कविता आसपास : उमेश दीक्षित
[ •प्रथम बटालियन भिलाई दुर्ग के उमेश दीक्षित ओज के कवि के रूप में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. •’ अर्जन साहित्य समिति ‘ के अध्यक्ष उमेश दीक्षित 25 वर्षों से राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय पर्वों पर मंच संचालन कर रहे हैं. •मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश की अनेक साहित्य समितियों/संस्थान द्वारा सम्मान. •राज्यस्तरीय एवं अखिल भारतीय मंचों पर कविता पाठ के साथ अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं में कविताओं का निरंतर प्रकाशन. •’ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के लिए पहली रचना. – संपादक ]
🌸 पूर्निका
– उमेश दीक्षित
माँ पूंछ रही थी ममत्व का महत्व,
विश्लेषण कर रहा था मैं!
बहन पूंछ रही थी राखी का अस्तित्व,
बयां कर रहा था मैं!
भाई पूंछ रहा था तालमेल का मेल,
निर्देशन कर रहा था मैं!
पिता पूंछ रहे थे फर्ज दायित्व,
उत्तर दे रहा था मैं!
पुत्र पूंछ रहा था कर्तव्य निर्वहन का अर्थ,
समझाइश दे रहा था मैं!
पत्नी पूंछ रही थी प्रेम की परिभाषा,
परिभाषित कर रहा था मैं!
क्योंकि आज सभी रिश्ते मेरे काबू में हैं,
और कोई नहीं बाज़ार हूँ मैं!
•कवि संपर्क –
•94255 61376
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chhattisgarhaaspaas
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