अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज : ‘ योग को अपनाएं ‘ – डॉ. बीना सिंह ‘ रागी ‘ [भिलाई छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 योग को अपनाएं मेरे प्रिय बंधु मानव हम सब मिलकर योग दिवस मनाए आइए योग को अपनाकर रोग व्याधि सब दूर भगाएं बिस्तर से...
कविता आसपास : ‘ टेडी बीयर ‘ – पल्लव चटर्जी [भिलाई छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 टेडी बीयर हैलो टेडी! कैसे हो? जाने कब तुम्हारा साथ छोड़कर समय की उँगली थामे बहुत दूर निकल आया- जान ही न पाया। अब...
पिता दिवस पर विशेष : पिता – रंजना द्विवेदी [रायपुर छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 पिता पिता,तुम्हारा खुशनुमा चेहरा देखा है तुम्हारे आंखो में खुशबू भरे ख्वाब देखा है तुम तो प्रेरणास्रोत हो प्रात: कालीन शारदीय धूप की तरह...
पिता दिवस पर विशेष : मुस्काते है पापा जी – बलदाऊ राम साहू [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 मुस्काते है पापा जी रोज सुबह ड्यूटी जाते हैं पापा जी सांझ ढले थक कर आते हैं पापा जी । अपनी पीड़ा जाने वे...
पिता दिवस पर विशेष : मेरे काका – सुधा वर्मा [रायपुर छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 मेरे काका मेरे काका हाँ वे मेरे काका थे भाई बहनों में मुझे ही कंधे पर बैठाया था। चार बजे सुबह उठ कर बेल...
पिता दिवस पर विशेष : पिता उवाच – अरुण कुमार निगम [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago मैं क्या जानूँ गंगा-जमुना, सरस्वती है मेरे मन में मैं ही जानूँ कब बहती है, यह अन्तस् के सूने वन में।। पारस हूँ, पाषाण समझ...
पिता दिवस पर विशेष : पिता पर दोहे – डॉ. अशोक आकाश [बालोद छत्तीसगढ़] 3 years ago पिता घरों का नींव है, पिता हमारी शान। कड़वा रुखवा नीम का, इसमें सबकी जान।। 1 ।। कर्म करे जैसा पिता, संतति रंगता रंग। डोरी...
कविता आसपास : तेजनारायण राय [जिला – दुमका, झारखंड] 3 years ago •अनपढ़ पिता का अपने बेटे को लेकर सपना... ▪️▪️▪️▪️▪️ •संपर्क - •62075 86995 🟥🟥🟥
कविता आसपास : नरेंद्र देवांगन ‘ देव ‘ {मिनाक्षी नगर, दुर्ग, छत्तीसगढ़} 3 years ago ▪️ परिवर्तन प्रकृति की प्यास यूँ ही नहीं आते पतझड़ों के मौसम, लेके आती है अपने संग, कुटिल मुस्कानों वाली जलन की चुभन, यूं ही...
कविता आसपास : उज्ज्वल पांडेय [धनबाद झारखंड] 3 years ago •शातिर कॉरपोरेट वे आए और पत्थर काट कर ले गए हमारे झारखंड से कोयला ले गए अभ्रक ले गए बॉक्साइट ले गए ग्रेफाईट ले गए...