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- भिलाई : बंगीय साहित्य संस्था : प्रति शनिवार को आयोजित ‘ कॉफी विथ साहित्यिक आड्डा ‘ में इस सप्ताह के रचनाकार थे – श्रीमती स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, वीरेंद्र नाथ सरकार और अलोक कुमार चंदा.
भिलाई : बंगीय साहित्य संस्था : प्रति शनिवार को आयोजित ‘ कॉफी विथ साहित्यिक आड्डा ‘ में इस सप्ताह के रचनाकार थे – श्रीमती स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, वीरेंद्र नाथ सरकार और अलोक कुमार चंदा.

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास के लिए इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास से अलोक कुमार चंदा] : बांग्ला साहित्यकारों द्वारा स्थापित ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की स्थापना 60 वर्ष पूर्व बांग्ला के सुप्रसिद्ध लेखक कवि स्व. शिबव्रत देवानजी ने इस्पात नगरी भिलाई में की थी, तब से ये संस्था अनवरत सुचारु रूप से संचालित हो रही है. इस समय ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के सभापति बांग्ला की सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती बानी चक्रवर्ती और महासचिव लेखक व कवि शुभेंदु बागची हैं. ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ द्वारा त्रिमासिक पत्रिका ‘ मध्यबलय ‘ का प्रकाशन नियमित रूप से किया जाता है. ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका के संपादक बांग्ला और हिंदी के कवि दुलाल समाद्दार हैं.

[ बाएँ से : •पल्लव चटर्जी •वीरेंद्र नाथ सरकार •दुलाल समाद्दार •प्रकाश चंद्र मण्डल •अलोक कुमार चंदा और •स्मृति दत्ता ]
इस सप्ताह ‘ कॉफी विथ साहित्यिक आड्डा ‘ का सभापतित्व संस्था की उपसभापति श्रीमती स्मृति दत्ता ने किया. काव्यपाठ का संचालन प्रकाश चन्द्र मण्डल ने किया…
वीरेंद्र नाथ सरकार ने ‘ आप्रोचित ‘ और ‘ सुर – सुर ‘
दुलाल समाद्दार ने ‘, आगुने घुमिये आछे.. ‘
प्रकाश चंद्र मण्डल ने ‘ विभीषिका ‘, ‘ उन्हें जीने दो…’ और ‘ शौभी शुन्यो..’
स्मृति दत्ता ने ‘ मानुष ‘ और ‘ यंग बंगाल ओ टी…’
पल्लव चटर्जी ने ‘ बैथा याने दर्द.. ‘ और ‘ तुमी चाइले फिरे जेते पारो… ‘ शीर्षक से कविता का पाठ किए.

आभार व्यक्त दुलाल समाद्दार ने किया.
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