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■स्तम्भ : ‘कोशिश’. ■अंजू साहू.
[ ●’कोशिश’ स्तम्भ में हम पहली बार जिनकी रचना ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ में शामिल हो रही है, उन्हें इस स्तम्भ के माध्यम से परिचय कराएंगे. ]
♀ कौन हूं मैं
♀ अंजू साहू
[ भिलाई नगर,छत्तीसगढ़ ]
बचपन से जवानी तक
बुढ़ापे से मौत तक
प्रश्न यही उठता है
कौन हुं मै
पापा की बेटी हुं
भाई की बहन हुं
पत्नी, चाची,नानी हुं
कौन हु मैं
इन सब रिश्तों में
चलती रही निभाती रही
फिर भी सोचती रही
कौन हु मैं
सपनो की उड़ान मेरी
मन की बैचेनी
खुद को तलाशती रही
कौन हुं मै
ग्रहणी, विवाहित सही
क्या जीवन का उद्देश्य यही
क्या यही कहानी मेरी
कौन हुं मै
मेरी इच्छा, मेरी खुशी
क्या किसी को दिखती नहीं
एकांत में प्रश्न यही
कौन हुं मै
चाहती हूं उन्मुक्त आकाश
ख्वाईशों की मंजिल तलाश
ढुंढना है खुद को मुझे
कौन हुं मै
[ ●साहित्यकार जयराम साहू ‘जय’ की सुपुत्री हैं अंजू साहू. ●अंजू साहू मिसेज इंडिया यूनिवर्स,प्राइड ऑफ छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ आइडियल रह चुकी है. ●’उड़ान’ एक मंजिल की अध्य्क्ष हैं. ●रचनात्मक लेखन में उनकी रुचि है. ●’छत्तीसगढ़ आसपास’ में अंजू साहू की पहली रचना.
-संपादक ]
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chhattisgarhaaspaas
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