पिता दिवस पर विशेष : पिता – रंजना द्विवेदी [रायपुर छत्तीसगढ़]
3 years ago
574
0
🌸 पिता
पिता,तुम्हारा खुशनुमा चेहरा देखा है
तुम्हारे आंखो में
खुशबू भरे ख्वाब देखा है
तुम तो प्रेरणास्रोत हो
प्रात: कालीन शारदीय
धूप की तरह
तुम्हे आत्मनवेशी मानस की तरह
सर्वथा अनुरूप देखा है
तुम्हे कुंठा निराशा
खंडन के सागर में
अवस्थान देने वाले
प्रतीक की तरह देखा है
तुम तो मासूम भावुक
प्रकृति के धनी हो
दूसरों को जीवन देने वाले
प्रेरणास्रोत की तरह देखा है
तुममें कोई आडम्बर नहीं
तुम्हे तो सर्वथा
सहजता शालीनता की
प्रतिमा की तरह देखा है
तुम्हारी मनोभूमि साधारण नहीं
इसे समझना प्रस्तुत करना
कठिन चुनौती की तरह देखा है .
•संपर्क –
•97557 94666
🌸🌸🌸
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)