कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी 3 years ago 🌸 संधिप्रकाश - तारकनाथ चौधुरी [चरोदा भिलाई, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़] रजनी ढलने को है। स्वप्न छलने को है।। पलकों पे रुका हुआ अश्रु-कण बहने...
नवरात्रि विशेष : संध्या श्रीवास्तव 3 years ago 🌸 माँ - संध्या श्रीवास्तव [भिलाई - दुर्ग, छत्तीसगढ़] नव कल्पना नव रूप में माँ छाँव तुम अति धूप में मॉ भक्तिमय रहे हृदय गगन...
नव वर्ष : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [ केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरी, आंध्रप्रदेश ] 3 years ago कोयल प्रवास से लौटी आम बौराया हवा मदमाती तरबूज के ओंठ ललाए कच्ची उमर में ही खरबूज के हाथ पियराए नींबू का मन खटाया सूरज...
विश्व कविता दिवस विशेष : शरद कोकास [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 कविता से सम्वाद आओ इन दिनों आओ जैसे बंजर पड़ी ज़मीन में मेहनत से फसल आती है आओ जैसे सूखे हुए कुएं में बरसात...
कविता आसपास : ठाकुर पीतांबर सिंह राजपूत 3 years ago 🌸 अभागा - ठाकुर पीतांबर सिंह राजपूत [ छुईखदान, जिला - खैरागढ़, छत्तीसगढ़ ] जियत जिनगी बिन मउत मरे। जेखर अंग करिया कउथ परे। तिपत...
कविता आसपास : महेश राठौर ‘ मलय ‘ 3 years ago 🌸 दो पायदान ऊपर - महेश राठौर ' मलय ' उकता रहा था बैठे-बैठे दो घंटे लेट ट्रेन की प्रतीक्षा में रायपुर के प्लेटफार्म पर।...
रंगपंचमी विशेष : डॉ. रा. रामकुमार 3 years ago 🌸 एक फागुनी मधुमासी गीत - डॉ. रा. रामकुमार [ बालाघाट, मध्यप्रदेश ] किसके अधरों की रंगत पलाशों पे है, कोई कस्तूरी'-मृग क्या इधर से...
होली विशेष : डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘ 3 years ago 🌸 दुश्मन को भी दोस्त बना दे ये होली... प्यार के रंग में रंगा हुआ जो मन होता है, उसका चर्चा, हर घर, हर आंगन...
होली विशेष : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 3 years ago 🌸 होली आ गई... - डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश] डाल- डाल फूल खिले धरती अघा गई हवा चली इत्र डाल फागुन को...
होली विशेष : देवेश द्विवेदी ‘ देवेश ‘ 3 years ago 🌸 अबकी होली में... - देवेश द्विवेदी ' देवेश ' [ लखनऊ उत्तरप्रदेश ] उड़ना है खूब गुलाल अबकी होली में, होना है खूब धमाल...