प्रेमानुभूति- किशोर कुमार तिवारी 5 years ago तेरी चाहत की खुशबू का एहसास है मैं यहाँ हूँ मगर दिल तेरे पास है तेरी चाहत की खुशबू का एहसास है । मैं यहाँ...
इन औरतों पर कोई कविता नहीं बनती- डॉ. सोनाली चक्रवर्ती 5 years ago ये औरतें जो सोचती रहती है सहमती है घिरती है हमेशा इसी चिंता में कोई नाराज तो नहीं आप नहीं मानते? वह देखिए तीज मिलन...
गीत- शुचि ‘भवि’, भिलाई-छत्तीसगढ़ 5 years ago प्रिये तुम्हीं से मिलकर मैंने जीवन को अनुपम बोला था नज़रों ने नज़रों को देखा दिल तक कुछ संदेशे आये इन संदेशों की आमद से...
कविता, कमियां हैं तो खूबियां भी होंगी- अंजली शर्मा, बिलासपुर (छ.ग.) 5 years ago *कमियाँ हैं तो खूबियाँ भी होंगी* " कमियाँ न गिना ऐ मुसाफिर, कमियाँ हैं तो कुछ खूबियाँ भी होंगी। खूबियाँ हैं तो कुछ कमियाँ भी...
कविता, निखरी चंदा की छबि आँगन में- डॉ. सुभद्रा खुराना भोपाल-मध्यप्रदेश 5 years ago ---निखरीचंदाकीछवि आँगनमें--- निखरी चंदा की छवि आँगन में, सुरभि साँस में, प्रीत नयन में। कानों में झंकृत पग-ध्वनि-स्वर, मधुर गन्ध भर उठता अन्तर, स्तुति हित...
ग़ज़ल, जब भी चाहा आज़माना क्या करें हर दफ़े चुका निशाना क्या करें- नीलम जायसवाल, भिलाई-छत्तीसगढ़ 5 years ago -- '' क्या करें '' -- जब भी' चाहा आजमाना क्या करें। हर दफे़ चूका निशाना क्या करें। हम सदा पिछड़े रहे संसार में- बढ़...
कविता, आज खाने में क्या बना रही हो- बिंदु जैन, लखनऊ-उत्तरप्रदेश 5 years ago आज खाने में क्या बना रही हो पूछने वाले बच्चे बस मैगी ही खाते हैं आजकल.... गरमागरम फूली रोटी खाने वाले.. सिर्फ खाते दाल और...
करवाचौथ का चाँद -विक्रम ‘अपना’, अहिवारा-छत्तीसगढ़ 5 years ago करवाचौथ का चाँद (हास्य रचना) चाँद को देखकर चाँद भी शरमाया था करवाचौथ का त्योहार जो आया था बीबी परेशान शौहर अनजान नाना पकवान खुशियाँ...
ग़ज़ल, संतोष झांझी- भिलाई-छत्तीसगढ़ 5 years ago तुझसे रिश्ता कोई पुराना है न ही कुछ खोना न ही पाना है तुझसे रिश्ता कोई पुराना है न ही कुछ खोना न ही पाना...