poetry

कविता -विनीता सिंह चौहान

●ढाई आखर प्रेम के -विनीता सिंह चौहान [ इंदौर-मध्यप्रदेश ] एक दूजे को दिल से जोड़ें, प्रेम के ढाई आखर। दिल का रिश्ता बनता मधुर,...

बचपन आसपास, डॉ. बलदाऊ राम साहू

पेड़ अगर फल-बीज़ न देते नदियां जल ना देतीं, कैसे बनते बाग-बगीचे, कैसी होती खेती. सोचो बच्चो ●डॉ. बलदाऊ राम साहू. [ ●दुर्ग-छत्तीसगढ़. ] पेड़...

ग़ज़ल, विनीता सिंह चौहान.

अब क़लम क्या नया लिखे, अल्फाजों में वही दर्द दिखे. -विनीता सिंह चौहान [ इंदौर-मध्यप्रदेश ] अब कलम क्या नया लिखे। अल्फाजों में वही दर्द...

कविता

धरा पर उतरो महेश्वर, औऱ जगत का दुःख हरो, शत्रु का विनाश करने, रुद्र रूप तुम धरो. ●तारकनाथ चौधुरी धरा पर उतरो महेश्वर और जगत...

महाशिवरात्रि विशेष

■बाबा भोलेनाथ -प्रिया देवांगन 'प्रियू' [ पंडरिया-कबीरधाम-छत्तीसगढ़ ] ध्यान मग्न रहते सदा, पर्वत करते वास। बाबा भोले नाथ जी, पूरा करते आस।। कांँवर पकड़े हाथ...

छत्तीसगढ़ी बाल कविता

■सांस कहां ले पातेन -डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] अगर पेड़ नइ होतिस जग मा कहाँ चिरइया गातिस कहाँ बनातिस खोंघरा वो हर...

असहाय कविता

●उड़ान भरती है मेरी कविता -गोविन्द पाल विचारों के द्वंद्व को साथ लेकर कल्पनाओं की पंख फैलाकर उड़ान भरती है कविता, जीवन के धुंध और...

छंद

■राजिम मेला -प्रिया देवांगन 'प्रियू' [ पंडरिया,कबीरधाम, छत्तीसगढ़] छन्न पकैया छन्न पकैया, आगे राजिम मेला। चारो कोती बगरे हावय, किसम किसम के ठेला।। छन्न पकैया...

नज़्म- तारकनाथ चौधुरी

अजीब जंग सी छिडी़ है दर्द और हौसलों के दरम्याँ... जाने कब उसकी शातिराना चाल ने डाल दी बेडि़याँ मेरे पाँव में, रुक सी गई...
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