poetry

कविता, देखा करूंगी अपना नाम आसमान पर लिखा हुआ- मेनका वर्मा

●कविता ●देखा करूंगी अपना नाम आसमान पर लिखा हुआ... -मेनका वर्मा मैं रेत पर लिखती रही समुंदर की लहरें मिटाती रही रफ़्तार बढ़ाती रही मैं...

ग़ज़ल – डॉ. संजय दानी

पेड़ों के बदन से कपड़े सारे उतर गये, बारिश के करिंदे दे कर दर्द गुज़र गये। कुछ मज़हबी आंधियां यूं आ रहीं नीचे से, के...

बाल कविता, उठो-उठो जी उठो-उठो हुआ सवेरा, उठो-उठो -बलदाऊ राम साहू

उठो-उठो जी उठो-उठो हुआ सवेरा, उठो-उठो। मुर्गे ने हैं बाँग लगाई उठो-उठो चिड़ियाँ भी हैं चीं-चीं गाईं उठो-उठो। कौंवे बन आये हलकारे उठो-उठो गुन-गुन,गाते भौंरे...

ग़ज़ल, पिया के साथ जो सपना सजाया मिले हम तो हकीकत हो गयी है – डॉ. मधु त्रिवेदी, आगरा-उत्तरप्रदेश

पिया के साथ जो सपना सजाया मिले हम तो हकीकत हो गयी है रखे हम व्रत करवाचौथ का जब मुहब्बत की नफ़ासत हो गई है...

गीत, आज़ तिमिर फ़िर हारा- अमित सिंगारपुरिया, भाटापारा-छत्तीसगढ़

दीप जले जब जगमग-जगमग, ज्योतिर्मय उजियारा। मिट्टी के नन्हे दीपक से, आज तिमिर फिर हारा।। अंधकार में अनुपम आभा, सुंदर सपन सलोना। बाहर भीतर ऊपर...

बचपन -डॉ. बलदाऊ राम साहू

नन्हे - नन्हे बच्चे सारे आसमान के लगते तारे। मन के होते भोले -भाले पर मस्ती में बड़े निराले। कोमल होता है इनका मन जैसे...

मैनपाट- कविता की पृष्ठभूमि

डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' कोरबा-छत्तीसगढ़ कविता की पृष्ठभूमि धरा का श्रृंगार है दृष्टि पड़ती है जिधर बहार ही बहार है प्रेम का अनन्य केन्द्र ये...
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