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नशेड़ियों में बढ़ा एड्स का खतरा, पुरुषों का पुरुषों से संबंध भी बन रही बड़ी वजह

HIV News CG : प्रदेश की न्यायधानी में एड्स की स्थिति भयावह होती जा रही है। सिम्स एआरटी सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 9 हजार से अधिक एड्स पीड़ित पंजीकृत हो चुके हैं। संक्रमण का पारंपरिक तरीका अब बदल गया हैं, अब पुरुषों का पुरुषों से संबंध (एमएसएम) और नशीले इंजेक्शन का साझा इस्तेमाल इस जानलेवा बीमारी के सबसे बड़े कारण बनकर उभर रहा हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि संक्रमण अब केवल असुरक्षित महिला-पुरुष संबंधों तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 12 से 65 वर्ष तक के लोग, जिनमें मजदूर से लेकर व्हाइट कॉलर (संपन्न वर्ग) के व्यक्ति, इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
सामाजिक संस्थाओं के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 4,462 पंजीकृत सेक्स वर्कर्स में से 104 पाजिटिव हैं, जिनमें से अधिकांश 25 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की हैं। बढ़ता शहर और बदलती जीवनशैली न्यायधानी को एड्स के मुहाने पर खड़ा कर रही है।
जिले में एड्स के आंकड़े यह बता रहे है कि अब तक कुल पंजीकृत 9,423 मरीजों में से 5,492 पुरुष और 3,295 महिलाएं हैंं, वही 74 ट्रांसजेंडर भी इसकी चपेट में हैं। सबसे दुखद पहलू मासूमों का संक्रमण है, जिसमें 302 बालक और 260 बालिकाएं शामिल हैं। वर्तमान में 4,472 सक्रिय मरीज उपचार के भरोसे अपनी जिंदगी जंग लड़ रहे हैं।
मैन टू मैन अप्राकृतिक संबंध से बदलता संक्रमण ट्रेंड
एड्स का नया और सबसे खतरनाक ट्रेंड मैन सेक्स विथ मैन (एमएसएम) के रूप में सामने आया है। जिले में 1,300 से अधिक ऐसे लोग चिन्हांकित हैं जिनका ट्रीटमेंट चल रहा है। इसमें लेबर क्लास से लेकर उच्च शिक्षित वर्ग के लोग भी शामिल हैं। सामाजिक लोकलाज के कारण कई लोग जांच नहीं कराते, जिससे अनजाने में संक्रमण का दायरा और अधिक बढ़ता जा रहा है।
नशे के इंजेक्शन से फैलती मौत
नशे के आदि लोग अपनी लत पूरी करने के लिए एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करते हैं। बिलासपुर में नशीले इंजेक्शन के कारण प्रभावितों की संख्या अच्छी-खासी है। आदतन नशेड़ी बार-बार नई सिरिंज नहीं खरीद पाते, जिसके कारण वे एक ही संक्रमित सुई साझा करते हैं और मौत का सामान एक-दूसरे में अनजाने में बांट रहे हैं।
एड्स के बढ़ते आंकड़े जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंतनीय है। एआरटी सेंटर के माध्यम से हम मरीजों को नियमित दवाएं और परामर्श दे रहे हैं, लेकिन संक्रमण की गति चिंताजनक है। सबसे भयावह स्थित यह है कि यह संक्रमण का ट्रैड अब बदलता जा रहा हैं, सबसे अधिक संक्रमित मरीज एमएसएम की वजह से सामने आ रहे है। इनमें अधिकारी से लेकर मजदूर तक के व्यक्ति भी शामिल है। हम विशेष जागरूकता अभियान चला कर लगातार काउंसलिंग कर रहे है।
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