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अभिभाषक साहित्य संसद- दुर्ग [छत्तीसगढ़] : कवियों, रंगकर्मियों और लोक कलाकारों द्वारा बंसतोत्सव का आयोजन : गीत ग़ज़ल की प्रस्तुति

• छत्तीसगढ़ आसपास
• दुर्ग से डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
दुर्ग : 77वें गणतंत्र दिवस और बंसत पंचमी के अवसर पर ‘अभिभाषक साहित्य संसद’, ‘क्षितिज रंग शिविर’ और ‘आइडियल क्रिएशन वेलफेयर सोसाइटी’ के संयुक्त तत्वावधान में जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के सभागार में दुर्ग-भिलाई के द्वारा अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं के माध्यम से कविता, गीत, ग़ज़ल एवं संगीत की प्रस्तुति दी.

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.
श्रीमती सुमित्रा कामड़िया ‘शि शिर’ की कृति ददरिया संग्रह ‘गांव मया के चलो बसाबो’ का विमोचन हुआ.
इस अवसर पर ‘अभिभाषक साहित्य संसद’ के अध्यक्ष आर एस यादव, जिला- दुर्ग अधिवक्ता संघ की अध्यक्ष नीता जैन, सुप्रसिद्ध रंगमंच कलाकार पी. भानुजी राव, रवि दुबे, गोपाल शर्मा, नकुल महलवार, भारत भूषण परगनिहा, जय कसेर, डी के शर्मा, जयराम भगवानी, प्रकाश ताम्रकर, अर्जुन परमार, जागेश्वरी मढ़रिया, शिवनारायण कामडिया, डॉ. बीना सिंह ‘रागी’, पुष्पलता साहू, कंचनबाला, उमा भारती साहू, सुशील यादव, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, हाजी रियाज खान गौहर, प्रशांत जोशी, ताराचंद मथुरिया, समीर त्रिपाठी, राजेश महाड्रीक, गुलाम नबी, नूरुस्सबाह खान ‘सबा’, फरीदा शाहीन, नीलम, तरन्नुम निशा और अलकरहा ने काव्य पाठ, गीत, ग़ज़ल, संगीत एवं विचार की प्रस्तुति दी.


आयोजन में अभयराज सिंह, गुलाब सिंह पटेल, ऋषिकांत तिवारी, रविशंकर मानिकपुरी, अमित अग्ने, चंद्रिका देवांगन, शकील खान, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव रविशंकर सिंह सहित अनेक साहित्य प्रेमी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे.
संचालन रंगकर्मी योगेश पाण्डेय ने किया.
[ • प्रेस प्रस्तुति- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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