कहानी : संतोष झांझी 2 years ago 🟥 अनुबंध -संतोष झांझी [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] शान्ता बालकनी में खड़ी सामने बाग में खेलते बच्चों को देख रही थी। घर से पुरानी साड़ी लाकर...
कवि और कविता : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय 2 years ago 🟥 एक चिरैया एक चिरैया, दबा चोंच में ले आई इक तिनका| बड़ी अकड़ से, मेरे घर में रख छोड़ा कुछ धुनका|| रोज़- रोज़ फुर्र-...
बाल गीत : दुर्गा प्रसाद पारकर [ भिलाई छत्तीसगढ़ ] 2 years ago 🟥 चना होरा हरियर हरियर दिखय खेत खार ह फर म झूले रहिथे चना के डार ह गदेली चना ल हम्मन भूंजथन इही ल हम्मन...
कवि और कविता : डॉ. चंद्रशेखर शर्मा 2 years ago 🟥 किताबें और यह संसार राय मांगोगे किताबों की दुकान के लिए तो जवाब मिलेंगे तपाक से। लोग कहेंगे आजकल समय की धार अलग है।...
बाल गीत : दुर्गा प्रसाद पारकर 2 years ago 🟥 फूरफुंदी दू पाँख ले जब तैं उड़थस हवई जहाज कस तैं लगथस लइका मन धरे बर दउड़थे कोनो गिरथे कोनो हपटथे काकरो हाथ म...
कवि और कविता : शिवमंगल सिंह 2 years ago 🟥 उन शब्दों को खोज रहा हूँ ▪️ एक उन शब्दों को खोज रहा हूँ जिनके सहारे इस असीम अंधकार के विरुद्ध शब्द चमक जाय...
कवि और कविता : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय 2 years ago 🟥 अवसान जंगलों के ठूंठ होने शिखरों के जमींदोज होने बादलों के रूठने नदियों के ठिठकने आकाश परिंदे विहीन होने हवाओं के गुमनामी में खोने...
75 वें गणतंत्र दिवस पर विशेष : डॉ. नीलकंठ देवांगन 2 years ago 🟥 गणतंत्र का अभिनंदन गणतंत्र का महापर्व , अभिनंदन इसका करना है देश हित में काम आयें, इस विधि हमेंं संवरना है सिंधु जिसका चरण...
गणतंत्र दिवस पर विशेष : महेश राठौर 2 years ago 🟥 पाओ खूब बुलंदी माता - महेश राठौर ' मलय ' [ जांजगीर, छत्तीसगढ़ ] पाओ खूब बुलंदी माता, जगमग तेरा भाल रहे। कोई जन...
रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर विशेष – बलदाऊ राम साहू 2 years ago 🕉 राममय हो जाओ अवसान हो गया वनवास आज राम का बन गया अवध में आवास आज राम का। धमनियों में बहने फिर लगा है...