• Chhattisgarh
  • महाशिवरात्रि विशेष : शिवजी का जन्मदिन शिवरात्रि क्यों? – डॉ. नीलकंठ देवांगन

महाशिवरात्रि विशेष : शिवजी का जन्मदिन शिवरात्रि क्यों? – डॉ. नीलकंठ देवांगन

2 years ago
605

विश्व की सभी महान विभूतियों के जन्मोत्सव जन्म दिन के रूप में मनाये जाते हैं | देवताओं की भी जयंतियां जन्म दिन के रूप में ही मनाई जाती हैं , लेकिन परमात्मा शिव की जयंती, जिसे जन्म दिन न कहकर शिवरात्रि कहा जाता है | शिव के साथ क्यों जुड़ी रात्रि? अन्य देवताओं के जन्म दिवस क्यों?
यहां रात्रि शब्द कलियुग में फैले तमोगुण एवं अंधकार का सूचक है, जिसमें अवतरित होकर परमात्मा सर्व आत्माओं की ज्योति जगाकर कलियुग रूपी रात्रि को सतयुग रूपी दिन में परिवर्तित करते हैं | काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि मनोविकारों के वशीभूत आत्माओं को ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा द्वारा आध्यात्मिक जागृति लाकर निर्विकारी, पवित्र बनाते हैं |

शिवरात्रि परमात्मा के दिव्य अवतरण की स्मृति – महाशिवरात्रि त्यौहार परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण का ही यादगार है | कल्याणकारी विश्व पिता शिव तो अलौकिक अथवा दिव्य जन्म लेकर अवतरित होते हैं | उनकी जयंती संज्ञा वाचक नहीं, बल्कि कर्तव्य वाचक रूप से मनाई जाती है |
दिव्य जन्म लेते परमात्मा
दिव्य कर्तव्य हैं करते
दिव्य रूप अविनाशी चेतन
परम धाम में रहते
उनका जन्म मनुष्यत्माओं की भांति नहीं होता | शिव परमात्मा का दिव्य अवतरण विषय विकारों की कालिमा से लिप्त अज्ञान निद्रा में सोये मनुष्य को जगाने के लिए होता है | महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को अमावस्या के एक दिन पहले मनाई जाती है | जब इस सृष्टि पर पाप की अति, धर्म की ग्लानि और पूरी दुनिया दुखों से घिर जाती है तो गीता में किये अपने वायदे के अनुसार परमात्मा परकाया प्रवेश कर अशरीरी होते भी अपना दिव्य कार्य करने इस धरा पर अवतरित होते हैं और पुनः सत्धर्म की स्थापना, सच्चा गीता ज्ञान एवं मनुष्यत्माओं को पतित से पावन बनाने के लिए सहज राजयोग की शिक्षा देते हैं |

सभी देवों के देव हैं महादेव परमात्मा शिव –
कोई इंसान या देवता किसी की पूजा तभी करता है, जब वह उससे गुणों और विशेषताओं में श्रेष्ठ और बड़ा होता है | परम पिता परमात्मा शिव सभी देवों के भी देव महादेव हैं | उनकी पूजा और आराधना किसी न किसी रूप में देवी देताओं ने की है | वे सर्व शक्तिमान हैं, आराध्य हैं | विश्व के सभी धर्मों में किसी न किसी रूप में उनकी पूजा आराधना की जाती है | सभी धर्मों ने परमात्मा की सत्ता को स्वीकार किया है | किसी ने उसे निराकार ज्योति कहा तो किसी ने नूर, तेज, तेजोमय, एक ओंकार निराकार, ज्योति, लाईट आदि नामों से पुकारा है |

