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- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-111’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, सुबीर रॉय, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, कृष्णचंद्र रॉय, रविंद्रनाथ देबनाथ, बारीन दास और अशोक घटक
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-111’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, सुबीर रॉय, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, कृष्णचंद्र रॉय, रविंद्रनाथ देबनाथ, बारीन दास और अशोक घटक

👉 • [बाएँ से] पल्लव चटर्जी, आलोक कुमार चंदा, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार और जीबोन हालदार
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई निवास इंडियन कॉफी हाउस
भिलाई [24 जनवरी, 2026] ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में प्रति सप्ताह आयोजित ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-111’ में इस सप्ताह शामिल हुए ये ‘आड्डाबाज़’-
* ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति व बांग्ला की लब्धप्रतिष्ठत लेखिका स्मृति दत्त. • ‘मध्यबलय’ [बांग्ला भाषा में प्रकाशित लिटिल साहित्यिक पत्रिका] के संपादक दुलाल समाद्दार. • संस्था के कोषाध्यक्ष व बांग्ला के प्रगतिवादी कवि पल्लव चटर्जी. • संस्था के उप सचिव, ‘आरंभ’ के कोषाध्यक्ष, बांग्ला-हिंदी के चर्चित कवि नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल. • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य. • ‘आरंभ’ के सचिव आलोक कुमार चंदा. समाजसेवी सुबीर रॉय. • बांग्ला कवि जीबोन हालदार. • हिंदूत्ववादी कवि पं. बासुदेब भट्टाचार्य. • साहित्य प्रेमी कृष्णचंद्र रॉय. • चिंतक रविंद्रनाथ देबनाथ. • छंद कवि बारीन दास और समाजसेवी अशोक घटक.

👉 [बाएँ से] • प्रकाशचंद्र मण्डल, दुलाल समाद्दार, कृष्णचंद्र रॉय, स्मृति दत्त, बारीन दास, अशोक घटक, आलोक कुमार चंदा, पल्लव चटर्जी, रविंद्रनाथ देबनाथ और प्रदीप भट्टाचार्य
प्रारंभ में संस्था के सक्रिय सदस्य वीरेंद्रनाथ सरकार के बड़े भाई के पुत्र नरेश सरकार के आकस्मिक निधन पर 2 मिनट की मौन विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

👉 विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए [बाएँ से] • दुलाल समाद्दार, जीबोन हालदार, सुबीर रॉय और कृष्णचंद्र रॉय

👉 विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए [बाएँ से] • प्रकाशचंद्र मण्डल और स्मृति दत्त
इस माह संस्था के सदस्य ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार और ‘मध्यबलय’ के प्रकाशक मिहीर समाद्दार का जन्मदिन था, सदस्यों ने दोनों का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया. दोनों सदस्यों के दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दी गई.
• प्रमुख चित्र जन्मोत्सव का-




‘आड्डाबाज़’- 111 की सभापति स्मृति दत्त थीं. विशेष आमंत्रित अतिथि आसनसोल पश्चिम बंगाल से पधारे कवि बारीन दास और बंगाली समाज के समाजसेवी अशोक घटक थे.
संचालन प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया और आभार व्यक्त सुबीर रॉय ने दिया.
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बांग्ला-हिंदी में कविता पाठ, लघु कथा और कहानी एवं संस्मरण सदस्यों ने पढ़ा-

👉 दुलाल समाद्दार अपनी कृति ‘निर्वाचित कविता’ बारीन दास को भेंट करते हुए…

👉 [बाएँ से] • दुलाल समाद्दार, बारीन दास और स्मृति दत्त
• पं. बासुदेव भट्टाचार्य ने पौराणिक कथा ‘प्रार्थना’/ • जीबोन हालदार ने वर्तमान हालात पर लिखी कविता ‘चोर होले वो लोक टी भालो…’, आड्डाबाज़ का चित्रण कुछ तरह इस कविता में किया ‘नायी आमार देर कोनो कॉज…’ और ‘सेई दिन राजू मामा’/ • पल्लव चटर्जी ने छोटी-छोटी गंभीर कविता ‘स्वप्न’, ‘दीपा के भालो बासी’ और ‘मुख’/ • आलोक कुमार चंदा ने नील जामीन की रचित कविता ‘माया आर भालो बासा’/ • दुलाल समाद्दार ने ‘निर्वाचित कविता’ संग्रह से एक कविता ‘भालो बासा’/ • प्रकाशचंद्र मण्डल ने ‘कोखोन पांच टा बाजबे’ [अपनी सासू माँ उमा दास को याद करते हुए लिखी कविता, उमा दास का निधन 03 जनवरी, 2026 को हो गया था] एवं ‘आमी कॉऊ के आघात दिते चाई ना…’ को पढ़कर भाव विभोर कर दिया/ • स्मृति दत्त ने दुलाल समाद्दार के जन्मदिन पर समर्पित एक कविता को पढ़ा और ‘बोई मेला’ के बारे में कुछ जानकारी दी/ • प्रदीप भट्टाचार्य ने प्रगतिशील मुक्तक को पढ़ा और अंत में आमंत्रित अतिथि कवि बारीन दास ने ‘पुरोनो दिन’ एवं ‘बंका’ को पढ़ा. • अशोक घटक ने ‘बंगीय साहित्य संस्था’ द्वारा आयोजित इस ‘आड्डाबाज़’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी बैठक से आपसी भाईचारा एवं आत्मीयता में प्रगाढ़ता आती है. भिलाई जैसे इस्पात नगरी में हम केवल स्टील ही नहीं बनाते बल्कि साहित्य के बीज को भी अंकुरित कर रहे हैं.

👉 [बाएँ से] • प्रदीप भट्टाचार्य, दुलाल समाद्दार, बारीन दास, स्मृति दत्त, अशोक घटक, प्रकाशचंद्र मण्डल और आलोक कुमार चंदा
‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति स्मृति दत्त ने कोलकाता में हो रहे आंतर्जतीक पुस्तक मेला [25 जनवरी से 03 फरवरी,2026]के बारे में बताया कि-

प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी बांग्ला पुस्तक मेला 25 जनवरी से 03 फरवरी, 2026 को करुणामयी साल्टलेक कोलकाता पश्चिम बंगाल में हो रहा है. इस मेला में प्रकाशकों द्वारा स्टॉल लगाए जाते हैं. पुस्तक मेला में छत्तीसगढ़ भिलाई से ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सभापति बानी चक्रवर्ती, उप सभापति स्मृति दत्त, उप सचिव प्रकाशचंद्र मण्डल, कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी, संपादक दुलाल समाद्दार, दीपिका विश्वास, मीता दास, मनोरंजन दास, रविंद्रनाथ देबनाथ और समरेंद्र विश्वास शामिल हो रहे हैं. इस पुस्तक मेला में इनकी पुस्तकों का भी विमोचन होगा.
[ • रिपोर्ट प्रस्तुति- प्रदीप भट्टाचार्य और फोटो क्लिक- पल्लव चटर्जी ]
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