






कविता आसपास : अनीता करडेकर

9 months ago
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सवाल पूछती लड़की
– अनीता करडेकर
[ भिलाईनगर, छत्तीसगढ़ ]
सवाल पूछती, नजरें मिला
असहमति जताती लड़की
उन्हें,
अच्छी नहीं लगती.
बहुत खुलता है उन्हें,
उसका
पर्स टांग या किताबें समेट
अकेले बाहर जाना,
या
दुपहिया पर सवार हो
फरराटे आगे जाना.
खेत में ट्रेक्टर या आसमान में,
हवाई जहाज उड़ाना,
या
खेल के मैदान में
चौके-छक्के लगाना.
आँखों में सपनों का
काजल लगना
या
कंधे तान, सीधे चल
मंजिल को पाना.
सदियों तक रही जो,
पिंजरे के पंछी सी,
पीढ़ियों तक रही जो,
परदे के पहरे में
आज चुभती सी नज़रों से,
पूछती है सवाल वो?
उफ़!
कितना त्रासद है
बेल का यूँ वृक्ष बन जाना.
बस्स!
सिर्फ इसलिए
पुरुष सत्ता को चुनौती देती,
सवाल पूछती लड़की
उन्हें,
अच्छी नहीं लगती.
• संपर्क-
• 87208 02790
chhattisgarhaaspaas
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