कविता आसपास : रंजना द्विवेदी
3 years ago
561
0
🌸 अंजाना रिश्ता
– रंजना द्विवेदी
[ रायपुर छत्तीसगढ़ ]
हम दोनों के बीच हम
कुछ अनजाना सा रिश्ता है
तू अपना ना होकर भी
क्यू लगता तू अपना है
तेरे सानिध्य में आकर
मेरा दर्द सुख पाता है
जब तू मेरी तपती सी जिंदगी में
प्यार की एक बूंद बनकर आता है,
तेरे इक मुस्कान पर
मन मेरा खिल सा जाता है
जब तू कह दे एक बार प्यार से
खुशी से मेरा दिल झूम जाता है
क्यो मेरी एक हंसी देखने को
तू हमेशा लालायित हैं
मेरे दर्द को देखकर
तू क्यो दुखी हो जाता है
दिल हमेशा चाहता है
तेरे साथ रहू,तेरे पास रहु
तेरे प्यार के बदले
मै भी तुझको प्यार दू
गर खुदा देता वो हुनर मुझे
मै दिल चिर तुझे दिखलाती
कितना प्यार तेरे लिए है
मेरे अंतर्मन में बतलाती
मै तो जीना भूल चुकी थी
तुमने जीना सिखलाया
मै जिंदगी से प्यार कर बैठी
जब से तू मेरी जिंदगी में आया
हम दोनों
•संपर्क –
•97557 94666
🌸🌸🌸🌸🌸🌸
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)