• News
  • परिचय : राजकुमार जैन ‘राजन’

परिचय : राजकुमार जैन ‘राजन’

5 years ago
772

राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले के गाँव आकोला में जन्में और जन्मभूमि को ही अपनी कर्म भूमि बनाने वाले राजकुमार जैन राजन बहुमुखी प्रतिभा के रचनाकार हैं जिनकी सैंकड़ों रचनाएँ देश – विदेश की पत्र -पत्रिकाओ में छपने के साथ ही आपकी 40 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है जिनमें 36 पुस्तकें बाल साहित्य की है। “मन के जीते जीत”, “पेड़ लगाओ” , “खोजना होगा अमृत कलश”, “सपनों के सच होने तक”, मौन क्यों रहें हम” एवम “जीना इसी का नाम है” साहित्य जगत में आपकी चर्चित कृतियाँ हैं।
आकाशवाणी और टी. वी. चैनलों पर रचनाओं का नियमित प्रसारण। आपकी कई पुस्तकों का पंजाबी, असमिया, ओड़िया, मराठी, गुजराती , अंग्रेजी भारतीय भाषाओं सहित नेपाल, श्रीलंका चाइना से भी अनुदित संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। बाल साहित्य सृजन व उन्नयन में विशेष रुचि रखने वाले राजन एक कुशल संपादक के रूप में भी पहचाने जाते हैं। आप कई पत्रिकाओं के संपादन से जुड़े हुए हैं और कई पत्रिकाओं ने अपने चर्चित “बाल साहित्य विशेषांक” आपके संपादन में प्रकाशित किये हैं।
आप कई साहित्यिक सम्मानों के संस्थापक हैं और प्रतिवर्ष भव्य आयोजन करके साहित्यकारों को सम्मानित करते हैं। राजन जी को शताधिक साहित्यिक सम्मान प्राप्त हो चुके है। देश- विदेश में अनेक साहित्यिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं में सहभागिता के साथ ही लाखों रुपये का साहित्य आप निःशुल्क भेंट कर चुके हैं/निरन्तर कर रहे है। कहानी, कविता, पर्यटन, साक्षात्कार, लोकजीवन एवम बाल साहित्य आपके लेखन की पसंदीदा विधाएं हैं।

जीवन में कम क्यों हो रही प्रेम की मिठास

कुछ दिनों पूर्व संवत्सरी पर्व था। व्हाटसप, फेस बुक पर ढेर सारे मेसेज मिले – क्षमा याचना के, बधाई के, आदर्श और उपदेश के भी। कुछ महीने पहले मेरा जन्म दिवस भी निकल गया। फेस बुक ने बता दिया कि मेरा जन्म दिवस है। कुछ लोंगों ने फॉलो किया। जन्मदिन की बधाई का सन्देश डाल दिया। वह चलता रहा। दुनिया जहान के आभासी मित्रों सहित स्थानीय पड़ौसियों, मित्रों ने भी व्हाट्सएप, फेस बुक पर शुभकामनाएं दी। पर मेरे लिए चिंतन का कारण यह बना कि फेसबुक या व्हाटसप पर बधाई देने वाले स्थानीय व्यक्तियों के सामने से मैं गुजरा, किसी से बातचीत भी की, पर कोई माई का लाल व्यक्तिगत रूप से जन्मदिन की बधाई नहीं दे पाया, जैसे उसे कुछ मालूम ही नहीं। जब व्यक्ति आपके सामने होते हुए भी आप अपने मुंह से एक शब्द नहीं बोल सकते, और मोबाइल पर साइबर दुनिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हो तो व्यक्तिश: मिलने पर क्यों नहीं बोल पाते। यही शुभकामनाएं प्रत्यक्ष मिलने पर तुरन्त दी जाए तो दोनों की प्रसन्नता कई गुना बढ़ जाएगी और रिश्तों में एक अपनापन, आत्मीयता और समझ बढ़ेगी।