परमात्मा सर्व आत्माओं के परम पिता –
परमात्मा शिव सर्व आत्माओं के परम पिता हैं जिसे कोई अल्लाह, कोई गॉड कहता है | जहां हिंदू धर्म में निराकार परमात्मा को ज्योतिर्लिङ्ग के रूप में पूजा जाता है, वहीं अन्य धर्मों में भी परमात्मा को निराकार ज्योति स्वरूप माना जाता है |
उस तेजोमय स्वरूप को जिसे हिंदू धर्म में ज्योतिर्लिङ्गम् कहा गया है, जो ज्योति का प्रतीक है | ज्योति माना ही तेज | मुस्लिम धर्म में मुसलमानों ने उसे अल्लाह, नूर- ए- इलाही, खुदा कहकर उस निराकार परम सत्ता को ही याद किया है | मक्का मदीना में एक पवित्र पत्थर है जिसका दर्शन कर वे मानते हैं कि खुदा उन्हें जन्नत में स्थान देगा | उस पत्थर की कोई साकार आकृति नहीं है जिसे ‘संग- ए- असवद’ कहा जाता है | वही उनके अल्लाह, नूर, खुदा हैं |
सिक्ख धर्म में उसी ज्योतिर्लिङ्गम् को गुरु नानक देव ने ‘एको ओंकार निराकार’ कहा | परमात्मा के सत्य स्वरूप का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा – वे निराकार हैं, निर्वैर हैं, सतनाम हैं जिसको काल कभी खा नहीं सकता | उनकी तस्वीर में एक उंगली हमेशा ऊपर की ओर दिखाई देती है जो परमात्मा की ओर ही इशारा करती है | अल्लाह, खुदा, गॉड, भगवान वास्तव में एक ही हैं |
ईसाई धर्म में जीसस क्राईस्ट ने ‘गॉड इज लाईट’ कहा | उन्होंने लाईट को परमात्मा का स्वरूप बताया | बौद्ध धर्म में भी उस ज्योतिर्लिङ्गम् को ‘धम्ब’ (प्रकाश) कहते हैं | हजरत मूसा ने उस प्रकाश को ‘जिहोवा’ कहा | जापान में उसे ‘चिंकोन सेंकी’ अर्थात् शांतिदाता कहते हैं | रोम में ‘प्रियपस’ कहते तो यूनान में ‘फल्लुस’ नाम से पुकारते हैं |

श्री राम ने की शिव की पूजा –
‘रामेश्वर के रूप में स्वयं श्री राम ने उस देवों के देव महादेव ‘शिव’ की पूजा की | वे जानते थे कि रावण को जिस शक्ति का अभिमान है, उसे उसने शिव की पूजा आराधना से प्राप्त की थी | उस शक्ति से मुकाबला करने उसे भी शिव की शक्ति की आवश्यकता पड़ी | इसलिए उन्होंने शिव की स्थापना आराधना की |

श्री कृष्ण ने की शिव की पूजा –
महाभारत युद्ध के पहले कुरुक्षेत्र के मैदान में स्वयं श्री कृष्ण ने भी ‘थानेश्वर- सर्वेश्वर’ की स्थापना कर परम पिता शिव की पूजा अर्चना की और पांडवों से भी करवाई | शिव से शक्ति प्राप्त कर युद्ध के मैदान में उतरे | पांडवों की संख्या कम होने पर भी उन्हें कौरवों से विजय मिली |

ज्योति बिंदु स्वरूप हैं परमात्मा –
परम पिता परमात्मा शिव निराकार हैं | निराकार का अर्थ यह नहीं कि उनका कोई आकार नहीं है | हां, उनका कोई शारीरिक आकार नहीं होता | वे सूक्ष्म ज्योतिर्मय हैं | उनका स्वरूप ज्योति बिंदु है लेकिन गुणों में सिंधु के समान हैं | जैसे हम अपनी आत्मा को इन स्थूल नेत्रों से नहीं देख सकते, वैसे परमात्मा को भी नहीं देखा जा सकता | उनके साथ की, उनके शक्तियों की अनुभूति की जा सकती है |

