■छत्तीसगढ़ी कविता : कु.धारणी सोनवानी.
4 years ago
848
0
♀ मोर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के अद्भुत लीला ,
इँहा हावै बत्तीस जिला
प्यार अउ बिसवास हे।
मन मा अब्बड़ आस हे ।
इहाँ होथे अड़बड़ धान
रेंगथन हमन छाती तान।
एक – दूसर ल करथन प्यार ,
सुग्घर हावै छोटे परिवार।
करथन बड़े के सम्मान
लइका मन हम पाथन मान।
छोटकुन हे हमर प्रदेश
नइ हे इहाँ थोरको कलेश।
[ ●कु.धारणी सोनवानी शा.उ.मा.विद्यालय पंहडोर,पाटन, जिला-दुर्ग में बारहवीं की छात्रा है. ●’नवांकुर रचनाकारों को भी ‘छत्तीसगढ़ आसपास’,उनकी रचना को प्रकाशित कर लिखने की प्रेरणा देती है.
-संपादक ]
■■■ ■■■
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)