मेरे दिमाग में सवाल कौंधते हैं कि क्या पिछले दो दसकों के दौरान डिजिटल दुनिया हर आम व खास व्यक्ति के जीवन पर इतना हावी हो गई है कि हमारी हंसी, खुशियां, संवेदनाएं, भावनाएं यहां तक कि आत्मीय रिश्ते तक खोते जा रहे हैं। आज जिधर देखो, परिवार है पर प्यार नहीं, समृद्धि है पर शांति नहीं, इंसान है पर इंसानियत नहीं। आम आदमी अपनी पहचान को खोता जा रहा है । एक ही घर मे रहते हुए प्रेम से मिलना और बातचीत करना दो दूर, आपस शिष्टतावश झांकते भी नहीं हैं। वह संस्कृति जाने कहाँ खो गई है जब परिवार के बड़े, बूढे, बच्चे रोज एक साथ बैठ कर बतियाते थे ,साथ बैठकर भोजन करते थे। समय -समय पर मित्रों के यहां भी जाना -आना होता रहता था। खूब आनन्द और उल्लास के पल होते थे। आज तो माँ भी डिजिटल होती जा रही है। दूसरी मंजिल पर अपने कमरे में पढ़ रहे बच्चे को खाना खाने के लिए आवाज नहीं देगी, मोबाइल पर मैसेज करेगी, ‘नीचे आजाओ, खाना तैयार है।’ मुझे याद है संवत्सरी पर्व पर हम गाँव के सभी परिवारों में ‘क्षमायाचना’ करने के लिए खुशी और आनन्द से घर -घर मे जाते थे। दीपावली हो या नववर्ष ‘अभिवादन’ की यही परम्परा कायम थी। आज तो यह हालत है कि न किसी के घर जाना, न किसी से व्यक्तिशः अभिवादन करना रह गया है। सब कुछ मोबाइल पर कर लिया जाता है। यह कैसी विडंबना भरी बात है कि आंखों के होते हुए भी आज आदमी अंधा बनता जा रहा है। वह जीवन का मूल्यांकन आचार, विचार, व्ययवहार से नहीं, लाइक, कॉमेंट, मेसेंजर, मेसेज और डिजिटल दुनिया की तमाम गजेट्स में तलाश रहा है। व्यक्तियों ने आपस मे मुलाकत करना जैसे छोड़ ही दिया है। लगता है जीवन मे कम हो रही है प्रेम की यह मिठास हमें संस्कारहीनता के किस गर्त में ले जाकर छोड़ेगी।

हमारा एक मित्र लगभग दो घण्टे हमारे साथ था । इधर-उधर की की खूब बातें हुईं। घर जाते ही उसने व्हाट्सएप पर सन्देश किया कि, ‘कल सुबह का भोजन आपको हमारे यहीं पर करना है, पोते के जन्म दिवस के मौके पर छोटा-सा आयोजन रखा है।’ सच, बहुत बुरा लगा मुझे। मित्र जब प्रत्यक्ष मिला तब भी तो यह निमंत्रण दे सकता था। बात बहुत छोटी – सी लगती है, पर भीतर तक कचोटती है। ऐसी कई घटनाएं आप सबके साथ होती ही रहती है। ‘समय नहीं मिलता’ कितनी ही बार ये शब्द, हम दूसरों को बोलते हैं और कितनी ही बार दूसरे हमको। क्या वाकई समय नहीं मिलता ? सच यह भी तो है कि जिनसे हम मिलना चाहते हैं, बात करना चाहते हैं, कोशिश करने की बजाय, ‘चलो, मैसेज कर दूंगा’ का विचार आते ही मुलाकात करने या बात करने का कार्यक्रम तुरन्त निरस्त। अब हमें यह तय करना होगा कि किसी के साथ अपना समय कैसे बिताएंगे ? वरना हम यूं ही व्यस्त बने रहेंगे और रिश्ते पीछे छूटते जाएंगे। जिस तेजी से समय बदल रहा है और डिजिटल दुनियां की गिरफ्त में हम आते जा रहे हैं, इस कारण हमारी आदतों में तेजी से बदलाव आ रहे हैं और जीवन शैली अस्त-व्यस्त होती जा रही है, यह हमारी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि हमारे विकास के लिए भी बहुत अवरोधक है और कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं इससे पैदा हो रही है। साइबर दुनिया के खतरे बच्चों, युवाओं और कामकाजी लोगों के साथ ज्यादा है। या यों कहें कि समय का ठीक से प्रबंधन न कर पाना, जीवन को अव्यवस्थित कर रहा है। इसका असर जीवन के हर पहलू पर पड़ रहा है।

