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राजनांदगांव : ‘ साकेत साहित्य परिषद ‘ ने 31 जुलाई को कलम के सिपाही प्रेमचंद को याद किया

राजनांदगांव [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़] : साकेत साहित्य परिषद सुरगी जिला – राजनांदगांव में परिषद के कोषाध्यक्ष सचिन निषाद के संयोजन में हरदी के निषाद केंवट भवन में मासिक बैठक, परिचर्चा एवं सावन के सोर काव्य गोष्ठी आयोजित किया गया. प्रथम दौर में कलम के सिपाही, कहानी एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कृतियों पर चर्चा की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार कुबेर सिंह साहू ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगांव के अध्यक्ष अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा उपस्थित थे. अध्यक्षता कर रहे कुबेर सिंह ने कहा कि प्रेमचंद कालजयी रचनाकार है. उन्होंने तत्कालीन समाज में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों छुआछूत, आडंबर, भ्रष्टाचार,दिखावा के साथ ही स्त्रियों ,किसानों, मजदूर और दलित वर्ग की दुर्दशा का यथार्थ चित्रण किया है. उनकी कहानी और उपन्यास पुरुष पात्र की अपेक्षा ज्यादा सशक्त नजर आती है. परिचर्चा में अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु वरिष्ठ साहित्यकार, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर, अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा , रोशन लाल साहू, मदन मंडावी ने अपने विचार व्यक्त किए. तत्पश्चात सावन के सोर काव्य गोष्ठी का दौर चला जिसमें राज कुमार चौधरी रौना,सचिन निषाद , भूखन वर्मा, युनुस अजनबी,आनंद सार्वा, रोशन लाल साहू,पवन यादव पहुना, बलराम सिन्हा रब, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, ओमप्रकाश साहू अंकुर,लखन लाल साहू लहर,मदन मंडावी, डोहर दास साहू, मान सिंह ठाकुर ने काव्य पाठ किया. इससे पहले गोष्ठी की शुरुआत में साकेत के 24 वां वार्षिक सम्मान समारोह 24 सितंबर को धामनसरा में आयोजित करने और साकेत स्मारिका 2023 प्रकाशन करने का निर्णय लिया गया.
परिचर्चा का संचालन ओमप्रकाश साहू ‘ अंकुर ‘, कवि गोष्ठी का संचालन पवन यादव ‘ पहुना ‘ और आभार व्यक्त सचिन निषाद ने किया.
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