परमात्मा का स्मरण चिन्ह है शिवलिङ्ग –
शिव का शाब्दिक अर्थ है – ‘कल्याण कारी’ और लिङ्ग का अर्थ है – प्रतिमा, चिन्ह या निशानी | अतः शिव लिङ्ग का अर्थ हुआ – कल्याण कारी परम पिता परमात्मा की प्रतिमा | परमात्मा का रूप ज्योतिर्बिन्दु है जो प्राकृतिक रूप से ही प्रकाशमान होते हैं | सर्वप्रथम सोमनाथ के मंदिर में हीरे कोहिनूर से बने शिवलिङ्ग की स्थापना हुई थी | भारत में विश्व के 12 प्रसिद्ध मठों को ज्योतिर्लिङ्ग मठ कहा जाता है | ये हैं –
1 श्री सोमनाथ , 2 श्री शैल्य मल्लिकार्जुन,
3 श्री महाकालेश्वर, 4 श्रीओंकारममलेश्वर,
5 श्री परली बैजनाथ, 6 श्री भीमाशंकर,
7 श्री रामेश्वर . 8 श्री नागेश्वर ,
9 श्री काशी विश्वनाथ, 10 श्री त्र्यम्बकेश्वर,
11 श्री केदारनाथ, 12 श्री घृष्णेश्वर |
इनमें हिमालय स्थित केदारेश्वर, काशी में विश्वनाथ, सौराष्ट्र प्रदेश में सोमनाथ और मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकालेश्वर अति प्रसिद्ध हैं |

शिवलिङ्ग पर तीन रेखायें –
शिवलिङ्ग पर सदा तीन रेखायें अंकित की जाती हैं | तीन रेखायें शिव के तीनों लोकों का स्वामी होने का प्रतीक है | इसके बीच में एक आंख भी दिखाई जाती है | रेखाओं के बीच में आंख का होना उनके त्रिनेत्री होने का प्रतीक है | उनमें तीन पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाया जाता है | तीन पत्तों वाला बेलपत्र परमात्मा के ब्रह्मा, विष्णु, शंकर के रचयिता होने का प्रतीक है | उन्हें करन करावनहार कहा जाता है | वे प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की स्थापना, विष्णु द्वारा पालना और शंकर द्वारा कलियुगी आसुरी सृष्टि का विनाश कराते हैं |

शिवलिङ्ग पर ही अक धतूरा क्यों? –
देवी देवताओं पर कमल, गुलाब और अन्य सुगंधित पुष्प चढ़ाते हैं, जबकि शिवलिङ्ग पर अक, धतूरा, कनेर व गंधहीन पुष्प चढ़ाया जाता है | अक धतूरा विकारों एवं बुराइयों का प्रतीक है | मनुष्य के अंदर का दोष दुर्गुण, कषाय कल्मश, विकार – काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार हमारे जीवन को विषैला कर देता है | उसे परमात्मा शिव में अर्पित कर अपने बेशकीमती जीवन को कमल पुष्प समान बनायें व परमात्म- प्यार के अधिकारी बनें | मनुष्य जब दुखी होकर परमात्मा को पुकारते हैं तब वे इस धरा पर अवतरित होकर मानव मात्र को दुखों से छुड़ाते हैं | वे मनुष्य से काम क्रोध आदि विकारों एवं बुराइयों का दान मांगते हैं | जो नर नारी इन विकारों, दुर्गुणों को शिव पर चढ़ा देते हैं वे निर्विकारी बन सतयुगी पावन दुनिया के अधिकारी बनते हैं | इसी की स्मृति में शिवलिङ्ग पर अक धतूरा के फूल चढ़ाये जाते हैं |

श्री शंकर भी लगाते शिव का ध्यान – शंकर को सदा ध्यान की अवस्था में दिखाते हैं | इससे स्पष्ट है कि उनके भी कोई आराध्य हैं | लोग शिव और शंकर को एक होने का भूल करते हैं | दोनों अलग अलग हैं | ज्योति बिंदु परमात्मा निराकार हैं और शंकर हैं साकारी श्रेष्ठ देवता | शंकर निरंतर एकाग्र चित्त होकर शिव का स्मरण करते हैं | उनके संबंध में कहा जाता है कि तीसरा नेत्र खुलते ही विनाश ज्वाला प्रकट होती है | यह तप बल का प्रभाव है | यह तपस्या द्वारा प्राप्त शक्ति का परिणाम है | यह शक्ति उनके नेत्रों से दिखाई देती है |
श्री राम ने की शिव की पूजा | श्री कृष्ण ने भी की शिव की पूजा | श्री शंकर भी शिव के ध्यान में समाधि पर रहते हैं | इससे स्पष्ट है कि परमात्मा शिव ही सभी देवों के देव महादेव हैं | वही सत्यम्, शिवम्, सुंदरम् हैं और पारब्रह्म हैं | वे 33 करोड़ देवताओं के भी पिता हैं |

परमात्मा शिव परम धाम के निवासी हैं –
परमात्मा परम धाम जिसे शांतिधाम, ब्रह्मलोक, निर्वाण धाम, मुक्तिधाम , मोक्षधाम, शिवपुरी कहा जाता है, के निवासी हैं | तीन लोक होते हैं – 1 स्थूल लोक, 2 सूक्ष्म लोक, 3 परम धाम |
स्थूल लोक –
यह साकारी दुनिया या मनुष्य सृष्टि है जिसमें हम निवास करते हैं | यह पांच तत्वों – आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी से बनी है | इसे कर्म क्षेत्र भी कहते हैं क्योंकि यहां मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल भोगता है | इस स्थूल लोक में जन्म मरण है | इसमें संकल्प, वचन और कर्म तीनों हैं | स्थापना, पालना और विनाश परमात्मा के दिव्य कर्तव्य इसी लोक में होते हैं | यह सृष्टि मंच या विशाल नाटक शाला है जहां आत्मायें नियत समय पर अपना पार्ट बजाने आती जाती हैं |

सूक्ष्म लोक –
सूर्य, चांद के भी पार एक अति सूक्ष्म (अव्यक्त) लोक है | इसमें तीन पुरियां हैं – पहले सफेद रंग के प्रकाश तत्व में ब्रह्मा पुरी, उसके ऊपर सुनहले लाल प्रकाश में विष्णु पुरी, और उसके भी पार शंकर पुरी है | इन तीनों देवताओं की पुरियों को संयुक्त रूप से सूक्ष्म लोक कहते हैं क्योंकि इनके शरीर पांच तत्वों के बने नहीं हैं | प्रकाश के शरीर हैं | दिव्य दृष्टि द्वारा ही इनका साक्षात्कार हो सकता है | यहां संकल्प और गति तो है लेकिन वाणी या ध्वनि नहीं है | इसमें मृत्यु, दुख, भय या विकारों का नामोनिशान नहीं होता | धर्मराज पुरी भी इसी लोक में है |

परम धाम (ब्रह्म लोक) –
सूक्ष्म लोक से भी ऊपर एक असीम फैला हुआ तेज सुनहरे लाल प्रकाश है जिसे अखंड ज्योति, ब्रह्म महतत्व कहते हैं | यह ब्रह्म महतत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से भी अति सूक्ष्म है | इसका साक्षात्कार दिव्य चक्षु द्वारा ही हो सकता है | ज्योतिरबिंदु परम पिता परमात्मा इसी लोक में निवास करते हैं | सभी धर्मों की पवित्र आत्मायें भी अव्यक्त रूप में यहीं निवास करती हैं | यहां सभी अशरीरी (निराकारी) रहते हैं | इसलिए यहां न संकल्प है, न वचन है, न कर्म है | न सुख, न दुख बल्कि एक न्यारी अवस्था है – ‘बिंदु रूप |’ यहीं से आत्मायें अपने समय पर पार्ट बनाने सृष्टि मंच पर आती हैं | इसे मूल वतन भी कहते हैं |

