- Home
- Chhattisgarh
- सोशल मीडिया में इन दिनों तेजी वायरल हो रहे इस डॉक्टर के संगीत थैरेपी को जाने, मरीजों के प्रति सेवाभाव देखकर हो जाएंगे हैरान
सोशल मीडिया में इन दिनों तेजी वायरल हो रहे इस डॉक्टर के संगीत थैरेपी को जाने, मरीजों के प्रति सेवाभाव देखकर हो जाएंगे हैरान
वैसे हमारी धरती पर सभी डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा दिया गया है, अगर कोई बीमार है, तो भगवान के बाद डॉक्टर्स ही मुख्य भूमिका में होते है, कुछ डॉक्टर्स अपने लिए और समाज के लिए मिसाल होते है, ऐसे ही एक बेहद सरल, सहज और जिंदादिल डॉक्टर है, डॉक्टर छत्रपाल वट्टी, जिनकी जितनी भी तारीफ करें कम है, यह तो वैसे भी खुशमिजाज स्वभाव के है, जो भी व्यक्ति इनसे मिलता वह इनका हो जाता है, अभी कोरोना के माहामारी के वक्त जब हर जगह टेंशन और डिप्रेशन है तब भी डॉक्टर साहब कोरोना आईसीयू में ड्यूटी कर मरीजों का हौसला अफजाई कर रहे है, उनका ढाढस बड़ा रहे है, डॉक्टर साहब का मानना है कि सकारात्मक सोच से कोरोना तो क्या दुनिया के किसी भी बीमारी से लड़ा जा सकता है, यही उनके म्यूजिकल थैरेपी जो वो आजकल अपने मरीजों को दवा के साथ साथ दे रहे हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है, काफी हद तक फायदेमंद है.
तमाम उन डॉक्टर्स के जब्जे को सलाम जो अपनी और अपने परिवार की चिंता ना करते हुए दिनरात मरीजों की सेवा करने में जुटें है, दिनरात सेवा भाव से मरीजों को बीमारी से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहते है, इनको ना दिन को फिकर है ना रात की सिर्फ सेवा कर रहे हैं, जी हां धरती के भगवान यही है.
इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे है डॉक्टर छत्रपाल वट्टी के वीडियो को देखिए जिसमें इनके म्यूजिकल थैरेपी की झलक दिखाई पड़ती है.
डॉक्टर छत्रपाल वट्टी वर्तमान में रायपुर के सबसे बड़े हॉस्पिटल श्री नारायणा में कार्यरत है और श्री सिद्धि विनायक एडवांस पैन मैनेजमेंट, रायपुर के संचालक भी है, वह न्यूरो एनेस्थेटिस्ट और पैन स्पेशलिस्ट (पीड़ा विज्ञान विशेषज्ञ) है.
कोरोना वायरस को देखते हुए डॉक्टर छत्रपाल वट्टी ने आम लोगो के लिए कहा जाने-
वह व्यक्ति जो कोरोना वायरस से ग्रसित है, उनमें काफी भय रहता है और वह ज्यादा सोचने लगते है. उनके परिजन तो परेशान रहते है, उनको समझना है, बीमारी के लक्षण दिखते ही उपचार शुरू करना है और आइसोलेट होना है, सभी चीख धीरे से ठीक हो जाती है, इसके लिए सही इलाज की जरूरत है, Google, YouTube या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग से बचे, Spo2 और शरीर का तापमान चेक करते रहें, ध्यान रहे की Spo2- 92 से जैसे ही नीचे आए आपको अस्पताल में भर्ती होना है. सहीं समय, सही इलाज से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है.
विभिन्न मीडिया टीम से बात करते हुए उन्होंने अपने काम के बारे में भी चर्चा की कैसे वह अपने पैन मैनेजमेंट क्लिनिक में काम करते है और किन चीजों का इलाज वह करते है.
अपने चिकित्सा पद्धति को लेकर वह ऐसा भी दावा करते है कि “दर्द कैसा भी हो इलाज हमारे पास है”, “बिना चीर फाड़ के दर्द का इलाज संभव है”.

chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)