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- नव वर्ष पर काव्य गोष्ठी : ‘संगवारी छत्तीसगढ़ न्यूज़ चैनल’ एवं ‘क्रियेटिव आर्ट्स अकादमी’ के संयुक्त तत्वावधान में नव वर्ष की बेला में सम्पन्न हुई काव्य गोष्ठी. काव्य संध्या के संयोजक डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव और उत्कर्ष श्रीवास्तव थे
नव वर्ष पर काव्य गोष्ठी : ‘संगवारी छत्तीसगढ़ न्यूज़ चैनल’ एवं ‘क्रियेटिव आर्ट्स अकादमी’ के संयुक्त तत्वावधान में नव वर्ष की बेला में सम्पन्न हुई काव्य गोष्ठी. काव्य संध्या के संयोजक डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव और उत्कर्ष श्रीवास्तव थे

👉 • कवि शामिल रहे- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, राजकुमार चौधरी, सुरेश कुमार बन्छोर, डॉ. कल्याण सेन साहू, हाजी रियाज़ खान गौहर, सूर्य कुमार गुप्ता, फरीदा शाहीन अंसारी, विजय गुप्ता, नवेद रजा दुर्गवी, सुमीत कुमार, डॉ. नरेंद्र देवांगन, मिताली वर्मा श्रीवास्तव, विश्वनाथ, सोनिया सोनी और विशाल कुमार सोनी
• छत्तीसगढ़ आसपास
• दुर्ग से डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
बीते दिनों नव वर्ष-2026 और छत्तीसगढ़ी प्रथम त्योहार ‘छेड़छेड़ा’ के उपलक्ष्य पर डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव व उत्कर्ष श्रीवास्तव के संयोजन में दुर्ग [प्रेम सागर चौक, बैगापारा] में काव्य गोष्ठी हुई.
प्रारंभ में कवियों का स्वागत डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव एवं उत्कर्ष श्रीवास्तव ने किया. डॉ. विजय गुप्ता ने अध्यक्षता की. संचालन शायर व कवि नवेद रजा दुर्गवी ने किया.
काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने काव्य रस में गीत, ग़ज़ल, हज़ल, श्रृंगार रस, वीररस की रचनाएं पढ़ी. रचनाकारों ने शब्दों से बिखेरी गंगा जमुना की तहज़ीब की अनोखी प्रेम धारा. कवियों ने कहा देश में सुख शांति हो, हर पल हर लम्हा खुशनुमां गुजरे. कवियों ने शब्दों और वाणी से समाज को पॉजिटिव एनर्जी प्रदान किया. हम शब्दों से स्वर्णिम दुनिया बना सकते हैं.
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि-
रचनाकार समाज को बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है. हम अपने धर्म और कर्म का अनुसरण करें. कवियों की समाज में बड़ी भूमिका है. एक कवि समाज का जिम्मेदार नागरिक होता है. ऐसी रचना सृजित करें, जिसमें प्रेम भावना जागृत हो. देश खंडित न हो.

इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव को अपनी लिखी किताब भेंट की. राजकुमार चौधरी ने सूर्य कुमार गुप्ता को अपनी छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल संग्रह भेंट की.
अंत में दिवंगत रचनाकारों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
ज्ञानदीप पुरुस्कार प्राप्त कवि-लेखक विनोद कुमार शुक्ल, रजा हैदरी, जनवादी कवि नासिर अहमद सिकंदर और ‘पहल’ के संपादक ज्ञान रंजन को सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया.
आभार व्यक्त डॉ. अवनीश चंद्र श्रीवास्तव और उत्कर्ष श्रीवास्तव ने किया.
[ • रिपोर्ट डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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