पिता दिवस पर विशेष : मुस्काते है पापा जी – बलदाऊ राम साहू [दुर्ग छत्तीसगढ़]
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🌸 मुस्काते है पापा जी
रोज सुबह ड्यूटी जाते हैं पापा जी
सांझ ढले थक कर आते हैं पापा जी ।
अपनी पीड़ा जाने वे सहते कैसे
हमें देख कर मुस्काते हैं पापा जी ।
सबका बोझ उठा लेते हैं काँधे पर
संकट में न घबराते हैं पापा जी ।
तिनका-तिनका जोड़ बनाया नीड़ सुघड़
श्रम-परिभाषा बन जाते हैं पापा जी ।
मंज़िल चाहे कितना भी दुर्गम हो पर
सहज राह खुद बन जाते हैं पापा जी ।
भेद कभी न करते बेटा-बेटी में
प्यार सभी पर बरसाते हैं पापा जी ।
गर्मी, सर्दी, बारिश हैं सब एक बराबर
हर ऋतु को मित्र बनाते हैं पापा जी ।
सुबह-शाम अम्मा जब देती है भोजन
बड़े चाव से सब खाते हैं पापा जी ।
जब छा जाती मन में एक निराशा-सी
आशा के दीप जलाते हैं पापा जी ।l
•संपर्क –
•94076 50458
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chhattisgarhaaspaas
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