वाले किसी ख़ास मेहमान के दीदार के लिए अपनी पलकें बिछाए खड़े थे,कम लोग, मगर आँखों में अपनापन। सास ने माथे पर हाथ रखा और बस इतना कहा,
“बेटी, बहुत देर हो गई तुम्हें यहाँ आने में।”
“मरयम” की आँखों में ख़ुशी के ऑंसू भर आए। किसी ने पहली बार उसकी देर को ताना नहीं, बल्कि “समझ बनाया था।,,
पहली रात वह देर तक जागती रही। मानों कमरे की हर दीवार जैसे कोई कहानी बयां कर रही हो।यह खुशनुमा मंज़र देख कर, भाइयों की किताबें, बहन की फीस, अम्मी की दवाई,,आज पहली बार उन सबके बीच वह खुद भी मौजूद थी।
पहली सुबह जब कमरें का दरवाजा खुला उसने घर के आंगन में कदम रक्खा,, तो देखा चाय नाश्ता सब तैयार है।
वह थोड़ा ठिठकी ओर मुस्कुराकर कहा,,
“इतनी जल्दी?,,
शौहर ने मुस्कुराकर कहा,,
अब तुम्हें किसी की जिम्मेदारी उठाने की ज़रूरत नहीं।”
उसे समझ ही नहीं आया कि जवाब क्या दे।
ज़िम्मेदारी उसके लिए आदत बन चुकी थी।जैस-जैसे दिन बीतने लगे। वह हर काम पूरे मन से करती, मगर दिल के किसी कोने में एक खालीपन था–जैसे वह खुद को खोज रही हो।
“एक दिन शौहर ने कहा,,
“मरयम,, तुमने कभी अपने लिए कुछ सोचा है?”
वह मुस्कुरा दी,
“मैंने हमेशा दूसरों के लिए सोचा है।”
उन्होंने बड़े इत्मीनान से कहा,
“तो अब मेरी बारी है–मैं तुम्हारे लिए सोचूँगा।”
उस रात “मरयम” बहुत रोई।
यह आँसू दुख के नहीं थे, बल्कि उस राहत के थे, जो बरसों बाद किसी ने उसके कंधों से बोझ उतार कर दी थी।
कुछ महीनों बाद वह मायके गई।
भाई अब नौकरी करने लगा था, बहन अपने पैरों पर खड़ी हो गई थी।
माँ पहले से ज़्यादा सुकून में थीं।
अब्बा की एक तस्वीर दीवार पर टँगी थी–मुस्कुराती हुई।
“मरयम” ने तस्वीर के सामने खड़े होकर कहा,
“अब्बा, आपकी बेटी ने घर भी संभाला, और खुद को भी खोने नहीं दिया।”
माँ ने उसका हाथ थाम लिया,
“तूने हमारी ज़िंदगी जी बेटा,
“मरयम।”वह पहली बार बोली,
“अम्मी, अब मैं अपनी ज़िंदगी जीना चाहती हूँ।”
“मरयम” ने फिर से पढ़ाई शुरू की।
उसने वही काम चुना, जिसमें वह दूसरी लड़कियों को मुकम्मल बना सके–उनके सपनों को पूरा करना सीखा सके,उन्हें यह समझा सके कि निकाह देर से होना हार नहीं होती।
कई लड़कियाँ उसके पास आतीं, रोतीं, कहतीं,
“आप जैसी हालत है हमारी।”
“मरयम” मुस्कुराकर कहती,
“मैं तुम्हारा आने वाला कल हूँ–डरो मत।”
समाज अब भी सवाल करता था–
“इतनी देर से निकाह क्यों हुआ?”
वह सुकून से जवाब देती,
“क्योंकि मैंने पहले फ़र्ज़ निभाया।”
रात को जब वह सजदे में जाती, तो उसकी दुआं बदल चुकी थी।
अब वह सिर्फ़ सब्र नहीं माँगती थी, बल्कि शुक्र भी करती थी।
उसे एहसास हुआ–
कुछ लड़कियों का निकाह देर से इसलिए होता है,
क्योंकि वे पहले टूटे घरों की मरम्मत करती हैं,
माँ-बाप की ढाल बनती हैं,
भाइयों-बहनों की छाँव बनती हैं,
और फिर कहीं जाकर
खुद के लिए एक छोटा-सा आसमान माँगती हैं। वो आसमान जिसकी छांव तले हजारों परिंदे, अठखेलियां करते हैं।
“मरयम” की कहानी किसी एक लड़की की नहीं थी–
वह हर उस बेटी की दास्तां थी,
जो चुपचाप कुर्बानी देती है,
और जब दुल्हन बनती है,
तो उसके माथे की चमक
सिर्फ़ “निकाह” की नहीं, बल्कि
सब्र, इज्ज़त और खुद्दारी की होती है।
यही था “मरयम” का निकाह–
भले ही देर से हुआ,
मगर पूरे वजूद के साथ।

• लेखक संपर्क-
• 94575 30339

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

25 मार्च से 06 अप्रैल तक होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का होगा आयोजन
breaking Chhattisgarh

25 मार्च से 06 अप्रैल तक होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का होगा आयोजन

छत्तीसगढ़ की वैभवी अग्रवाल ने UPSC 2025 में हासिल किया AIR 35, मुख्यमंत्री साय और व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक नितिन अग्रवाल ने दी बधाई
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की वैभवी अग्रवाल ने UPSC 2025 में हासिल किया AIR 35, मुख्यमंत्री साय और व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक नितिन अग्रवाल ने दी बधाई

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त
breaking Chhattisgarh

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी
breaking Chhattisgarh

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ
breaking Chhattisgarh

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख
breaking Chhattisgarh

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ
breaking Chhattisgarh

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत
breaking Chhattisgarh

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
breaking international

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल
breaking international

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
breaking Chhattisgarh

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप
breaking Chhattisgarh

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम
breaking international

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका
breaking Chhattisgarh

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय

कविता

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’
poetry

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
poetry

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’
poetry

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा
poetry

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता
poetry

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]
poetry

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा
poetry

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव

कहानी

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

story

व्यंग्य : ‘ घूमता ब्रम्हांड ‘ – श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़]

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल
story

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल

story

लघुकथा : रौनक जमाल [दुर्ग छत्तीसगढ़]

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन