■रक्षा बंधन विशेष : ■कुनाल राही.
♀ राखी
♀ -कुनाल राही
♀ पीलीभीत-उत्तरप्रदेश
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है,
भाई बहन के रिश्ते का,
एक प्यार ही आधार है,
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है,
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1-बनाने बाले ने ये राखी,
रेशमी धागे से बनाई है,
नवीन नवीन सितारों से,
ये राखी खूब सजाई है,
मंगलमय शुलभ सुखमय,
राखी का शुद्ध विचार है,
भाई बहन के रिश्ते का,
एक राखी ही आधार है,
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है,
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2-रक्षा सूत्र में बंधकर के,
भगवान भी फ़र्ज़ निभाते हैं,
इक चीर का मोल चुकाने को,
गिरधारी चीर बढ़ाते हैं,
बो पालनहार चला आता,
सुन बहन की करुंण पुकार है,
भाई बहन के रिश्ते का,
एक राखी ही आधार है,
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है,
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3-जिन भाइयों की बहन है होती,
बो भाई खुश नसीब होते हैं,
बो बहन खुद पे गर्व है करतीं,
जिनके भाई करीब होते हैं,
हर मम्मी पापा का इन से ही,
होता हरा भरा परिवार है,
भाई बहन के रिश्ते का,
एक राखी ही आधार है,
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है,
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4-मैं हूं खुश नसीब मैंने,
प्यार बहन का पाया है,
मेरे भी हिस्से में देखो,
प्यार बहन का आया है,
कुनाल राही निडर हो कहते,
हर की कृपा मुझपे अपार है,
भाई बहन के रिश्ते का,
एक प्यार ही आधार है,
ये जो राखी का त्योहार है,
ये भाई बहन का प्यार है।।
♀ कवि संपर्क-
♀ 79002 12074
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chhattisgarhaaspaas
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