मानाकि, तकनीक का साथ आज की दुनिया में वरदान की तरह है। खासकर नई पीढ़ी के लिए आज कम्यूटर और इंटरनेट खिलौनों की तरह है पर यह कहीं न कहीं दुःख का विषय भी बनता जा रहा है। जब जाने -अनजाने बच्चे इस आभासी, काल्पनिक (वर्च्युअल) दुनिया की गलत गलियों का रुख कर लेते हैं और इसकी गंदी दुनिया के मायाजाल में उलझते चले जाते हैं। उसे ही अपना जीवन आदर्श मानने लगते हैं। थोड़ी सी सावधानी जीवन बर्बाद कर सकती हैं। असल मे तकनीक इंसान के लिए जितनी सुविधाजनक है उतना ही उसके गलत इस्तेमाल से मिलने वाली भयंकर परेशानियां भी हैं। बच्चे बिना इसके परिणाम की चिंता किये आगे बढ़ता चला जाते हैं। निरन्तर डिजिटल दुनिया के संपर्क में रहने के कारण बच्चे अकेलेपन, अवसाद के शिकार हो, ऐकाकी, चिड़चिड़े, आक्रोशी व हिंसक बनते जा रहे हैं। उनमें संस्कारहीनता एवम संवादहीनता बलवती होती जाती है। बच्चे ही नहीं परिवार के हर सदस्य इस डिजिटल दुनिया मे प्रभावित हो रहे है।

क्या यह विरोधाभास नहीं लगता कि एक और तो हम अपनी गौरवशाली संस्कृति का गौरवगान करते अघाते नहीं और दूसरी ओर सच्चाई यह है कि आभासी दुनिया के चक्रव्यूह में उलझकर संस्कार एवम संस्कृति की बुनियाद को बदसूरती देने वाले हम ही वे लोग हैं जिन्हें राम, बुद्ध और महावीर जैसे महानात्माओं के संस्कारों की विरासत मिली हुई है, जो हमारे जीवन मे पनप रहे हर गलत संस्कार और बेहूदा पाश्चात्य संस्कृति को लक्ष्मण रेखा देने का प्रयास और पुरुषार्थ कर रहे हैं। यहां मैं हमारे शिक्षकों, अभिभावकों , पालकों से कहना चाहूंगा कि हमने अपनी अतीत की गौरवशाली परम्परा, संस्कृति को वर्तमान में अंगीकार नहीं किया तो हमारी करतूतें हमारी शालीन संस्कृति और शांत व सुकून भरे जीवन को लील जाएगी, तब इस दूषित संस्कृति में पलने वाली नई पीढ़ी में न राम जनमेगा, न महावीर ,बुद्ध ! हम जितने आधुनिक हो रहे हैं, हमारे नैतिक मूल्य उतने ही गिरते जा रहे हैं हमारे महानगर इस गिरावट की हदें पार कर रहे हैं। इसकी निष्पत्ति न केवल भयावह बल्कि चिंताजनक होती जा रही है। हम वसुधैव कुटुम्बकम की अपनी प्राचीन सांस्कृतिक गौरवशाली परम्परा से दूर चले जा रहे हैं । परिवर्तन अनिवार्य है, लेकिन उसे दिशा देने के लिए प्रबुद्ध हस्तक्षेप भी जरूरी है। परिवार के सदस्यों , रिश्तेदार और निकट मित्रों में आपस में संवाद , मेल – मुलाकात होना बहुत जरूरी है। हर दिन कुछ घण्टे सप्ताह में पूरे एक दिन टी. वी.,मोबाईल, कम्यूटर एवम इंटरनेट का उपयोग बन्द रखने की आदत बनाइये ताकि तेजी से पनप रही संवादहीनता की संस्कृति पर लगाम लग सकें। ताकि हम आधुनिकता, विज्ञान के साथ रहते हुए भी जीवन मे कम हो रही प्रेम की मिठास को फिर से जीवंत कर सकें, सहेज सकें।

【 राजकुमार जैन ‘राजन’,चित्रा प्रकाशन के संपादक एवं सु-प्रसिद्ध लेखक हैं ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के लिए उनकी दूसरी कृति ‘जीवन में कम क्यों हो रही प्रेम की मिठास’,प्रस्तुत है पाठक/वीवर्स अपनी प्रतिक्रिया से अवगत करायें,-संपादक ]

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त
breaking Chhattisgarh

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी
breaking Chhattisgarh

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ
breaking Chhattisgarh

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख
breaking Chhattisgarh

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ
breaking Chhattisgarh

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत
breaking Chhattisgarh

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
breaking international

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल
breaking international

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
breaking Chhattisgarh

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप
breaking Chhattisgarh

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम
breaking international

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका
breaking Chhattisgarh

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय

5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय

किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कविता

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’
poetry

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
poetry

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’
poetry

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा
poetry

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता
poetry

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]
poetry

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा
poetry

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव

कहानी

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

story

व्यंग्य : ‘ घूमता ब्रम्हांड ‘ – श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़]

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल
story

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल

story

लघुकथा : रौनक जमाल [दुर्ग छत्तीसगढ़]

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन