कविता, शरद का चाँद नटखट- सरोज तोमर, भिलाई-छत्तीसगढ़ 6 years ago शरद का चाँद नटखट ! शरद का चाँद नटखट ,हम अकेले । बड़ा सूना-सा पनघट ,हम अकेले । ये चुनर दूधिया है चाँदनी की ,...
ग़ज़ल, मैं समझी थी अक्सर वो आया करेंगे, पता था नहीं दिल दुखाया करेंगे- झरना मुख़र्जी, वाराणसी-उत्तरप्रदेश 6 years ago मैं समझी थी अक्सर वो आया करेंगे पता था नहीं दिल दुखा़या करेंगे। भले दूर कर दो निगाहों से अपने मगर हम तो दर पर...
शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष- किशोर कुमार तिवारी 6 years ago आज शरद पूर्णिमा है आज चाँद निखरेगा आधी रात को अम्बर से अमृत बरसेगा । जो पी लिया तो समझो तकदीर वाला है जो ना...
कविता, मुकद्दर का सिकन्दर- त्र्यम्बक राव साटकर “अम्बर” 6 years ago " मुकद्दर का सिकन्दर " कभी मुकद्दर से पूछा है, सीधी चाल क्यूँ नहीं रहती तुम्हारी । कभी आड़ी, कभी तिरछी, बदल-बदलकर होती है चाल...
नवछंद विधान हिंदकी के संदर्भ मे- डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, कोरबा-छत्तीसगढ़ 6 years ago ये हिंदकी है हिंद की पहचान है ये हिंदकी है शिल्प में इसके गज़ब की सादगी है दूर है भाषाओं की तकरार से यह देश...
ग़ज़ल 6 years ago जानें किस चीज़ की कमी है अभी, इन आँखों में क्यों नमी है अभी. -संतोष झांझी जानें किस चीज़ की कमी है अभी इन आँखों...
दिल दिया मैंने तुझे अब प्यार कर, आज मेरे हमसफ़र इक़रार कर 6 years ago ग़ज़ल -अनन्या श्री कानपुर-उत्तरप्रदेश दिल दिया मैंने तुझे अब प्यार कर। आज मेरे हमसफ़र इक़रार कर। रात बीतेगी सहर भी आएगी। इश्क़ का दरिया...
नवरात्रि पर विशेष, कहना है कुछ…बस यूं ही…! -आलोक शर्मा 6 years ago कहना है कुछ...बस यूं ही..! हे जगत जननी हे आदिशक्ति हे मां विदा हो रही हो तुम मां तो जीवन है मां कैसे विदा होगी!...
कविता, कविता क्या है ? -यशवंत सिन्हा ‘कमल’ 6 years ago कविता क्या है? वो तमाम बातें जो तुमसे कहनी थी मगर कह नहीं पाया या फिर कहा भी तो तुम समझ नहीं पायी या फिर...
कविता, प्रियतम- भूषण चिपड़े 6 years ago प्रियतम प्रियतम प्रियतम कहते कहते, प्रेमी मन मुस्काता है देख तुम्हारी सूरत को फिर, खाली मन भर जाता है सागर जैसी गहरी गहरी, आखों में...