■स्वरांजलि : सुर की लता-लता मंगेशकर.
■लता मंगेशकर
■डॉ. नीलकंठ देवांगन
[ शिवधाम कोडिया,जिला-दुर्ग,छ. ग. ]
स्वर साम्राज्ञी कोकिल कंठी
स्वर की रानी सुरमल्लिका
गायन कला में पारंगता जगतीतल की शीतलता
पद्मविभूषण से विभूषिता
फाल्के पुरस्कार से अलंकृता
देश का सर्वोच्च सम्मान
भारत रत्न से सम्मानिता
चतुरा चेती चित चंचला
रति राग मयि मुदिता प्रियता
संतोष शांति की सरितलला
विभु प्राण मयि विदुषी प्रतिभा
कीर्ति दिग दिगंत में व्याप्त
ऐसी यशस्वी मनस्वी भी
नारी वीरोचित गुण परिपूर्ण
ऐसी तेजस्वी ओजस्वी भी
धरा मंडल में चंद्रिका बिखेरती
अब गगन मंडल में है आलोकित
नश्वर शरीर को यहीं छोड़
चिन्मय आत्मा हुई पारलौकिक
स्नेह मूर्ति शुचिता भनिता
मुद मोदमयि मंजुल कलिका
स्निग्ध प्रेम की मूर्तिमना
स्वर्णमयि पुष्पित लतिका
वात्सल्य प्रेम आनंदमया
पीयूष मयी गुण गर्विता
श्रद्धा सुमन समर्पित सादर
ज्योति पुंज नव दीपिका
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chhattisgarhaaspaas
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