5 जून पर्यावरण दिवस पर विशेष रचना : बलदाऊ राम साहू
•जीवन में खुशियाँ हम लाएं
आओ घर-घर अलख जगाएँ
सुंदर पर्यावरण बनाएँ।
काट रहे हैं जो वृक्षों को
उनको जाकर हम समझाएँ।
व्यर्थ बहाए पानी कोई
जल का मतलब हम बतलाएँ।
आसपास गर जाना हो तो
पैदल ही हम चलकर जाएँ।
और पास की रखें सफाई
कूड़ा – करकट न फैलाएँ।
हाट-बाजार जब भी जाएँ
कर में थैला लेकर जाएँ।
पॉलिथिन दुश्मन है अपना
मन में ऐसा भाव जगाएँ।
कहीं भूल अपने से होए
गलती से भी न दोहराएँ।
पर्यावरण को सुखद बनाकर
जीवन में खुशियाँ हम लाएँ।
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•धरती ल सुघर बनाना हे
धरती ल सुघर बनाना हे
रुखवा हमला लगाना हे
पानी ल घलो बचाना हे।
पानी हावय त जीवन हे
सब झन ल ये समझाना हे।
आज हम जी नइ चेतेन त
जान लेवो पछताना हे।
सेती – मेती बात करना
ये तो भाई बहाना हे।
मन ले, तन ले अउर धन ले
नवा सोच आज लाना हे।
रुख-राई जीव-जंतु सँग
हरदम पीरित निभाना हे।
धरती हमर रहे पवित्तर
काम करके जी दिखलाना।
नवा जुगत लगा के हमला
धरती ल सुघर बनाना हे।
•संपर्क –
•94076 50458
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chhattisgarhaaspaas
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