शिव आराधना से होती है मोक्ष की प्राप्ति –
कोई भी मनुष्य दूसरे मनुष्य आत्माओं को क्षणिक सुख भले दे सकता है, लेकिन सदा काल के लिए परमात्मा ही दुखों से छुड़ा सकते हैं | वे सदा शिव हैं | उन्हें दुख हर्ता, सुख कर्ता कहते हैं | उनकी आराधना से सभी प्रकार के बंधन कटते जाते हैं | उनकी याद से विकर्म विनाश होते हैं | दोष, दुर्गुण दूर होते हैं और पाप भस्म होते हैं | परमात्मा ही दुखों से मुक्ति देता है |
मन की शांति केवल बाहरी साधनों से नहीं मिलती, भीतर की मनोवृत्ति को अनुकूल बनाना होता है | सुख शांति का श्रोत तो परमात्मा है | उनसे मन का नाता जोड़कर असीम सुख शांति और मोक्ष पा सकते हैं |

शिवरात्रि के सही अर्थ को समझें –
परमात्मा शिव का अवतरण कलियुग रूपी रात्रि में होता है | इसलिए शिव के अवतरण दिवस को शिवरात्रि कहा जाता है | वर्तमान समय कलियुग का सारा काल ही महारात्रि है | परमात्मा शिव इस धरती से पांचों विकारों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार) रूपी राक्षसों का खात्मा कर देते हैं जिससे धरती फिर से पावन हो जाती है |
अभी सृष्टि के महापरिवर्तन का समय चल रहा है | दुनिया तेजी से बदल रही है | प्रकृति, पुरुष और सत्ता सभी में बदलाव दिख रहा है | यह कलियुग के अंतिम चरण और सतयुग के प्रारंभ का समय है | परमात्म शक्ति द्वारा महा परिवर्तन हो रहा है | तीन सत्तायें काम कर रही हैं – परम सत्ता (सर्वोच्च सत्ता) , मनुष्य आत्मायें और प्रकृति | ऐसा परिवर्तन परमात्मा के सानिध्य में होता है | इसमें मनुष्यात्मा और प्रकृति दोनों ही पवित्र और सतोप्रधान बनते हैं | फिर नई दुनिया का आगमन होता है | यह वही समय है | एक ओर आसुरी प्रवृत्तियों का तांडव तो दूसरी ओर परमात्म शक्ति द्वारा पूरे विश्व का परिवर्तन | दोनों जारी है |
कहीं कहीं इस दिन को शंकर पार्वती के विवाह प्रसंग से जोड़ते हैं और कइयों का कहना है कि शंकर पार्वती का विवाह तो बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था |
शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को जानकर अब अपने तीसरे नेत्र को खोलिये और परमात्मा शिव से मिलन मनाइये | परमात्मा वह जिसे सबने माना | विश्व के कोने कोने में शिव पिता को ज्योतिर्लिङ्ग के रूप में विभिन्न नामों से याद करते व ईश्वर मानते हैं | यह वही ज्योति स्वरूप परमात्मा है, जिसे सबने माना और जिनके दिव्य अवतरण दिवस के यादगार पर्व को महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं |


▪️ डॉ.नीलकंठ देवांगन
▪️ संपर्क- 84355 52828

🕉🕉🕉🕉🕉🕉

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया
breaking National

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी
breaking Chhattisgarh

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’
breaking Chhattisgarh

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी
breaking Chhattisgarh

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले
breaking Chhattisgarh

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम
breaking Chhattisgarh

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
breaking Chhattisgarh

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा
breaking National

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार
breaking Chhattisgarh

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग
breaking Chhattisgarh

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन