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निदेशक [तकनीकी, परियोजना एवं कच्चामाल] तथा अतिरिक्त प्रभार-निदेशक प्रभारी [भिलाई इस्पात संयंत्र] मनीष राज गुप्ता ने दौरे के दूसरे दिन बीएसपी के परिचालन की समीक्षा की…



सेल के निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं एवं कच्चा माल) तथा अतिरिक्त प्रभार – निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री मनीष राज गुप्ता अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन, 20 जून 2025 को भिलाई इस्पात संयंत्र के विविध परिचालन और उत्पादन इकाइयों की गहन समीक्षा एवं निरीक्षण के लिए संयंत्र परिसर पहुंचे।
श्री गुप्ता ने अपने संयंत्र दौरे कि शुरुवात में संयंत्र के मुख्य द्वार स्थित सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल की ब्रीफिंग प्राप्त की और संयंत्र में सुरक्षा से सम्बंधित जानकारी हासिल की, उसके उपरांत संयंत्र भ्रमण प्रारंभ किया। इस दौरान श्री मनीष राज गुप्ता ने स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एसएमएस-2) एवं स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) का निरीक्षण किया तथा इसके पश्चात उन्होंने मर्चेंट मिल तथा वायर रॉड मिल का अवलोकन किया और संयंत्र की उत्पादन प्रणालियों एवं तकनीकी दक्षता में रूचि दिखाई।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, तथा मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) श्री प्रवीण राय भल्ला सहित विभागाध्यक्षगण, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं एवं कच्चा माल) तथा निदेशक प्रभारी – अतिरिक्त प्रभार (बीएसपी) श्री मनीष राज गुप्ता ने वरिष्ठ प्रबंधन के सदस्यों के साथ विभिन्न बैठकों में शामिल हुए और संयंत्र के निष्पादन, उत्पादन जैसे सम्बंधित विषयों पर चर्चा की।
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‘सुरक्षा 2025’ सेफ्टी सर्कल प्रतियोगिता में टॉप 20 टीमों ने दी दोबारा प्रस्तुति

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एचआर- सार्वजनिक एवं विकास विभाग द्वारा 17 जून से 19 जून 2025 तक आयोजित वार्षिक सेफ्टी सर्कल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा 2025’ में भाग लेने वाली 83 टीमों में से चयनित शीर्ष 20 टीमों ने 19 जून 2025 को निर्णायकों के समक्ष पुनः प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता का उद्देश्य संयंत्र में कार्यरत विभागीय टीमों द्वारा सुरक्षा के क्षेत्र में जोखिमों को पहचानने, उन्हें कम करने तथा कार्यस्थल पर एक सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना है।
यह प्रतियोगिता वर्ष भर चलने वाली एक सक्रिय प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत हर विभाग की टीमें अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करती हैं, सुधारात्मक उपायों को लागू करती हैं और फिर उन्हें प्रस्तुति के रूप में सेफ्टी सर्कल के समक्ष प्रस्तुत करती हैं। इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन एक स्वतंत्र निर्णायक मंडल द्वारा किया जाता है।
‘सुरक्षा 2025’ प्रतियोगिता में निष्पक्षता और संतुलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रथम 20 चयनित टीमों को अन्य निर्णायकों के समक्ष दोबारा प्रस्तुतियाँ देने का अवसर प्रदान किया गया। इनके कार्यों का मूल्यांकन चार निर्णायक पैनलों द्वारा किया गया, जिनमें अनुभवी अधिकारी शामिल थे: श्री एस.के. महतो (सुरक्षा अभियांत्रिकी), सुश्री पुष्पा एम्ब्रोज़ (एसएमएस-3), श्री जितेन्द्र मोटवानी (एफ एंड एसएस), श्री एस.आर. ज़तरेले और श्री बी.के. चौधरी (इंस्ट्रूमेंटेशन), श्री अनुराग पाठक (सुरक्षा अभियांत्रिकी), श्री बी.सी. मंडल (कोक ओवन), और श्री निमेष गुप्ता (जल प्रबंधन विभाग)।
इस प्रक्रिया के तहत अंतिम चयनित तीन टीमों को पुरस्कार और तीन अन्य टीमों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। विजेता टीमों की घोषणा सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी।
इस आयोजन की सफलता में सुरक्षा विभाग के श्री अजय गोने, श्री सूरज वर्मा, श्री ए.के. मिश्रा, श्री सुमित कुमार के साथ-साथ सेफ्टी वॉरियर्स और वालंटियर्स की प्रमुख भूमिका रही।
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नगर सेवाएं विभाग में राजभाषा कार्यशाला आयोजित : इस अवसर पर संयंत्र के महाप्रबंधक राजेश कुमार साहू और महाप्रबंधक ए बी श्रीनिवास उपस्थित थे


भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग में राजभाषा विभाग के सहयोग से दिनांक 18 जून 2025 को राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (दुकान, लीज़, लाइसेंस) श्री राजेश कुमार साहू एवं महाप्रबंधक (भूमि एवं उद्यानिकी) श्री ए. बी. श्रीनिवास उपस्थित थे।
इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा सामान्य ज्ञान, पर्यावरण एवं सुरक्षा विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की गई, पुरस्कृत प्रतिभागी इस प्रकार रहे प्रथम- सुश्री उर्मिला जावेद खान, एस.ए. (लीज़ अनुभाग), द्वितीय- श्री यशवंत कुमार साहू, सहायक महाप्रबंधक (दुकान एवं आवास), तृतीय- श्री राजेश कुमार गुप्ता, वरिष्ठ व्याख्याता (शिक्षा विभाग)। प्रोत्साहन पुरस्कार विजेता रहे- श्री मुकुंद दास मानिकपुरी, सहायक प्रबंधक (पी.एच.डी.), श्री पूरन लाल साहू, सहायक महाप्रबंधक (पी.एच.ई.), श्री कृष्णानंद राय, वरिष्ठ प्रबंधक (समन्वयन) एवं सुश्री वर्चला शर्मा, वरिष्ठ अध्यापक (शिक्षा विभाग)।
महाप्रबंधक (दुकान, लीज़, लाइसेंस) श्री राजेश कुमार साहू ने प्रतियोगिता के समस्त विजेताओं को बधाइयाँ देते हुए कहा कि, हिंदी हमारी राजभाषा ही नहीं वरन हमारी सर्वप्रिय भाषा है। आज की यह कार्यशाला बहुउपयोगी है, हिंदी में अधिकाधिक कार्यालयीन कार्य करना राष्ट्र की प्रगति के लिए सहायक है। हमें अपने समस्त सहकर्मियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित करना है। श्री ए. बी. श्रीनिवास, महाप्रबंधक (भूमि एवं उद्यानिकी) ने कहा कि, मैंने हिंदी को अपने विभिन्न कार्यक्षेत्रों में स्वयं अपनाया है तथा संयंत्र क्षेत्र में अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न एस.ओ.पी., एस.एम.पी., कार्य निर्देशिका एवं सुरक्षा अनुदेशों का हिंदी अनुवाद कर कार्मिकों के लिए उपलब्ध करवाया, जिसके बहुत ही सकारात्मक लाभदायक परिणाम मिले। अतः यह एक प्रमाणित तथ्य है कि, हिंदी हमारे कार्यनिष्पादन के लिए अत्यंत ही लाभकारी है।
कार्यक्रम में विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ) एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी श्री यशवंत कुमार साहू ने बताया कि विभाग द्वारा शत-प्रतिशत पत्राचार हिंदी में किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को प्रतिवर्ष संयंत्र स्तर पर हिंदी में श्रेष्ठ कार्य निष्पादन के लिए ‘निदेशक प्रभारी राजभाषा वैजयंती’ पुरस्कार प्राप्त होता रहा है। उत्कृष्टता का यह क्रम निरंतर बनाए रखने के लिए नगर सेवाएँ विभाग पूर्णतः दृढ़ संकल्पित है। हिंदी में कार्यालयीन कार्यों को प्रोत्साहन के लिये विभागीय स्तर पर नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं तथा राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों के अनुरूप टिप्पण, लेखन एवं अन्य समस्त कार्यालयीन कार्य किये जाते हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रबंधक श्री कृष्णानंद राय, सहायक प्रबंधक (प्रवर्तन) श्री देवानंद चौहान, कनिष्ठ प्रबंधक (आवास एवं राजस्व) श्री मनोज कुमार पुरेना, एस.ए. (लीज़) श्री पी. मनोज कुमार, सहित श्री चन्द्रशेखर, ई.ए.,श्री टी आर. सिन्हा, एस.ए., सुश्री चन्द्र किरण ठाकुर, सुश्री कनिष्क गुप्ता व अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यशाला के आयोजन में अनुभाग अधिकारी (आवास अनुभाग) सुश्री सुलेखा नायक का सक्रिय योगदान रहा।
उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को विभाग द्वारा टोकन पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक (पी.एच.डी.) श्री मुकुंद दास मानिकपुरी ने किया तथा वरिष्ठ प्रबंधक (समन्वयन) श्री कृष्णानंद राय ने आभार प्रदर्शन किया।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मियों के क्षमता विकास हेतु एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विभाग द्वारा कर्मचारियों के क्षमता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एचआरडी परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के अधीन दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के सहयोग से किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कर्मियों को नवीनतम श्रम नीतियों, प्रबंधन कौशल तथा कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशिक्षित करना था।
इस कार्यशाला में संयंत्र के विभिन्न विभागों से आए मानव संसाधन कर्मियों ने भाग लिया तथा विचार-विमर्श के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला का संचालन कर रहे बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक श्री पी. एन. साह ने श्रमिक शिक्षा, संवाद कौशल, नेतृत्व विकास, श्रम संस्कृति एवं कार्यस्थल पर समर्पण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बदलते औद्योगिक परिवेश में मानव संसाधन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कर्मियों को अपने उत्तरदायित्वों के प्रति अधिक जागरूक, संवेदनशील और दक्ष बनने के लिए प्रेरित किया।
संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, महाप्रबंधक (मानव संसाधन – संकार्य) श्री एस. के. सोनी, महाप्रबंधक (मानव संसाधन – गैर संकार्य, ईएस) श्री जे. एन. ठाकुर तथा महाप्रबंधक (मानव संसाधन – औद्योगिक संबंध व ठेका श्रमिक प्रकोष्ठ) श्री विकास चन्द्रा के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय निदेशक श्री पी. एन. साह को सम्मानित किया गया और उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की और कार्यशालाएं आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की, ताकि कर्मियों का निरंतर विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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