- Home
- Chhattisgarh
- ▶️ भिलाई : निजी दुर्घटना बीमा का प्रमाणीकरण अब मार्च – 2023 तक करेंगे बीएसपी के डॉक्टर…
▶️ भिलाई : निजी दुर्घटना बीमा का प्रमाणीकरण अब मार्च – 2023 तक करेंगे बीएसपी के डॉक्टर…
▶️ अगले वित्तीय वर्ष से बीएसपी कार्मिकों के सदस्यों द्वारा संचालित सहकारी सोसाइटी को करना होगा बीमा कंपनियों से करार, मैंनेजमेंट ने जारी किया सर्कुलर.

भिलाई : भिलाई स्टील प्लांट में सेवारत अफसर और गैर अफसर वर्ग के निजी दुर्घटना बीमा दावा के लिए बीएसपी मैनेजमेंट ने नई व्यवस्था बनाई है। इसके लिए बीएसपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से गुरुवार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सर्कुलर जारी हो गया है। सीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) डॉ प्रमोद विनायके के हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर के मुताबिक नई व्यवस्था 31 मार्च 2023 तक लागू रहेगी।
इस्पात कर्मचारी को-आपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 के अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने इस संबंध में बताया कि विभिन्न सहकारी संस्थाओं (को-आपरेटिव) में सदस्य बीएसपी कर्मियों का सामूहिक दुर्घटना बीमा सोसाइटी करती है। जिसका वार्षिक प्रीमियम दिया जाता है। इस बीमा में निधन होने पर एकमुश्त तय राशि दी जाती है तथा दुर्घटना में घायल होने पर साप्ताहित क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। यह क्षतिपूर्ति दावा फार्म भरकर इलाज करने वाले डाक्टर से प्रमाणित करवाकर सोसाइटी के माध्यम से ही इंश्योरेंस कंपनी के पास भेजा जाता रहा है। मिश्र ने कहा कि कुछ माह पूर्व से कतिपय कारणों से दावा फार्म का प्रमाणीकरण रुका हुआ था।
इस संदर्भ में इस्पात कर्मचारी को-आपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी सेक्टर-6 अध्यक्ष के तौर पर वह स्वयं और संचालक मंडल के सदस्य हरिराम यादव, विनोद कुमार वासनिक, अमिताव वर्मा, पवन साहू और हितचिंतक को-आपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी सेक्टर-1 के अध्यक्ष अनुप कुमार मजुमदार ने नियमित रूप से सीएमओ डॉ. प्रमोद बिनायके से संपर्क कर इस समस्या का निदान करने का अनुरोध किया था। वहीं इस समस्या को तत्कालीन ईडी पीएंडए इंचार्ज केके सिंह के समक्ष भी रखा गया था। श्री सिंह ने इस संदर्भ में डॉ. बिनायके से चर्चा कर समाधान निकालने कहा था। इसके बाद गुरूवार को इस आशय का परिपत्र जारी कर दिया।सोसाइटी ने नया सर्कुलर जारी होने पर बीएसपी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है।
7 दिन पूरी होंगी सभी कार्यवाही, नहीं लगेगा कोई भी शुल्क
जारी सर्कुलर के मुताबिक आवेदन/दावा के लिए पत्र रिकॉर्ड सेक्शन के द्वारा स्वीकार किया जाएगा और इसका एक अलग से रजिस्टर रखा जाएगा। निजी दुर्घटना बीमा से संबंधित सभी रिकॉर्ड डिजिटल स्वरूप में भी अलग से रखे जाएंगे इससे संबंधित सारी कार्यवाही 7 दिन के भीतर पूरी कर ली जाएगी। विभाग वार चिकित्सकों की सूची बनाई जाएगी जिससे बीमा दावा के प्रमाणीकरण में बेहतर ढंग से समन्वय हो सके।
इस संदर्भ में यदि किसी डॉक्टर को न्यायालय/ बीमा प्राधिकरण के सम्मन भेज कर बुलाया जाता है तो उस दिन संबंधित डॉक्टर की ड्यूटी पर उपस्थिति मानी जाएगी। बीमा दावा के प्रमाणीकरण के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपरोक्त सुविधा 31 मार्च 2023 तक लागू रहेगी तथा 1 अप्रैल 2023 से समस्त कोऑपरेटिव सोसायटी व संबंधित एजेंसियां को अनुरोध किया गया है कि बीमा कंपनी के साथ करार कर लें जिससे संबंधित बीमा कंपनी के इंपैनल्ड डॉक्टर इस क्लेम का प्रमाणीकरण करें।
[ •’ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ शहर संवाददाता ]
⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)